खेल की खबरें: टीम इंडिया ने ODI सीरीज के लिए तैयारी की शुरू और फॉर्मूला-ई की मेजबानी करने वाला पहला शहर बना हैदराबाद

भारतीय टीम अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए तैयारी कर रही है और हैदराबाद ने सोमवार को फॉर्मूला-ई विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला पहला भारतीय शहर बनने का गौरव हासिल किया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारतीय टीम ने वनडे सीरीज के लिए तैयारी शुरू की

भारतीय टीम ने राहुल द्रविड़ की कोचिंग में वनडे सीरीज के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बीसीसीआई ने कुछ फोटो ट्विटर पर डालते हुए इसकी जानकारी दी है। दक्षिण अफ्रीका के बोलैंड पार्क में टीम इंडिया की तैयारियों को लेकर बोर्ड ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि एकदिवसीय मोड ऑन हो गया है। हम यहाँ बोलैंड पार्क में तैयारी शुरू करने के लिए आ गए हैं। भारतीय टीम में कप्तान केएल राहुल होंगे। रोहित शर्मा चोट की वजह से दक्षिण अफ्रीका दौरे पर नहीं जा पाए। ऐसे में टीम इंडिया को एक नया कप्तान केएल राहुल के रूप में मिला है। जसप्रीत बुमराह को उपकप्तान बनाया गया है। देखना होगा कि दक्षिण अफ्रीका में आने वाली चुनौतियों का सामना भारतीय टीम वनडे सीरीज में किस तरह करेगी। हालांकि पूर्व कप्तान विराट कोहली टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में टीम के लिए वह एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम रहेंगे। केएल राहुल के लिए दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज की कप्तानी एक नया अनुभव रहेगा। हालांकि टेस्ट सीरीज में उन्होंने एक मैच में कप्तानी की थी। दूसरे टेस्ट में विराट कोहली की अनुपस्थिति में केएल राहुल को कप्तान बनाया गया था।

'केपटाउन टेस्ट के बाद कोहली ने कहा था कि वह कप्तानी छोड़ देंगे'

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह ने सोमवार को खुलासा किया है कि विराट कोहली ने कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में केपटाउन टेस्ट के बाद एक बैठक में टीम को पहले ही सूचित कर दिया था। बुमराह ने कहा, "हम एक टीम के रूप में उनके बहुत करीब रहे हैं। उन्होंने एक बैठक में हमसे कहा कि वह टेस्ट कप्तानी छोड़ देंगे। उन्होंने हमें एक टीम के रूप में इसकी जानकारी दी। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं और उनके नेतृत्व को बहुत महत्व देते हैं।" बुमराह ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने उन्हें एक टीम के रूप में टेस्ट में उनके योगदान के लिए बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यही बातचीत उनके साथ हुई।" बुमराह ने आगे कहा कि पूर्व कप्तान कोहली हमेशा ग्रुप में लीडर रहेंगे। उनकी टिप्पणी कोहली द्वारा शनिवार को घोषणा किए जाने के बाद आई है कि जब वह तत्काल प्रभाव से टेस्ट कप्तानी से हट गए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से पार्ल में शुरू होने वाली आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज, एक खिलाड़ी के रूप में उनकी पहली सफेद गेंद वाली सीरीज होगी।

उन्होंने कहा, "देखिए, मैं उनको लेकर कोई फैसला करने के लिए यहां नहीं हूं। लेकिन हां, व्यक्तिगत रूप से हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं। वह जानते हैं कि वह किस मानसिक स्थिति में हैं। हम इसका सम्मान करते हैं और मुझे उनके नेतृत्व में खेलने में बहुत खुशी हुई क्योंकि मैंने अपना टेस्ट डेब्यू उन्हीं के नेतृत्व किया था।" उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि वह बहुत सारी ऊर्जा टीम के लिए लाते हैं। वह हमेशा समूह में एक लीडर रहेंगे और उसका योगदान बहुत बड़ा रहा है और आगे भी बहुत बड़ा होने जा रहा है।"

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ISL टीम मुंबई सिटी एएफसी चैंपियंस लीग में करेगी डेब्यू

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की गत चैंपियन मुंबई सिटी एएफसी चैंपियंस लीग 2022 में डेब्यू करेगी। यह जानकारी क्लब ने एक बयान में दी। आईएसएल 2021 चैंपियन को ग्रुप बी में यूएई के एएल जजीरा, सऊदी अरब के अल शबाब और इराक के एयर फोर्स क्लब के साथ रखा गया है। मुंबई सिटी के एएफसी चैंपियंस लीग के ग्रुप स्टेज खेलों के आयोजन की तारीख और स्थान की घोषणा नियत समय में की जाएगी। क्लब ने कहा, "ड्रॉ में चार-चार के 10 समूहों में 40 टीमें बनाई गई थीं, जिसमें पश्चिम क्षेत्र में पांच समूह (ए-ई) और पूर्वी क्षेत्र में पांच समूह (एफ-जे) हैं।" डेब्यूटेंट मुंबई सिटी एएफसी चैंपियंस लीग ग्रुप स्टेज के लिए क्वालीफाई करने वाला दूसरा भारतीय पक्ष होगा। चार क्लब एएफसी चैंपियंस लीग में डेब्यू करने के लिए तैयार हैं, जिसमें मुंबई सिटी सऊदी अरब के अल फैसली एफसी और तुर्कमेनिस्तान के अहल एफसी के साथ पश्चिम क्षेत्र में शामिल है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई ए-लीग चैंपियन मेलबर्न सिटी पहली बार ईस्ट रीजन ड्रा में शामिल होगी। 2014 में आईएसएल सीजन के उद्घाटन से पहले मुंबई सिटी ने घरेलू टूर्नामेंट का सीजन खेला है। वहीं, 2020/21 सीजन के साथ फाइनल में एटीके मोहन बागान को हराकर अपना पहला खिताब जीता। ग्रुप ए, बी और सी में वेस्ट जोन के क्लब होंगे और एसियान जोन ग्रुप एच, आई और जे के लिए होंगे, जबकि ग्रुप ई और एफ में सेंट्रल जोन की टीमें रहेंगी।

