खेल: सुरेश कलमाड़ी भारतीय खेल जगत के दिग्गज थे और हेड और स्मिथ के शतक से ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में

देश के खेल जगत ने मंगलवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह से पहली पारी में 134 रन की बढ़त हासिल कर ली है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

खिलाड़ियों और प्रशासकों ने कलमाड़ी के निधन पर कहा, वह भारतीय खेल जगत के दिग्गज थे

देश के खेल जगत ने मंगलवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और इसे भारत में ओलंपिक आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति बताया।

दो दशकों से अधिक समय तक भारतीय खेल प्रशासन में प्रभावशाली हस्ती रहे 81 वर्षीय कलमाडी का मंगलवार तड़के पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया।

आईओए की वर्तमान अध्यक्ष पीटी उषा ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईओए अध्यक्ष के रूप में मैं पूर्व आईओए अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी जी के निधन से बहुत दुखी हूं। वह लगभग दो दशक तक एएफआई के अध्यक्ष भी रहे, जहां उन्होंने भारत में एथलेटिक्स के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के पूर्व सचिव और कलमाडी के लंबे समय तक सहयोगी रहे ललित भनोट ने इसे व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि भारतीय खेलों खेल के विकास में कांग्रेस के पूर्व सांसद की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

भनोट ने कहा, ‘‘हमारे प्रिय मित्र और खेल जगत के दिग्गज के अचानक निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।’’

कलमाड़ी के साथ काम कर चुके आईओए के पूर्व महासचिव राजीव मेहता ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

मेहता ने कहा, ‘‘सुरेश कलमाड़ी के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। उनका निधन भारतीय खेल जगत और भारत में ओलंपिक आंदोलन के लिए बहुत बड़ी क्षति है।’’

भारतीय तलवारबाजी संघ के वर्तमान महासचिव मेहता ने कहा, ‘‘मैं उनके परिवार, सहकर्मियों और खेल जगत से जुड़े सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और इस मुश्किल समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले। भारतीय खेलों में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाए।’’

विश्व एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष और एएफआई के प्रवक्ता आदिल सुमारीवाला ने कहा, ‘‘भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाडी के निधन पर गहरा शोक और खेद व्यक्त करता हूं। वह एक दिग्गज खेल प्रशासक थे। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।’’

उनके कार्यकाल में भारत ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की जब निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने देश का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।

बिंद्रा ने एक्स पर लिखा, ‘‘सुरेश कलमाड़ी के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस मुश्किल समय में शक्ति प्रदान करें।’’

आईसीसी टी20 रैंकिंग: हरमनप्रीत ने दो स्थान का सुधार किया, दीप्ति शीर्ष से खिसकी

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला में तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी मुकाबले में मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद मंगलवार को जारी आईसीसी महिला टी20 की नवीनतम रैंकिंग में बल्लेबाजों की सूची में दो स्थान के सुधार के साथ 13वें पायदान पर पहुंच गयी।

भारत ने इस मैच को 15 रन से जीत कर 30 दिसंबर को समाप्त हुई श्रृंखला में 5-0 से क्लीन स्वीप किया।

हरमनप्रीत को इस मैच में 43 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वह इस पारी के बाद रैंकिंग में शीर्ष 10 के और करीब पहुंच गयी हैं।

स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर बरकरार है जबकि ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी ने शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

जेमिमा रोड्रिग्स हालांकि शीर्ष 10 से बाहर हो कर 12वें स्थान पर खिसक गयी है।

दीप्ति शर्मा गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान से नीचे आ गयी है। पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उनका 28 रन पर एक विकेट लेना ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड को शीर्ष पर पहुंचने से रोकने के लिए काफी नहीं था।

