Tokyo Olympics में इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने बताया- गोल्ड हासिल करने से ठीक पहले उनके मन में क्या चल रहा था

नीरज चोपड़ा ने कहा कि जब मैं स्टेडियम गया, तो खेल कभी भी योजना का हिस्सा नहीं था, न ही देश के लिए खेल रहा था और न ही पदक जीत रहा था। मेरे परिवार या मेरे गांव में कोई भी खेल में नहीं है। बाद में मैंने वास्तव में कड़ी मेहनत की और सभी से बहुत समर्थन मिला।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने बताया, “मैं ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता था, लेकिन जब तक मैं स्वर्ण पदक के बारे में निश्चित नही हुआ, तब तक मुझे आराम नहीं मिला। अन्य प्रतिभागी बहुत अच्छे थे और किसी भी थ्रो के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। जैसे ही मैंने उनका आखिरी प्रयास देखा, मुझे पता था कि मुझे गोल्ड मिल रहा है और मैंने जश्न मनाया।”

नीरज ने कहा, “जब मैं स्टेडियम गया, तो खेल कभी भी योजना का हिस्सा नहीं था, न ही देश के लिए खेल रहा था और न ही पदक जीत रहा था। मेरे परिवार या मेरे गांव में कोई भी खेल में नहीं है। बाद में मैंने वास्तव में कड़ी मेहनत की और सभी से बहुत समर्थन मिला।”

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Published: 08 Aug 2021, 11:10 AM