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राम पुनियानी का लेखः सुभाषचंद्र बोस और बीजेपी के विचार धुर विरोधी, केवल राजनैतिक उद्देश्य के लिए महिमामंडन का खेल

विचार

राम पुनियानी का लेखः सुभाषचंद्र बोस और बीजेपी के विचार धुर विरोधी, केवल राजनैतिक उद्देश्य के लिए महिमामंडन का खेल

डेसमंड टूटूः एक योद्धा संत का अंत, जिसने अंतिम सांस तक गांधी की तरह न संयम छोड़ा, न सत्य से डिगा

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डेसमंड टूटूः एक योद्धा संत का अंत, जिसने अंतिम सांस तक गांधी की तरह न संयम छोड़ा, न सत्य से डिगा

गांधी और गोडसे में जो फर्क है, वही फर्क हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में है- गौरव वल्लभ

हालात

गांधी और गोडसे में जो फर्क है, वही फर्क हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में है- गौरव वल्लभ

राम पुनियानी का लेखः गांधी ने सावरकर को नहीं दी माफी मांगने की सलाह, झूठ से अपने नायकों की छवि बनाना चाहता है संघ

विचार

राम पुनियानी का लेखः गांधी ने सावरकर को नहीं दी माफी मांगने की सलाह, झूठ से अपने नायकों की छवि बनाना चाहता है संघ

विष्णु नागर का व्यंग्यः सबको अपनी पसंद का गांधी चाहिए, हत्या पर जश्न मनाने वालों को भी आज गांधी चाहिए!

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विष्णु नागर का व्यंग्यः सबको अपनी पसंद का गांधी चाहिए, हत्या पर जश्न मनाने वालों को भी आज गांधी चाहिए!

राम पुनियानी का लेखः नफरत के दौर में शांति की बात करना अपराध बना, फैसल खान की गिरफ्तारी है उदाहरण

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राम पुनियानी का लेखः नफरत के दौर में शांति की बात करना अपराध बना, फैसल खान की गिरफ्तारी है उदाहरण

आज भी गांधीजी की प्रासंगिकता वैश्विक, किसी भी सीमा में बांधा नहीं जा सकताः भूपेश बघेल

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आज भी गांधीजी की प्रासंगिकता वैश्विक, किसी भी सीमा में बांधा नहीं जा सकताः भूपेश बघेल

खरी-खरीः अयोध्या से भले अपने ‘न्यू इंडिया’ में कदम रख लें मोदी, लेकिन  भविष्य गांधी-नेहरू के भारत का ही है

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खरी-खरीः अयोध्या से भले अपने ‘न्यू इंडिया’ में कदम रख लें मोदी, लेकिन भविष्य गांधी-नेहरू के भारत का ही है

विष्णु नागर का व्यंग्यः महात्मा तो गोडसे थे, पर पब्लिक कंजम्प्शन के लिए गांधी कहना पड़ता है!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्यः महात्मा तो गोडसे थे, पर पब्लिक कंजम्प्शन के लिए गांधी कहना पड़ता है!

2019 जाते-जाते उस बालकांड का अंत हो गया, जो 1947 में संविधान की गोद में बैठे देश ने देखा-जिया था!

विचार

2019 जाते-जाते उस बालकांड का अंत हो गया, जो 1947 में संविधान की गोद में बैठे देश ने देखा-जिया था!