खेल: पत्नी संग प्रेमानन्द महाराज के आश्रम पहुंचे विराट कोहली और क्रिकेट कनाडा ने ICC के निलंबन को अप्रत्याशित बताया

क्रिकेटर विराट कोहली अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा संग मंगलवार को संत प्रेमानन्द महाराज के वृन्दावन स्थित आश्रम पहुंचे। आईसीसी ने रविवार को अहमदाबाद में हुई अपनी बोर्ड बैठक में क्रिकेट कनाडा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी।

पत्नी संग प्रेमानन्द महाराज के आश्रम पहुंचे विराट कोहली
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नवजीवन डेस्क

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आईपीएल ट्रॉफी जीतने के बाद पत्नी संग प्रेमानन्द महाराज के आश्रम पहुंचे क्रिकेटर विराट कोहली

लगातार दूसरे वर्ष रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु (आरसीबी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले क्रिकेटर विराट कोहली अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा संग मंगलवार को संत प्रेमानन्द महाराज के वृन्दावन स्थित आश्रम पहुंचे और गुरु का आशीर्वाद पाकर आभार जताया।

आश्रम सूत्रों के अनुसार वे दोनों मुंह पर मास्क लगाए सुबह—सुबह करीब सात बजे कार से वृन्दावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे और संत के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वे यहां करीब दो घण्टे तक रहे।

दोनों जब आश्रम के एकांतिक वार्ता कक्ष से बाहर निकले तो उनके माथे पर संत के समान ही चंदन और त्रिपुण्ड नजर आ रहा था। उन्हें आश्रम से एक पुस्तक भी उपहार स्वरूप मिली जो वे बगल में दबाए चले आ रहे थे।

उन्होंने स्वामी हित गोविंद शरण के आश्रम पहुंचकर उनके भी दर्शन किए। वे इससे पूर्व अप्रैल माह में अक्षय तृतीया के अवसर पर भी वृन्दावन पहुंचे थे और प्रेमानन्द के दर्शन कर बड़े ही प्रफुल्लित नजर आए थे।

आईसीसी का निलंबन अप्रत्याशित, लेकिन सुधारात्मक कदम जारी: क्रिकेट कनाडा

क्रिकेट कनाडा ने कहा है कि उसकी सदस्यता निलंबित करने का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का फैसला अप्रत्याशित था लेकिन संस्था ने वैश्विक क्रिकेट संस्था द्वारा बताई गए संचालन और वित्तीय कमियों को दूर करने के लिए व्यापक सुधारात्मक कदम शुरू कर दिए हैं।

आईसीसी ने रविवार को अहमदाबाद में हुई अपनी बोर्ड बैठक में क्रिकेट कनाडा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। आईसीसी के अनुसार यह कार्रवाई सदस्यता संबंधी दायित्वों के ‘गंभीर उल्लंघनों’ के कारण की गई। हालांकि विश्व क्रिकेट संस्था ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए कनाडा की राष्ट्रीय टीमें आईसीसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पात्र बनी रहेंगी।

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रिकेट कनाडा ने कहा कि वह आईसीसी के फैसले का सम्मान करता है और सभी अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्रिकेट कनाडा ने ‘स्पोर्ट्सनेट’ को दिए बयान में कहा, ‘‘यह निलंबन अप्रत्याशित था। फिर भी, क्रिकेट कनाडा आईसीसी के फैसले का सम्मान करता है और सभी अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने समिति को निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच और सुधार संबंधी जिम्मेदारियों को तेज करे, ताकि शासन, वित्तीय निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणालियों को बिना किसी देरी के मजबूत बनाया जा सके। ’’


भारतीय बल्लेबाजों को नेट पर अभ्यास कराएंगे नबी और प्रिंस सहित छह गेंदबाज

जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी डार को अफगानिस्तान के खिलाफ छह जून से यहां शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारत के नेट अभ्यास सत्र के लिए चुने गए छह गेंदबाजों में शामिल किया गया है।

नबी को इस मैच के लिए टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने पर चयन समिति को आलोचना का सामना करना पड़ा था।

नबी के अलावा आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले उत्तर प्रदेश के लेग स्पिनर जीशान अंसारी को भी नेट अभ्यास के लिए बुलाया गया है क्योंकि अफगानिस्तान की टीम में कलाई के स्पिनर होने की संभावना है।

