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इतिहास रचने वाली पीवी सिंधु के लिए वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब है बेहद खास

रविवार को इतिहास रचते हुए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब जीतने वाली भारत की स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु के लिए यह ऐतिहासिक कामयाबी कई मायनों में बेहद खास है। इस बड़े खिताब को जीतने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।

फोटोः सोशल मीडिया

आईएएनएस

भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु के लिए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब बेहद खास है। इस बड़े खिताब को जीतने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। खिताब अपने नाम करने के बाद सिंधु ने कहा कि इस बार उन्हें फाइनल में आकर हार का सामना नहीं करना पड़ा है और उन्हें रजत से संतोष नहीं करना पड़ा। सिंधु को खुशी है कि वह इस बार किसी बड़े टूर्नामेंट से सिर्फ रजत पदक लेकर घर नहीं लौटी हैं। सिंधु ने कहा, “मेरे लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि एक बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में आकर मुझे निराशा का सामना नहीं करना पड़ा। काफी समय से मैं फाइनल में आकर हार जाती थी। इस बार मुझे रजत पदक से संतोष नहीं करना पड़ रहा है और मैं स्वर्ण पदक के साथ घर लौट रही हूं। मैं इससे बेहद खुश हूं। आशा है कि इस लय को मैं अगले साल भी बरकरार रखूंगी।”

वर्ल्ड की नंबर-6 सिलाड़ी सिंधु ने रविवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम कर ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने किसी भी वर्ग में इस टूर्नामेंट का खिताब नहीं जीता था। अपनी इस कामयाबी पर सिंधु ने कहा, “’मैं इस खिताबी जीत से बेहद खुश हूं और मुझे लगता है कि मेरे लिए बेहद गर्व की बात है, क्योंकि साल के आखिरी महीने में मैंने यह खिताब जीता है और एक अच्छे स्तर पर साल का समापन किया।”

सिंधु ने रविवार को महिला एकल वर्ग के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को मात दी। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-5 खिलाड़ी ओकुहारा को एक घंटे और दो मिनट तक चले मैच में सीधे गेमों में 21-9, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया। ओकुहारा के खिलाफ खेले गए मैच के बारे में सिंधु ने कहा, “भले ही मैंने यह मैच सीधे सेटों में जीता, लेकिन यह काफी लंबा मैच था। ओकुहारा ने भी अच्छा खेला। मैच के दौरान हम दोनों के बीच की रैली भी काफी देर तक चलीं। हालांकि, मेरा ध्यान अंक हासिल करने पर था और मैं संयम बनाए रखते हुए खेल रही थी।”

सिंधु ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में जापान की वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी अकाने यामागुची को मात दी। इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड नंबर-1 चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग को हराया। इसके बाद वह अमेरिका की बीवन झांग को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची। रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता ने सेमीफाइनल में थाइलैंड की रातचानोक इंतानोन को हराकर खिताबी मुकाबले में कदम रखा और अंत में ओकुहारा को हराकर खिताब अपने नाम किया। सिधु ने कहा, “मैंने इस टूर्नामेंट में शुरुआत से ही अच्छा खेला। शुरू से ही मुझे मुश्किल प्रतिस्पर्धा मिली थीं लेकिन मैंने अपना प्रयास जारी रखा।”

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