खेल की खबरें: निशानेबाजों की निराशा बरक़रार, टीम स्पर्धा में भी चूके और संकट में बांग्लादेशी क्रिकेट टीम
देश के अनुभवी निशानेबाज व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के पदक दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। इसके साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने की उनकी उम्मीदें भी टूट गईं।

भारतीय पुरुष और महिला स्कीट निशानेबाजों ने शुक्रवार को यहां आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में निराशाजनक प्रदर्शन किया।
देश के अनुभवी निशानेबाज व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के पदक दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। इसके साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने की उनकी उम्मीदें भी टूट गईं।
जयपाल मालविया ने बृहस्पतिवार को पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उनके इस प्रदर्शन ने मुश्किल दौर से गुजर रहे भारतीय अभियान को कुछ राहत दी थी, लेकिन स्कीट निशानेबाज उस लय को बरकरार नहीं रख सके।
पुरुष वर्ग में भारत की अगुआई 51 वर्षीय ओलंपियन मैराज अहमद खान ने की। निशानेबाजी में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले मैराज पांच दौर में कुल 125 में से 118 निशाने लगाने में सफल रहे। उन्हें 113 निशानेबाजों के बीच 46वां स्थान मिला।
इस वर्ष जापान में आयोजित एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका और भवतेघ सिंह गिल का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा। दोनों ने 119-119 अंक हासिल किए। नरूका 25वें, जबकि गिल 24वें स्थान पर रहे। भारतीय पुरुष टीम ने कुल 356 अंक जुटाकर छठा स्थान हासिल किया।
महिला वर्ग में भी भारतीय निशानेबाज व्यक्तिगत पदक दौर में जगह नहीं बना सकीं। भारत की ओर से गनीमत सेखों सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली निशानेबाज रहीं। उन्होंने 118 अंक के साथ 13वां स्थान हासिल किया। परिनाज धालीवाल 115 अंक लेकर 23वें और रायजा ढिल्लों 114 अंक के साथ 32वें स्थान पर रहीं।
तीनों भारतीय महिला निशानेबाजों के कुल 347 अंक रहे, जिससे टीम स्पर्धा में भारत पांचवें स्थान पर रहा।
अपने तेज गेंदबाजों के दम पर न्यूजीलैंड को दूसरे वनडे में भी हराने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया
भारत के अनुभवहीन लेकिन प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज शनिवार को यहां दूसरे वनडे में चौतरफा आक्रमण से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाकर श्रृंखला में भारत की बढत दुगुनी करने के इरादे से उतरेंगे ।
श्रृंखला से पहले भारत के तेज गेंदबाजों की अनुभवहीनता पर काफी सवाल उठे थे लेकिन गुरनूर बराड़, अंशुल कम्बोज और अर्शदीप सिंह ने पहले मैच में यादगार प्रदर्शन करके सभी की धारणा बदल दी ।
अभी तक हरफनमौलाओं के चयन पर जोर देने वाले मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद भी इससे बदलती नजर आ रही है ।
ईडन पार्क की बाउंड्री छोटी और सीधी थी लेकिन यहां सीमारेखा छोटी होने के बावजूद आकार चौकोर है जिसके कारण तेज गेंदबाजों को अपनी लैंग्थ में बदलाव करना होगा ।
अर्शदीप सिंह की अगुवाई में भारतीय तेज गेंदबाजों ने आकलैंड में मेजबान टीम पर दबाव बनाया लेकिन यहां मैदान के आकार को देखते हुए उन्हें ‘‘फुललैंग्थ’’ गेंद डालनी होगी ।
अर्शदीप ने पहले मैच में सबसे ज्यादा विकेट लिये लेकिन कम्बोज ने 46 डॉट गेंद डाली । उन्होंने लगातार टेस्ट मैच वाली लैंग्थ से गेंदबाजी की जिसका फायदा मिला ।
ईडन पार्क में अर्शदीप और आकिब नबी ने गेंदबाजी का आगाज किया लेकिन कम्बोज की गेंदों को मिल रही मूवमेंट को देखते हुए उन्हें नयी गेंद सौंपी जा सकती है । चारों तेज गेंदबाजों में पहले मैच में सिर्फ नबी को विकेट नहीं मिला । उनकी जगह मोहम्मद सिराज को उतारा जा सकता है बशर्ते वह उपलब्ध हों ।
फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने मैच से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ मुझे नहीं पता , यह टीम प्रबंधन तय करेग ।’’
बल्लेबाजी में रोहित शर्मा अच्छी पारी खेलना चाहेंगे जो पहले मैच में पहले ओवर में ही आउट हो गए थे । वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में उन्होंने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया था ।
विराट कोहली ने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी मर्जी से बाउंड्री लगाकर भारत को लक्ष्य का पीछा करके जीत दिलाने में मदद की । बाकी भारतीय बल्लेबाजों को हालांकि शॉर्ट गेंद ने परेशान किया और उन्हें प्रदर्शन में सुधार करना होगा ।
बांग्लादेश की मुश्किल बढ़ी, शादमान इस्लाम टखने की चोट के कारण मैदान से बाहर
वेस्टइंडीज के खिलाफ सिलहट में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन के पहले सत्र में बांग्लादेश की मुश्किल बढ़ गई। टीम के सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को टखने में चोट के कारण हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा है।
शादमान इस्लाम को फील्डिंग करते समय इंजरी हुई। उनका टखना मुड़ा गया। दर्द की वजह से वह तुरंत मैदान पर गिर पड़े और कई मिनट तक तड़पते रहे। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। शादमान को एमआरआई स्कैन के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया।
यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के 78वें ओवर में हुई जब आमिर जंगू ने मेहदी हसन मिराज की गेंद को फाइन लेग की तरफ धकेला। शादमान ने स्लिप से गेंद का पीछा किया, लेकिन जब उन्होंने गेंद उठाने की कोशिश की, तो वह फिसल गए और गिरते समय उनका टखना मुड़ गया। रिप्ले से पता चला कि आउटफील्ड में ओस थी, जिससे वह पहली बार फिसले। बांग्लादेश के सभी खिलाड़ी उनकी मदद के लिए दौड़े, उनके चेहरे चिंता से भरे हुए थे।
शादमान टेस्ट मैच के बारी हिस्से के लिए उपलब्ध रहेंगे या नहीं, इस पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है। अगर शादमान बाहर होते हैं, तो बांग्लादेश को बाकी मैच सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना होगा।
शादमान की इंजरी बांग्लादेश के लिए चिंता का विषय है। 31 साल के बाएं हाथ इस बल्लेबाज ने ढाका में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में शतक लगाया था। शादमान ने 234 गेंदों पर 105 रन की पारी खेली थी।
पहला टेस्ट जीत चुकी वेस्टइंडीज की दूसरे टेस्ट में भी मजबूत स्थिति है। रिपोर्ट लिखे जाने तक वेस्टइंडीज ने 9 विकेट पर 324 (96 ओवर में) रन बनाए हैं। वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा रन विकेटकीपर बल्लेबाज आमिर जंगू ने बनाए। आमिर ने 212 गेंदों पर 133 रनों की पारी खेली। इसके अलावा, केविन विकम ने 61 रन बनाए।
बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा विकेट अब तक हसन महमूद ने (6 विकेट) लिए हैं।
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