नेट अभ्यास के लिए जिन अन्य गेंदबाजों को बुलाया गया है उनमें बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर शिवांग कुमार, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह, आईपीएल की खोज तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और ऑफ स्पिनर सारांश जैन शामिल हैं।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘गुरजपनीत सिंह, औकिब नबी, प्रिंस यादव, सारांश जैन, जीशान अंसारी और शिवांग कुमार टेस्ट मैच की तैयारी में टीम की मदद करने के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं।’’

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से पहले 'नंबर-1' गेंदबाज बनीं लिंसी स्मिथ 

इंग्लैंड की लेफ्ट-आर्म स्पिनर लिंसी स्मिथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले अपने करियर में पहली बार आईसीसी विमेंस टी20 अंतरराष्ट्रीय बॉलिंग रैंकिंग के शिखर पर पहुंच गई हैं।

31 वर्षीय खिलाड़ी ने न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान की सादिया इकबाल को पछाड़कर 'नंबर-1' स्थान हासिल किया है। स्मिथ को यह ताज 'व्हाइट फर्न्स' (न्यूजीलैंड) के खिलाफ 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन और ब्रिस्टल में भारत के विरुद्ध इंग्लैंड की हालिया जीत में एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद मिला है।

 लिंसी स्मिथ ने साल 2018 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जिसके बाद लंबे वक्त तक नेशनल टीम से बाहर बैठना पड़ा। पिछले साल के आखिर में ही इंग्लैंड की टी20 टीम में एक निमयित सदस्य के तौर पर अपनी जगह पक्की करने के बाद, अब वह इस वर्ल्ड कप में इस फॉर्मेट की सबसे ऊंची रैंक वाली गेंदबाज के तौर पर उतर रही हैं।

इंग्लैंड के शानदार प्रदर्शन की झलक गेंदबाजी रैंकिंग में दूसरी जगहों पर भी देखने को मिली है। तेज गेंदबाज लॉरेन बेल एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गई हैं। वहीं, स्टैंड-इन कप्तान चार्ली डीन दो स्थान ऊपर चढ़कर पांचवें नंबर पर आ गईं।

भारत की उभरती हुई स्पिनर श्री चरणी इस ताजा रैंकिंग में सबसे ज्यादा फायदा पाने वाली खिलाड़ियों में से एक रहीं। इंग्लैंड के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद चरणी 7 पायदान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गई हैं। टॉप 10 गेंदबाजों के बीच सिर्फ 39 रेटिंग प्वाइंट्स का अंतर है। ऐसे में वर्ल्ड कप से पहले 'नंबर 1' बनने की दौड़ रोमांचक बनी हुई है।


'वर्ल्ड चैंपियन होने से बेहतर कुछ नहीं', फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले बोले फ्रांस के हेड कोच डेसचैम्प्स

फ्रांस के हेड कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने फीफा वर्ल्ड कप जीतने को फुटबॉल की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है। टीम की कमान संभालते हुए अपने चौथे वर्ल्ड कप और आखिरी टूर्नामेंट की तैयारी करते हुए डिडिएर ने कहा कि 'वर्ल्ड चैंपियन होने से बेहतर कुछ नहीं है'।

विश्व कप 2026 से पहले 'फीफा' से बात करते हुए डेसचैम्प्स ने फ्रांस के साथ अपने शानदार सफर के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने 1998 में कैप्टन और 2018 में कोच के तौर पर ट्रॉफी जीती थी। उन्होंने कहा, "मैं क्लब लेवल, चैंपियंस लीग और भी बहुत कुछ जीतने के लिए काफी खुशकिस्मत रहा हूं, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन होने से बढ़कर कुछ नहीं है। आपका नाम वहीं रहता है, लेकिन दो शब्द हमेशा के लिए जुड़ जाते हैं: "वर्ल्ड चैंपियन।"

57 वर्षीय के डेसचैम्प्स फुटबॉल इतिहास के उन तीन लोगों में से एक हैं जिन्होंने प्लेयर और कोच दोनों के तौर पर वर्ल्ड कप जीता है। उनके अलावा यह कारनामा ब्राजील के मारियो जागालो और जर्मनी के फ्रांज बेकनबाउर ही कर सके हैं। अगर इस गर्मी में वह एक और खिताब जीत लेते हैं, तो यह उनकी विरासत को और मजबूत कर देगा। इससे वे ऐसे पहले कोच बन जाएंगे जिन्होंने खिलाड़ी और कोच दोनों रूप में वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती है, और बतौर कोच दो बार वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो जाएगा।

पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ

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