वर्ल्ड कप 2019: कपिल देव और एमएस धोनी समेत ये दिग्गज कप्तान कर चुके हैं विश्व कप में टीम इंडिया की अगुवाई

विश्व कप के इतिहास में भारत साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में और 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड चैम्पियन बना। आइए जानते हैं साल 1975 से 2015 तक कपिल देव, धोनी और गांगुली समेत कई भारतीय कप्तानों की अगुवाई में टीम इंडिया का रिकॉर्ड कैसा रहा।

नवजीवन डेस्क

1. श्रीनिवासन वेंकटराघवन (1975-1979)

1975 और 1979 में हुए विश्व कप में भारतीय टीम के कप्तान वेंकटराघवन के अगुवाई में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।

पहले वर्ल्ड कप में भारत को खेलने के लिए मिले थे तीन मैच।

तीन मैचों में भारत ने ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत दर्ज की थी ।

वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले भारतीय मैन ऑफ़ बने थे फारुख इंजीनियर।

2. कपिल देव (1983-1987)

कपिल देव के अगुवाई में भारत को 1983 में अपना पहला विश्व कप मिला था।

खेल के दौरान कपिल हमेशा फुर्तीले अंदाज में साथी खिलाड़ियों का बढ़ाते थे हौसला।

ऑलराउंडर रहे कपिल ने जिम्बॉब्वे के खिलाफ 175 रन की नाबाद पारी खेल कर भारत की जीत में दिया था अहम योगदान।

1987 के विश्वकप में टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों एक रन से हार का सामना करना पड़ा था।

3. मोहम्मद अजहरुद्दीन (1992-96-99)

लगातार तीन विश्व कप में कप्तानी करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।

1992 में टीम ने आठ में से जीते थे सिर्फ 2 मुकाबले।

1996 के विश्व कप में सचिन तेंदुलकर के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भी टीम खिताब से चूक गयी थी।

1999 में अजहरुद्दीन की कप्तानी में टीम सुपर सिक्स स्टेज भी पार नहीं कर पाई।

4. सौरव गांगुली (2003)

साल 2003 में सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया विश्व कप के फाइनल में पहुंच कर जीत से चूक गई थी।

जोहनिसबर्ग में हुए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी।

यह वो दौर था जब टीम इंडिया बेहद खराब दौर से गुजर रही थी।

सचिन के बाद इस टूर्नामेंट में गांगुली ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे।

5. राहुल द्रविड़ (2007)

2007 में विश्व कप जीतने की उम्मीद लिए टीम इंडिया की कमान थमाई गयी राहुल द्रविड़ को।

लेकिन किसे पता था कि बंगलादेश जैसी टीम भारतीय टीम को ग्रुप स्टेज से ही बाहर कर देगी।

तेंदुलकर, सहवाग, गांगुली, युवराज जैसे स्टार्स की मौजूदगी के बावजूद टीम इंडिया विश्व कप से बाहर हो गई।

6. एमएस धोनी (2011-2015)

साल 2011 में इतिहास दोहराया और इस साल धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को विश्व कप दिलाया।

उस दौरान भारतीय टीम की शानदार फॉर्म के चर्चे पूरी दुनिया में हो रहे थे।

भारत ने खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड कप पर कब्जा किया था।

खुद कप्तान धोनी ने इस मुकाबले में नाबाद 91 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

धोनी की कप्तानी में एक बार फिर साल 2015 में टीम इंडिया वर्ल्ड कप का सपना लिए खेलने उतरी।

टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 95 से हार के बाद टीम विश्वकप की दौड़ से बाहर हो गयी।

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