Tokyo Olympics: मुक्केबाज सतीश कुमार ने जीत से किया ओलिंपिक डेब्यू, मेडल से बस एक कदम दूर

32 साल की उम्र में ओलंपिक में पदार्पण करते हुए सतीश ने रायोगोकू कोकूगिकान एरेना में स्प्लिट डिसिजन के फैसले के साथ ये सुपर हैवीवेट मुकाबला अपने नाम किया।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

भारत के सुपर हेवीवेट मुक्केबाज सतीश कुमार टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। क्वार्टर फाइनल में सतीश का मुकाबला रविवार को उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन बाखूदीर जालोलोव से होगा। सतीश ने प्लस 91 किलोग्राम भार वर्ग के अंतिम-16 दौर के मुकाबले में गुरुवार को जमैका के रिकाडरे ब्राउन को 4-1 से हराया।

32 साल की उम्र में ओलंपिक में पदार्पण करते हुए सतीश ने रायोगोकू कोकूगिकान एरेना में स्प्लिट डिसिजन के फैसले के साथ ये सुपर हैवीवेट मुकाबला अपने नाम किया।

शुरूआती दौर एक दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जहां ब्राउन ने आक्रमण से बचने के लिए लगातार भारतीय मुक्केबाज से दूरी बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर सतीश जमैका के मुक्केबाज के मुक्कों से बचने में सफल रहे।

यह भारतीय अपने बेहतर खेल की बदौलत सभी पांच जजों को प्रभावित करने में सफल रहा, और उन्होंने सभी जजों से 10 अंक हासिल किए।

ब्राउन का भी ये ओलंपिक पदार्पण का मैच था, जहां वो शुरूआत से ही आक्रामक बने रहे, लेकिन सतीश को ज्यादा परेशान नहीं कर पाए। भारतीय मुक्केबाज ने शानदार बचाव किया और समय पर हुक और जैब्स लगाए।

हालांकि, सतीश की दाहिनी आंख के ऊपर हल्का सा कट लगा और उन्हें तुरंत मेडिकल की मदद मिली। जैसे जैसे मुकाबला अंतिम दौर में पहुंचा, तो दोनों सुपर हैवीवेट मुक्केबाज थकान के कारण थोड़े धीमे हो गए।


पहले दो राउंड जीतने के बाद सतीश् ने तीसरे में अपनी रक्षात्मक रणनीति जारी रखी। हालांकि, इस राउंड में ब्राउन ने बेहतर प्रदर्शन किया था। उन्होंने भारतीय मुक्केबाज को बाएं हुक और बॉडी पंच के साथ कई बार टारगेट किया था।

हालांकि, ये जमैका के लिए काफी नहीं था और एशियन चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता सतीश ने जीत के साथ रिंग से बाहर कदम रखा।

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