दीप्ति  रेटिंग अंक के मामले में सदरलैंड (736) से सिर्फ एक अंक पीछे हैं। 


हेड और स्मिथ के शतक से ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में

सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड के वर्तमान एशेज श्रृंखला के तीसरे शतक और कार्यवाहक कप्तान स्टीव स्मिथ के पहले शतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम एशेज टेस्ट के तीसरे दिन अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 518 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह से पहली पारी में 134 रन की बढ़त हासिल कर ली है। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 384 रन बनाए थे।

हेड ने सुबह 91 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया और उन्होंने 166 गेंदों में 163 रन बनाए। इससे पहले उन्होंने पर्थ में पहले टेस्ट की दूसरी पारी में 123 रन और एडिलेड में तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 170 रन बनाए थे।

स्मिथ तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 129 रन बनाकर खेल रहे थे। इस तरह से उन्होंने फॉर्म में वापसी की। इससे पहले उनका इस श्रृंखला में उच्चतम स्कोर 61 रन था जो उन्होंने एडिलेड में पहली पारी में बनाया था।

बायें हाथ के स्पिनरों से निपटने के लिए खब्बू बल्लेबाजी का अभ्यास कर रहे हैं फिलिप्स

 भारत में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप की तैयारी कर रहे न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स का मानना है कि बायें हाथ की उनकी बल्लेबाजी में सुधार से भविष्य में बायें हाथ के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उन्हें काफी मदद मिल सकती है ।

लीक से हटकर खेलने के अंदाज के लिए मशहूर फिलिप्स ने पिछले मंगलवार को ‘सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स’ के खिलाफ ‘न्यूजीलैंड सुपर स्मैश’ मुकाबले में ‘ओटागो’ के लिए नाबाद 90 रन की पारी से प्रभावित किया।

इस दौरान उन्होंने बायें हाथ के स्पिनर जेडन लेनोक्स के खिलाफ बायें हाथ के बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी करते हुए एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उसी सहजता से छक्का जड़ा , जैसा की वह अपनी नियमित दायें हाथ की बल्लेबाजी में करते हैं। वह इस शॉट के दौरान अगर अपने सामान्य दायें हाथ के स्टांस में होते तो गेंद मिडविकेट के ऊपर से निकल जाती।

‘ईएसपीनक्रिकइंफो’ ने फिलिप्स के हवाले से कहा, ‘‘ अभ्यास के दौरान मैं बायें हाथ की बल्लेबाजी का लुत्फ उठाता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जाहिर है मैं इसे कई कारणों से करता हूं। एक तो, अपने दोनों हाथों और दिमाग के दोनों हिस्सों को सक्रिय रखने के लिए और दूसरा मेरा मानना है कि बायें हाथ के स्पिनर से निपटने का यह कारगर तरीका हो सकता है।’’


मैंने कभी भी किसी पूर्वाग्रह के साथ क्रिकेट नहीं खेली: डीकॉक

 संन्यास से वापसी करने के बाद दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया है और उन्होंने इसका श्रेय किसी तरह के पूर्वाग्रह के साथ नहीं खेलने और किसी भी चुनौती के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को दिया।

डीकॉक ने टेस्ट और वनडे से संन्यास लेने के बाद अक्टूबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ टी20 मैच से वापसी की। वह 2024 में टी20 विश्व कप के फाइनल के बाद से इस प्रारूप में भी नहीं खेले थे जिससे क्रिकेट में उनका भविष्य अनिश्चित हो गया था।

डीकॉक ने यहां सनराइजर्स ईस्टर्न केप और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच एसए20 मैच के बाद चुनिंदा मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी भी किसी तरह के पूर्वाग्रह के साथ क्रिकेट खेली है। मेरी मानसिकता हमेशा जीतने की रही है। अगर मैं मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होकर मैदान में उतरता हूं, तो मैं संतुष्ट रहता हूं, फिर चाहे मुझे सफलता मिले या नहीं।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे केवल तभी निराशा होती है जब मैं मानसिक रूप से तैयार नहीं रहता और अनावश्यक गलतियां कर देता हूं।’’

पीटीआई के इनपुट के साथ

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