खेल: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास और युवराज ने दिया वैभव सूर्यवंशी को नया नाम

भारत ऐसा पहला देश बन गया, जिसने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच जीता है। भारत के पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को नया नाम दिया है।

महिला टेस्ट मैच: लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदकर भारत की बेटियों ने इतिहास रचा
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भारत ने महिला क्रिकेट टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा

भारत की बेटियों ने सोमवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 270 रन से दमदार जीत दर्ज करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत ऐसा पहला देश बन गया, जिसने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच जीता है। यह लॉर्ड्स के मैदान पर महिलाओं का पहला टेस्ट मैच था।

टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। इस पारी में स्मृति मंधाना ने 83 रन, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की पारी खेली। इनके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 57 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से सोफी एक्लेस्टोन ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए।

 इसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। महज 47 के स्कोर तक टीम ने अपने 4 विकेट खो दिए थे। यहां से कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने एमी जोंस के साथ पांचवें विकेट के लिए 84 रन जुटाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद मेजबान टीम फिर से लड़खड़ा गई। ब्रंट 44 रन बनाकर आउट हुईं। जोंस ने 52 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। भारत की तरफ से क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट निकाले।

 मेहमान टीम के पास पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त थी। इसके बाद भारत ने अपनी दूसरी पारी 341/7 के स्कोर पर घोषित की। इस पारी में यास्तिका भाटिया ने 14 चौकों के साथ 113 रन बनाए। वह लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनीं। उनके अलावा, स्मृति मंधाना ने 70 रन और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की तरफ से सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट निकाले।

युवराज ने दिया वैभव सूर्यवंशी को नया नाम, 15 वर्षीय बल्लेबाज को मेंटर करने की जताई इच्छा

भारत के पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को नया नाम दिया है। युवराज ने उन्हें 'टर्मिनेटर 6' वैभव सूर्यवंशी बताया है। इसके साथ ही उन्होंने वैभव का मेंटर बनने की इच्छा भी जाहिर की है। 

वैभव ने भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ मिले तीन मौकों को वैभव भुनाने में नाकाम रहे और वह 3 मैचों में सिर्फ 42 रन ही बना सके।

युवराज ने 'जियोस्टार' पर कहा, "मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब 'टर्मिनेटर 4' अभिषेक शर्मा हैं, जो मुझसे चार गुना बेहतर हैं। उनके बाद 'टर्मिनेटर 6' वैभव सूर्यवंशी आते हैं, जो और भी ज्यादा बेहतर हुए हैं। मैंने अपने समय में अपना काम किया, अभिषेक ने इसे और आगे बढ़ाया, और अब वैभव नए स्टैंडर्ड सेट कर रहे हैं। यह उसी सफर का तीसरा चरण है। खेल को आगे बढ़ते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है।"

उन्होंने आगे कहा, "जब मैं सिनर और अल्काराज को देखता हूं, तो मुझे दिखता है कि टेनिस कैसे बदल रहा है। मुझे अभिषेक और वैभव में भी वही बदलाव दिखता है। मैंने अभिषेक को ट्रेनिंग देने में काफी समय बिताया है, और मैं वैभव के साथ भी समय बिताना पसंद करूंगा। उनका करियर बहुत शानदार होने वाला है। वह भविष्य के एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, और मुझे यकीन है कि वह उस मुकाम तक पहुंचेंगे।"


'यह मेरे लिए गर्व का पल है', लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक लगाने पर बोलीं यास्तिका भाटिया

इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर रविवार को शतक लगाकर इतिहास रचा। चोट के कारण एक साल टीम से बाहर रहने वाली यास्तिका ने अपनी इस उपलब्धि को सपने के सच होने जैसा बताया है। 

 उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में जब उन्होंने शतक पूरा किया, तो उन्हें अपनी वापसी के सफर की यादें और भावनाएं फिर से ताजा हो गईं। यास्तिका की 113 रनों की शानदार पारी ने न केवल लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर उनका नाम दर्ज कराया, बल्कि उन्हें इस ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बनाया।

चोट के कारण जब यास्तिका लंबे समय तक खेल से दूर थीं और रिहैब कर रही थीं, उस दौरान उन्हें घरेलू वनडे वर्ल्ड कप और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी दूर रहना पड़ा। बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने माना कि ऐसे पल भी आए जब ऐसी उपलब्धि नामुमकिन लगती थी।

बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए वीडियो में यास्तिका ने कहा, "यह बहुत मुश्किल था। उस एक साल में मतलब मैं किसी भी बड़े टूर्नामेंट जैसे घरेलू वर्ल्ड कप और डब्ल्यूपीएल में नहीं खेल पाई। विश्व कप में खेलने का सपना हर कोई देखता है, लेकिन मैं उससे ठीक पहले चोटिल हो गई। इसके बाद महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) भी नहीं खेल पाई। वह दौर काफी मुश्किल था। हालांकि, बहुत से लोगों ने मेरा साथ दिया। टीम का साथ मिला और उस समय मेरे परिवार का सपोर्ट बहुत बड़ा था।"

'आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड के लिए गिल, हुसैन और स्मिथ नामित

भारतीय कप्तान शुभमन गिल के साथ बांग्लादेशी ऑलराउंडर मोसाद्देक हुसैन और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ को जून महीने के 'आईसीसी मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड के लिए नामित किया गया है।

शुभमन गिल अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान जबरदस्त फॉर्म में थे और उन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में टीम की अगुवाई की। इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने महीने की शुरुआत न्यू चंडीगढ़ में खेले गए एकमात्र टेस्ट में भारत की पारी से जीत के दौरान शानदार 126 रन बनाकर की थी, जो उनके टेस्ट करियर की 11वीं सेंचुरी थी।

गिल ने अपनी शानदार फॉर्म को वनडे सीरीज में भी जारी रखा, जहां उन्होंने सिर्फ दो पारियों में 238 रन बनाए। धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे में नाबाद 84 रन बनाने के बाद, गिल ने लखनऊ में 154 रन जड़े थे।

पारी के दौरान गंभीर ऐंठन से जूझने के बावजूद, गिल ने भारत की जीत सुनिश्चित करने के लिए तेजी से रन बनाए। उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया था। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की थी।


सीएसके ने आईपीएल के शुरू से साथ में रहे फ्लेमिंग से नाता तोड़ा

 पांच बार की आईपीएल चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने पिछले तीन सत्र में प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद लंबे समय से टीम के मुख्य कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग से अलग होने का फैसला किया है।

फ्लेमिंग पहली बार 2008 में आईपीएल के उद्घाटन सत्र में एक खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल हुए थे। वह 2009 से टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे थे।

फ्लेमिंग ने सोमवार को सीएसके के एक बयान में कहा, ‘‘खेल जगत में 18 साल लंबा समय होता है। मैं इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया मेरा समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे महत्वपूर्ण दौर रहा है। इस बीच हमने जो कुछ भी हासिल किया है, उस पर मुझे गर्व है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने साथ मिलकर अविस्मरणीय जीत का जश्न मनाया, मुश्किल पलों का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जिन्हें मैं ताउम्र संजोकर रखूंगा। सीएसके हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी और मैं आने वाले वर्षों में भी टीम का हौसला बढ़ाता रहूंगा।’’

आईएएनएस और पीटीआई के इनपुट के साथ

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