खेल: FIFA विश्व कप ट्रॉफी की कीमत चार साल में दोगुने से अधिक बढ़ी और तीसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को लगे दो बड़े झटके

विश्व कप ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से निर्मित है और इसका कुल वजन 6.175 किलोग्राम है जिसमें लगभग 4.93 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल है। पहले टेस्ट की पहली पारी में अहम शतक जड़ने वाले ग्लेन फिलिप्स भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

फोटो : सोशल मीडिया
i

फीफा विश्व कप ट्रॉफी की कीमत चार साल में दोगुने से अधिक बढ़ी

वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर खेल जगत की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर भी दिखाई दे रहा है जहां फीफा विश्व कप ट्रॉफी में मौजूद सोने का मूल्य बढ़कर लगभग 7.13 लाख डॉलर ( लगभग 6.73 करोड़ रुपये) पहुंच गया है।

वित्तीय बाजार डेटा प्रदाता एलएसईजी के मुताबिक यह आंकड़ा 2022 विश्व कप के समय की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।

विश्व कप ट्रॉफी 18 कैरेट सोने से निर्मित है और इसका कुल वजन 6.175 किलोग्राम है जिसमें लगभग 4.93 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल है। भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार के बीच सोने की कीमतों में आई तेजी ने ट्रॉफी के मूल्य को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

एलएसईजी मेटल्स रिसर्च के वरिष्ठ धातु विश्लेषक देबाजित साहा ने कहा, ‘‘ सोने की कीमतों में हाल के उच्चतम स्तरों से कुछ नरमी आई है, लेकिन दीर्घकालिक रुझान अब भी बेहद उल्लेखनीय बना हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों के लिए विश्व कप ट्रॉफी का महत्व अमूल्य है, लेकिन इसमें मौजूद सोने का मूल्य दिलचस्प आंकड़ा पेश करता है कि वर्षों में कीमती धातु की कीमत कितनी तेजी से बढ़ी है।’’

जब अर्जेंटीना ने 2022 में कतर में आयोजित विश्व कप जीता था तब ट्रॉफी के सोने का मूल्य लगभग 2.77 लाख डॉलर आंका गया था। वहीं, 1974 विश्व कप से पहले वर्तमान डिजाइन की शुरुआत के समय इसकी कीमत करीब 25,000 डॉलर थी।

चोट के कारण फिलिप्स और हेनरी के बाहर होने से न्यूजीलैंड को लगे दो बड़े झटके

इंग्लैंड के खिलाफ बृहस्पतिवार से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को मुख्य तेज गेंदबाज मैट हेनरी और मध्यक्रम के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स के चोटिल होने से दोहरा झटका लगा है।

टीम ने बताया कि पिछले सप्ताह द ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट में 11 विकेट लेकर टीम की जीत के नायक बने मैट हेनरी उस मैच के दौरान पिंडली में खिंचाव का शिकार हो गए थे। वह अब तक पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं, इसलिए उन्हें तीसरे टेस्ट से बाहर रखा गया है।

पहले टेस्ट की पहली पारी में अहम शतक जड़ने वाले ग्लेन फिलिप्स भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

इससे पहले न्यूजीलैंड प्रबंधन ने तेज गेंदबाज काइल जैमीसन को भी आराम देने का फैसला किया था। ऐसे में श्रृंखला के दो सबसे सफल गेंदबाज हेनरी (12 विकेट) और जैमीसन (11 विकेट) तीसरे टेस्ट में नहीं खेलेंगे।


कतर के असीम मदीबो पर पांच मैच का प्रतिबंध

 कतर के खिलाड़ी असीम मदीबो पर विश्व कप में कनाडा के मिडफील्डर इस्माइल कोने के पांव में फ्रैक्चर करने के लिए बुधवार को पांच मैच का प्रतिबंध लगा दिया गया।

वैंकूवर में पिछले बृहस्पतिवार को खेले गए मैच के दौरान यह घटना घटी। कनाडा ने इस मैच में कतर को 6-0 से करारी शिकस्त दी थी। मदीबो को गलत तरीके से टैकल करने के लिए तुरंत ही लाल कार्ड दिखाया गया था।

फीफा की अनुशासनात्मक समिति ने अब उनका प्रतिबंध पांच मैच तक बढ़ा दिया है। समिति ने कहा है कि ऐसा अनुचित खेल के लिए किया गया है। इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।

कोने को तब स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया और बाद में उनके बाएं पैर की टूटी हुई हड्डी की सर्जरी की गई।

रोनाल्डो और मेसी की मैदान पर बेहतर करने की भूख युवाओं के लिए प्रेरणा है: सुनील छेत्री

दिग्गज भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री ने अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की प्रशंसा करते हुए कहा है कि इतने लंबे और सफल करियर के बाद भी ऊंचे स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की इच्छाशक्ति ही इन दोनों खिलाड़ियों को खास बनाती है।

सुनील छेत्री ने जी5 पर कहा, "मेसी और रोनाल्डो करीब 40 साल के हैं। उनका वैश्विक मंच पर इस तरह प्रदर्शन करना अविश्वसनीय है। अगर युवा फुटबॉलरों को उनसे कोई एक चीज सीखनी चाहिए, तो वह है उनकी भूख। उन्होंने फुटबॉल में लगभग सब कुछ जीता है, लेकिन वे अब भी उसी इच्छा और प्रतिबद्धता के साथ खेलते हैं।"

 टूर्नामेंट के अपने पसंदीदा पलों के बारे में पूछे जाने पर, छेत्री ने मेसी की यादगार हैट्रिक, जापान की 4-0 की जबरदस्त जीत और मोरक्को-स्कॉटलैंड के मैच का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, "मेसी की हैट्रिक ने सभी को याद दिलाया कि वह इस खेल को खेलने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक क्यों हैं। जापान की 4-0 की जीत एक और खास पल था क्योंकि इसने दिखाया कि एशियाई फुटबॉल कितना आगे बढ़ गया है। मोरक्को बनाम स्कॉटलैंड का मैच लाइव देखने के लिए शानदार था, क्योंकि माहौल और क्वालिटी दोनों ही बेहतरीन रहा।" 


रायन कुक ने नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के हेड कोच पद से दिया इस्तीफा

नीदरलैंड्स पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच रायन कुक ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (केएनसीबी) ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। कुक के इस फैसले के साथ उनका चार साल का सफल कार्यकाल समाप्त हो गया, जिसमें उन्होंने नीदरलैंड्स क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रायन कुक ने टीम का साथ ऐसे समय पर छोड़ा है, जब नीदरलैंड्स की टीम शानदार फॉर्म में है। टीम इस समय क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 की अंक तालिका में 28 मैचों में 32 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है और आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही है।

साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर रायन कुक ने अपने इस्तीफे के पीछे पारिवारिक कारणों को मुख्य वजह बताया है। हाल ही में उनके दूसरे बच्चे का जन्म हुआ है और उनका मानना है कि हेड कोच की भूमिका में लगातार यात्रा और पूर्ण समय की प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि इस समय वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं।

पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए