धोनी को लेकर बोले टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री, कहा- कयास लगाने के बजाए IPL तक का इंतजार करें

शास्त्री ने कहा, “यह निर्भर करता है कि माही कब खेलना शुरू करते हैं और IPL में कैसा खेलते हैं। वहीं दूसरे खिलाड़ी विकेटकीपिंग में क्या कर रहे हैं और धोनी के मुकाबले उनकी फॉर्म क्या है। IPL बड़ा टूर्नामेंट होगा क्योंकि आपके 15 खिलाड़ी तय हो चुके होंगे।”

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारतीय टीम ICC World Cup 2019 जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन 15 मिनट में कहानी बदल गई और भारत को न्यूजीलैंड के हाथों सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। वहां से चीजें और भी बदतर हो सकती थीं लेकिन कोच रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में टीम ने अपनी राह नहीं छोड़ी। समय पर खिलाड़ियों को डांटने के अलावा शास्त्री उनको प्रेरित भी करते हैं और यही एक कारण है कि भारत की मौजूदा टीम की तुलना 1970-1980 की महान वेस्टइंडीज टीम से की जा रही है।

भारत ने हाल ही में बांग्लादेश को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी। इस सीरीज का आखिरी मैच ईडन गार्डन्स स्टेडियम में दिन-रात प्रारूप में खेला गया था। मैच के बाद शास्त्री ने एक न्यूज एजेंसी से भारतीय टीम के कई पहलूओं को लेकर चर्चा की।

शास्त्री ने कहा कि World Cup की हार के बाद इस टीम ने दमदार वापसी की है जो इस टीम के बारे में काफी कुछ कहती है।

कोच ने कहा, "मेरे लिए इस टीम ने जिस तरह से जुझारूपन दिखाया है वो बेहतरीन है। मैनचेस्टर में वो 15 मिनट के बाद से टीम ने दमदार वापसी की है। उसे पचा पाना आसान नहीं था। बीते तीन महीनों में टीम ने जो जुझारूपन दिखाया है वो अविश्वस्नीय है। इसलिए मैं कहता हूं कि अगर आप पांच-छह साल पीछे देखते हैं तो यह एक ऐसी टीम है जो सभी प्रारूप में निरंतर रही है।"

अतीत को बदला नहीं जा सकता, लेकिन आगे की मंजिल पर अगले साल होने वाला T-20 World Cup है और अगर उसमें जीत मिलती है तो यह विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम अजेय के तमगे को और मजबूत करेगी, लेकिन उससे पहले सवाल यह है कि क्या टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आस्ट्रेलिया की उड़ान भरेंगे? कोच ने कहा कि सभी को इसके लिए IPL का इंतजार करना चाहिए।

कोच के मुताबिक, "यह निर्भर करता है कि वह कब खेलना शुरू करते हैं और IPL में कैसा खेलते हैं। वहीं दूसरे खिलाड़ी विकेटकीपिंग में क्या कर रहे हैं और धोनी के मुकाबले उनकी फॉर्म क्या है। IPL बड़ा टूर्नामेंट होगा क्योंकि आपके लगभग 15 खिलाड़ी तय हो चुके होंगे।"

उन्होंने कहा, "मैं कह सकता हूं कि IPL के बाद आपकी टीम लगभग तय हो जाएगी। साथ ही मैं यह कहना चाहता हूं कि कौन कहां है इस बारे में कयास लगाने के बजाए IPL तक का इंतजार करें। इसके बाद ही आप फैसला करने की स्थिति में होंगे कि देश में सर्वश्रेष्ठ 17 कौन हैं।"

भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला दिन-रात प्रारूप का टेस्ट मैच खेला। यह इसलिए मुमकिन हो सका क्योंकि पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली BCCI के अध्यक्ष हैं। शास्त्री और गांगुली को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए मैच के बाद एख दूसरे से हाथ मिलाते हुए देखा गया। शास्त्री ने कहा कि वह बोर्ड के इस नाजुक मोड़ पर पूर्व खिलाड़ी को BCCI का मुखिया देख बेहद खुश हैं।

पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, "मुझे लगता है कि यह शानदार है। मैं उन चुनिंदा लोगों में से हूं जिन्होंने अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें सबसे पहले मुबारकबाद दी थी। मैं सबसे ज्यादा इस बात से खुश हूं कि BCCI अपनी उस स्थिति में वापस आ गई है जहां उसे होना चाहिए था। चाहे वो मैदान से बाहर हो या अंदर। मैं इस बात से और खुश हूं कि एक क्रिकेटर भारतीय क्रिकेट की देखरेख में है।"

उन्होंने कहा, "सौरभ शानदार खिलाड़ी और कप्तान रहे हैं। वह एक प्रशासक भी रहे हैं। उनका अध्यक्ष बनना अहम बात है।"

टीम के युवा खिलाड़ी ऋषभ पंत को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती आई हैं। पंत का लापरवाह रवैया इसका केंद्र रहा है। शास्त्री पंत से क्या कहते हैें? इस पर कोच ने कहा, "कुछ खास नहीं। सिर्फ इतना कि तुम युवा हो और कोई भी आपसे एक दिन में सब कुछ सीखने की उम्मीद नहीं करता। आपक गलतियां करोगे, लेकिन जब तक आप बैठ कर इस बारे में सोचते रहोगे कि इन गलतियों को कैसे सुधारा जा सकता है तो, ये खेल यही आपको सिखाता है। आप एक दिन में सुपर स्टार नहीं बनते हो। आपके जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। यही जिंदगी है, लेकिन अगर आप मेहनत करोगे तो बेहतर होगे।"

भारत ने बेशक अपने पहले दिन-रात टेस्ट मैच पर अच्छा किया हो लेकिन कोच को लगता है कि गुलाबी गेंद को और परखने की जरूरत है।

कोच ने कहा, "सौरभ और बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) को इस आयोजन के लिए बधाई क्योंकि उन्होंने इस शानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दर्शकों ने भी शानदार प्रतिक्रिया दी। लेकिन अगर आप क्रिकेट की बात करोगे, तो इसके अपने सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं। गुलाबी गेंद कैसे अपने शाइन को बनाए रखती है, इसका टेक्सचर भविष्य में परखा जाएगा। मैच ने आपको दोनों पहलू दिए हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि गेंद पर काम करने में समय लगेगा। इसे बनाने वाले इसे सही तरह से तैयार करने में समय लेंगे ताकि लोग इसे रात में अच्छे से देख सकें और जब ओस होगी तो इस पर क्या असर होगा। सांझ के समय गेंद ज्यादा मूव होती है और आखिरी सत्र में यह बल्ले पर आती है और अपना रंग छोड़ने लगती है। इसे कैसे बदला जा सकता है और कैसे गुलाबी गेंद लाल गेंद की तरह सब कुछ संभालती है।"

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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