खेल की 5 बड़ी खबरें: खतरे से बाहर हैं सौरव गांगुली और रोहित शर्मा समेत इन 5 खिलाड़ी को टीम इंडिया से किया गया अलग

IANS के मुताबिक बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अब खतरे से बाहर हैं, उन्हें सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और भारतीय टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा समेत कुल पांच खिलाड़ियों को टीम से अलग कर दिया गया है।

फोटो: IANS
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आईएएनएस

खतरे से बाहर हैं गांगुली, माइल्ड हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में किया गया था भर्ती

बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को शनिवार को सीने में दर्द के कारण कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने जानकारी दी है कि गांगुली की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। सूत्र के मुताबिक, गांगुली अपने घर में बने जिम में वर्जिश कर रहे थे और इसी दौरान उन्हें चक्कर आया और फिर उन्होंने ब्लैकआउट की शिकायत की। उन्होंने अपने पारिवारिक डॉक्टर को बुलाया जिन्होंने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। कोलकाता निवासी गांगुली को तत्काल शहर में ही स्थित वुडलैंड्स म्यूनिसिपैलिटी अस्पताल ले जाया गया।

रोहित शर्मा समेत ये पांच खिलाड़ी टीम इंडिया से अलग किए गए, जानें क्या है कारण?

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट खेला जाना है। इस टेस्ट के शुरू होने से पहले टीम इंडिया नई मुश्किल में फंसती नज़र आ रही है। दरअसल, बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स का नियम तोड़ने के कारण भारतीय टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा समेत कुल पांच खिलाड़ियों को टीम से अलग कर दिया गया है। गौरतलब है कि रोहित शर्मा, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत, शुभमन गिल और नवदीप सैनी ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया के बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया है। इसके बाद इन खिलाड़ियों को दोनों टीमों के बाकी खिलाड़ियों से अलग आइसोलेशन में रखा गया है। इन्हें दोनों टीमों के बाकी खिलाड़ियों से मिलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, ये इस दौरान प्रैक्टिस कर सकेंगे।

भारत-आस्ट्रेलिया: 132 साल में प्रति विकेट रनों का औसत सबसे कम

भारत और आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज इस समय जारी चार मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैचों में पूरी तरह से विफल रहे हैं और इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते 132 साल में आस्ट्रेलियाई समर में प्रति विकेट रनों का औसत सबसे कम रहा है। इस समर प्रति विकेट रनों का औसत 21.50 रहा है जो 1887-88 आस्ट्रेलियाई समर के बाद से सबसे कम है। उस समर में प्रति विकेट औसत 9.35 था। 21.50 औसत पिछले समर के औसत से भी कम है। पिछले समर में जब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने आस्ट्रेलिया का दौरा किया था तो यह औसत 34.01 था। वहीं दो साल पहले जब भारत ने आस्ट्रेलिया का दौरा था तब यह औसत 30.03 था। क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार रन रेट में भी गिरावट आई है जो इस शताब्दी में किसी भी समर में सबसे कम 2.63 रही है।

वॉर्नर बोले- सौ फीसदी फिट भी न रहा तो भी खेलूंगा

आस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने कहा कि सिडनी में भारत के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में खेलने के लिए वह जो संभव होगा वो करेंगे और अगर 100 फीसदी फिट भी नहीं रहते हैं तो भी खेलेंगे। वार्नर ने कहा कि अगर वह कैच लेते समय स्ट्रैच कर पाने और विकेट के बीच दौड़ने में सहज रहते हैं तो वह खेलेंगे। आस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ने शुरुआती दो टेस्ट मैच नहीं खेले थे। उन्हें 29 नवंबर को सिडनी में ही खेले गए दूसरे वनडे मैच में ग्रोइन में चोट लग गई थी। वार्नर ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "क्या मैं 100 फीसदी फिट हो जाऊंगा? इसमें काफी संदेह है, लेकिन में पूरी कोशिश करूंगा। अगर मैं पूरी तरह से फिट नहीं हुआ तो भी मैं मैदान पर जाकर खेलूंगा। मैं चाहूंगा कि चयनकर्ता मुझे खेलने के लिए हरी झंडी दें।"

पॉजिटिव मामलों के बाद भी इंग्लैंड अपना श्रीलंका दौरा खत्म नहीं करेगी: रूट

इंग्लैंड के कप्तान जोए रूट ने कहा है कि टीम में कोविड-19 के पॉजिटिव मामले आने के बाद भी टीम अपना श्रीलंका दौरा रद्द नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी टीम को दौरा पूरा करना होगा चाहे पॉजिटिव मामले ही क्यों न आएं। इंग्लैंड ने हाल ही में अपने दक्षिण अफ्रीका दौरे को कम कर दिया था। दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज रद्द कर दी गई थी क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के कुछ खिलाड़ी पॉजिटिव निकले थे। रूट ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि पॉजिटिव परिणामों से दौरा अपने-आप रद्द हो जाएगा। यह फैसले मेडिकल स्टाफ को लेने होते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह खिलाड़ियों का फैसला होता है चाहे उनके पास दौरे से बाहर जाने का ही विकल्प क्यों न हो। हमें सिर्फ यह आश्वस्त करना है कि हम गाइडलाइंस का पालन करें। अगर हम ऐसा करते हैं तो हम अपने आप को उस स्थिति में न पहुंचने का सर्वश्रेष्ठ मौका देते हैं। हम जानते हैं कि प्रोटोकॉल्स ऐसी चीज हैं जो रहेंगी।"

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