खेल: 'वनडे विश्व कप 2027 खेल सकते हैं विराट, रोहित' और जिनेदीन जिदान फ्रांस के कोच बने
एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में जहीर ने कहा कि भारत के ये दोनों दिग्गज अभी भी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में से है। जिनेदीन जिदान को फ्रांस का नया कोच बनाया गया है जो दिदियेर देसचैम्प्स की जगह लेंगे।

वनडे विश्व कप 2027 खेल सकते हैं विराट, रोहित , कहा जहीर अब्बास ने
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज जहीर अब्बास का मानना है कि भारत के चैम्पियन बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा में अभी काफी क्रिकेट बाकी है और दोनों अगले साल वनडे विश्व कप खेल सकते हैं ।
एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में जहीर ने कहा कि भारत के ये दोनों दिग्गज अभी भी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में से है और उनके विश्व कप खेलने की राह में उम्र आड़े नहीं आनी चाहिये ।
जहीर ने कहा ,‘‘ दोनों के कौशल का सानी नहीं है और उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें विश्व कप टीम से बाहर रखने का कोई कारण नहीं होगा । वे फिट हैं और रन बना रहे हैं तो उम्र कोई कारण नहीं होना चाहिये ।’’
अपने शानदार कैरियर में 100 से अधिक प्रथम श्रेणी शतक लगा चुके इस दिग्गज पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि भारत को दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में इन दोनों के अनुभव का काफी फायदा मिलेगा ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मैने रोहित को इंग्लैंड में शतक लगाते देखा और उसकी बल्लेबाजी देखने में मजा आता है । वह इतना सहज होकर उम्दा टाइमिंग से खेलता है ।’’
महान फुटबॉल खिलाड़ी जिनेदीन जिदान फ्रांस के कोच बने
अपने करिश्माई खेल से महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार जिनेदीन जिदान को फ्रांस का नया कोच बनाया गया है जो दिदियेर देसचैम्प्स की जगह लेंगे।
फ्रांस फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष फिलिपे दियालो ने मंगलवार को एफएफएफ के मुख्यालय पर यह घोषणा की । जिदान के साथ चार साल का अनुबंध किया गया है।
जिदान ने कहा ,‘‘ मैं काफी रोमांचित हूं। फ्रांस टीम आपको सपने देखने का मौका देती है। हमारे पास असाधारण खिलाड़ी और बेहतरीन टीम है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘मैने इस मौके के लिये पांच साल इंतजार किया है इसलिये थोड़ा भावुक हो रहा हूं। मैने एक प्रशंसक और भावी कोच के रूप में हमेशा इस टीम को देखा है। इसलिये मैने रीयाल मैड्रिड छोड़ने के बाद किसी क्लब से नहीं जुड़ने का फैसला लिया।’’
वहीं दियालो ने कहा ,‘‘ यह असाधारण पल है । उस व्यक्ति की वजह से जो मेरे बगल में बैठा है। जिनेदीन फ्रेंच फुटबॉल के लीजैंड रहे हैं और कई साल से वह कहते आये हैं कि उनका एक सपना फ्रांस टीम की बागडोर संभालना है।’’
54 वर्ष के जिदान 2021 में रीयाल मैड्रिड छोड़ने के बाद से किसी टीम के कोच नहीं है।
राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी शर्मिला
दो वर्ष की उम्र में पोलियो का शिकार हुई शर्मिला धनकर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा एथलीट बन गई जिन्होंने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया ।
चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया।
शर्मिला ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं । अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है और दो तीन दिन लगेंगे । मेरी मां ने दुनिया से लड़कर मेरा सपना पूरा करने में मदद की । अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है ।’’
इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था।
शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया।
नाइजीरिया की ओर से हालांकि इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज किए जाने की संभावना है।
पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।
एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है।
शर्मिला का यह पदक उनके बेहतरीन खेल ही नहीं बल्कि अप्रतिम साहस की भी कहानी बताता है ।
कुशारे ने रचा इतिहास, पुरुष ऊंची कूद में रजत जीतने वाले पहले भारतीय बने
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन कर सोमवार को राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया हालांकि वह मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए ।
कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी 2.25 मीटर के बाद 2.28 मीटर पार करने में असफल रहे, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर बेकफोर्ड को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।
अन्य भारतीय खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में भारत का एकमात्र पदक तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक के रूप में जीता था लेकिन 31 वर्षीय कुशारे ने रजत पदक जीतकर उस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया।
तेजस्विन ने भी सोमवार को स्पर्धा में हिस्सा लिया, लेकिन बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा की तैयारी को देखते हुए उन्होंने 2.05 मीटर के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद हटने का फैसला किया।
27 वर्षीय तेजस्विन का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.29 मीटर है और पिछले दो वर्षों में उन्होंने डेकाथलॉन पर ध्यान केंद्रित करने के कारण व्यक्तिगत ऊंची कूद प्रतियोगिताओं में ज्यादा हिस्सा नहीं लिया है।
मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिनर सारांश जैन पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल
मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका में होने वाली श्रृंखला के लिए मंगलवार को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो घरेलू क्रिकेट में पिछले एक दशक में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।
चयनकर्ताओं ने अगले महीने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की श्रृंखला के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की।
पीटीआई ने रविवार को एक रिपोर्ट में खुलासा कर दिया था कि वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के कारण उनकी जगह 33 वर्षीय सारांश को भारतीय टीम में शामिल किया जा सकता है। वाशिंगटन की मांसपेशियों में इंग्लैंड दौरे के दौरान खिंचाव आ गया था।
दो टेस्ट मैच की यह श्रृंखला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त तक गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो (एसएससी) में होगा। इस श्रृंखला की तैयारी के लिए भारत सात अगस्त से चार दिवसीय अभ्यास मैच भी खेलेगा।
वाशिंगटन की अनुपस्थिति में शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को दाएं हाथ के उंगली के स्पिनर (ऑफ स्पिनर) की जरूरत थी, इसी वजह से सारांश को टीम में शामिल किया गया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
