पीवी सिंधु का कमाल, वर्ल्ड टूर फाइनल्स में बनाई जगह, 4 साल बाद खिताब जीतने का मौका
पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। टूर्नामेंट 9 से 13 दिसंबर तक चीन के हांगझोऊ में खेला जाएगा।

पीवी सिंधु ने 9 से 13 दिसंबर तक चीन के हांगझोऊ में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
सिंधु 2021 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में खेलेंगी। वह 2018 में महिला एकल का खिताब जीतने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।
हाइलो ओपन का खिताब जीतना सिंधु के क्वालीफाई करने में अहम रहा, जिससे उनकी रैंकिंग में दो स्थान का सुधार हुआ।
इस सीजन सिंधु का यह दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले उन्होंने फ्रेंच ओपन का फाइनल भी खेला था।
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने साल के आखिर में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। सिंधु 2021 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। वह इस प्रतियोगिता का महिला एकल खिताब जीतने वाली अब तक की एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।
वर्ल्ड टूर फाइनल्स का आयोजन 9 से 13 दिसंबर तक चीन के हांगझोऊ में होगा। सिंधु के अलावा एन से-यंग, अकाने यामागुची, वांग झी यी और चेन यू फेई ने भी टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। साल के आखिर में होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ खिलाड़ियों और जोड़ियों को इस प्रतियोगिता में जगह मिलती है।
हाइलो ओपन का खिताब जीतने से मिली बड़ी कामयाबी
सिंधु के लिए हाल ही में हाइलो ओपन का खिताब जीतना वर्ल्ड टूर फाइनल्स का टिकट हासिल करने में निर्णायक साबित हुआ। इस सुपर 500 टूर्नामेंट में जीत से उन्हें 9,200 रैंकिंग अंक मिले। इसके बाद बीडब्ल्यूएफ की ताजा रैंकिंग में वह दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गईं।
हाइलो ओपन इस सीजन में सिंधु का दूसरा खिताब था। उनके नाम अब तक सात बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब हैं। इससे पहले उन्होंने फ्रेंच ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी, लेकिन दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा ओलंपिक एवं विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की एन से-यंग के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
2018 में सिंधु ने जीता था वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब
सिंधु इससे पहले 2021 में वर्ल्ड टूर फाइनल्स में खेली थीं। उन्होंने 2022 में भी इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन चोट के कारण नाम वापस लेना पड़ा था। साल 2018 में उन्होंने जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर महिला एकल का खिताब जीता था। वह इस टूर्नामेंट को जीतने वाली एकमात्र भारतीय शटलर हैं।
इस बार टूर्नामेंट में महिला एकल वर्ग की आठ जगहों के लिए मुकाबला है। सिंधु समेत पांच खिलाड़ियों ने क्वालीफाई कर लिया है, जबकि बाकी तीन स्थानों के लिए जापान की तोमोका मियाजाकी और नोजोमी ओकुहारा, थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन और पोर्नपावी चोचुवोंग, इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी और डेनमार्क की लाइन क्रिस्टोफरसेन दौड़ में हैं।
वर्ल्ड टूर फाइनल्स की तैयारी के लिए छोड़े दो टूर्नामेंट
हाइलो ओपन का खिताब जीतने के बाद सिंधु ने अपनी फिटनेस और आराम को प्राथमिकता दी है। उन्होंने वर्ल्ड टूर फाइनल्स की तैयारी के लिए कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। 2022 के बाद यह पहला सीजन है, जब सिंधु ने एक से अधिक बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम किए हैं।
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