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फॉर्मूला-ई की मेजबानी करने वाला पहला शहर बना हैदराबाद

हैदराबाद ने सोमवार को फॉर्मूला-ई विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला पहला भारतीय शहर बनने का गौरव हासिल किया है। शहर की इस साल नवंबर और मार्च 2023 के बीच इलेक्ट्रिक कारों की पहली रेस की मेजबानी करने की उम्मीद है। तेलंगाना सरकार और फॉमूर्ला ई एसोसिएशन ने मिलकर इस रेस का आयोजन करेंगे। ग्रीनको ने हैदराबाद को फॉमूर्ला ई रेस की मेजबानी करने पर सहमति जताई है। तेलंगाना के उद्योग मंत्री के टी रामाराव, एफआईए फॉर्मूला ई के मुख्य चैपिंयनशिप अधिकारी अल्बटरे लोंगो, ग्रीनको समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल चलमासेट्टी, महिंद्रा रेसिंग के सीईओ, टीम प्रिंसिपल दिलबाग गिल और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हैदराबाद में त्रिपक्षीय आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। हैदराबाद अब रोम, पेरिस, लंदन, हांगकांग, न्यूयॉर्क और बर्लिन के एलीट क्लब में शामिल हो जाएगा। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनेल डी ऑटोमोबाइल द्वारा हर साल आयोजित रेस की मेजबानी दुनियाभर के अठारह शहर कर रहे हैं।

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टाटा फुटबॉल एकेडमी ने पूरे किये 35 साल

भारत में अलग-अलग आयु वर्ग की राष्ट्रीय फुटबॉल टीमों को 150 खिलाड़ी देने वाली जमशेदपुर स्थित टाटा फुटबॉल एकेडमी ने आज 35 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर ली है। इन वर्षों में इस एकेडमी ने अकेले देश को जितने स्टार फुटबॉलर दिये हैं, उतना देश की किसी और फुटबॉल एकेडमी या क्लब ने नहीं दिये। यह फुटबॉल एकेडमी औपचारिक तौर पर भले 1987 में शुरू हुई, लेकिन टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेद जी नासरवान जी टाटा ने 20वीं सदी की शुरूआत में जमशेदपुर मॉडल इंडस्ट्रियल टाउन की जो परिकल्पना में थी, उसमें यहां खेलों के लिए अलग से जगह चिन्हित करने और खेल प्रतिभाओं के लिए आवश्यक संरचनाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया था। जमशेदपुर शहर की स्थापना 1907 में हुई थी, लेकिन इसे लेकर 1902 में ही जमशेद जी ने अपने बेटे सर दोराब टाटा को एक पत्र लिखा था, जिसमें फुटबॉल, हॉकी और पार्कों के लिए क्षेत्र निर्धारित करने की बात कही गयी थी। इस एकेडमी की नींव 17 जनवरी 1987 को टाटा स्टील के तत्कालीन अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रूसी मोदी थी। इसमें पहले बैच के लिए 20 कैडेटों का चयन किया गया था। तब से लेकर आज तक यहां से कुल 250 कैडेट निकल चुके हैं और इनमें से इनमें से 150 ने अलग-अलग आयु वर्ग की भारतीय फुटबॉल टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। इस एकेडमी ने भारत के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट डूरंड कप सहित 40 से अधिक चैंपियनशिप अपने नाम किये हैं। इन उपलब्धियों और खूबियों की वजह से इसे भारतीय फुटबॉल की सबसे बेहतरीन नर्सरी माना जाता है। पिछले वर्ष एक प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स वेबसाइट ने भारत में एआइएफएफ (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) से मान्यता प्राप्त 400 फुटबॉल क्लबों और एकेडमियों का सर्वेक्षण किया था औरइस टीएफए को देश की नंबर वन फुटबॉल एकेडमी की रेटिंग दी गयी थी।

एकेडमी से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि टाटा फुटबॉल एकेडमी को इंफ्रास्ट्रक्च र और ट्रेनिंग की सुविधाओं के लिहाज से देश में अव्वल माना जाता है। हमारी कोशिश होती है कि यहां कैडेट्स को वल्र्ड क्लास सुविधाएं हासिल हों। यहां खिलाड़ियों के आवास, मेस और पढ़ाई की बेहतरीन व्यवस्था है। इस एकेडमी में एशियन फुटबॉल कंडफेडरेशन से लाइंसेंस प्राप्त 17 कोच हैं। स्पेन के कार्लोस सेंटामरीना एकेडमी के मुख्य कोच की भूमिका में हैं। टीएफए ने अपने कैडेट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोजर देने के लिए तीन साल पहले ला लिगा की चोटी की टीमों में से एक एटलेटिको डि मैड्रिड के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत टीएफए के कैडेटों को एटलेटिको फुटबॉल एकेडिमयों का दौरा करने, वहां पर ट्रेनिंग की सुविधाएं तो मिलती हैं, वहां के प्रशिक्षित व वल्र्ड क्लास कोच भी समय-समय पर जमशेदपुर आकर टीएफए के कैडेट्स को फुटबॉल की बारीकियां सिखाते हैं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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