आर प्रगनानंद ने वर्ल्ड चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर रचा इतिहास, विश्वनाथन आनंद को भी छोड़ा पीछे

भारतीय ग्रैंड मास्टर आर प्रगनानंद ने विश्वनाथन आनंद को लाइव रेटिंग में पीछे छोड़ दिया है। वे भारतीय प्लेयर्स की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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18 वर्षीय रमेशबाबू प्रगनानंद ने नीदरलैंड के विज्क आन ज़ी में टाटा स्टील मास्टर्स में मौजूदा विश्व चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर लाइव क्लासिकल शतरंज रैंकिंग में विश्वनाथन आनंद को पीछे छोड़ दिया। प्रगनानंद 2748.3 रेटिंग अंकों के साथ दो स्थान की छलांग लगाकर कुल मिलाकर 11वें स्थान पर पहुंच गए, जो आनंद से 0.3 अधिक है।

उन्होंने इस बड़ी जीत के साथ प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के चौथे दौर में प्रवेश किया। वह विश्वनाथन आनंद के बाद क्लासिकल शतरंज में मौजूदा विश्व चैंपियन को हराने वाले केवल दूसरे भारतीय हैं।

वहीं, पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद के 2748 अंक हैं। विश्व शतरंज संस्था हर महीने की शुरुआत में खिलाड़ियों की रेटिंग जारी करती है। आर प्रगनानंद टूर्नामेंट में काले मोहरों के साथ खेले। प्रगनानंद ने 62 चालों में बाजी अपने नाम की। इसके साथ ही वह क्लासिकल शतरंज में मौजूदा विश्व चैंपियन को हराने वाले दूसरे भारतीय बन गए। प्रगनानंद ने इसी टूर्नामेंट के 2023 संस्करण में भी डिंग लिरेन को हराया था।

आर प्रगनानंद ने मैच के बाद कहा, ‘यह बहुत अच्छा अहसास है।’ उन्होंने Chess.com से कहा, ‘मुझे लगा कि मैंने बहुत आसानी से बराबरी कर ली और फिर किसी तरह चीजें उसके लिए (डिंग लिरेन) गलत होने लगीं।’ आर प्रगनानंद के मास्टर्स ग्रुप में अब 2.5 अंक हो गए हैं और वह तालिका में तीसरे स्थान पर हैं।

गौरतलब है कि प्रगनानंद के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वे 2016 में सबसे युवा इंटरनेशनल मास्टर बने थे। प्रगनानंद ने महज 10 साल और 10 महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ली थी। वे पहली बार 2017 में ग्रैंड मास्टर बने थे। वहीं इसके बाद 2018 में भी उपलब्धि हासिल की। प्रगनानंद तमिलनाडु के चेन्नई से हैं। उनका जन्म 2005 में हुआ था। उनके पिता रमेशबाबू एक बैंक में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

प्रगनानंद अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारूआना को भी हरा चुके हैं। उन्होंने अगस्त 2023 में चेस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जीत दर्ज करके फाइनल में जगह बनाई थी। प्रगनानंद ने सेमीफाइनल के टाईब्रेक में कारूआना को हराया था। वे चेस वर्ल्ड कप के इतिहास में फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय बने थे। इससे पहले विश्वनाथन आनंद यह कमाल कर चुके हैं। प्रगनानंद को फाइनल मैच में मैग्नस कार्लसन ने हरा दिया था।

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