नवजीवन बुलेटिन: मोहल्ला क्लीनिक का एक और डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव और पकड़े गए तब्लीगी जमात में शामिल हुए 24 लोग

दिल्ली के एक और मोहल्ला क्लीनिक में एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह डॉक्टर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में तैनात था और बेंगलुरु से पकड़े गए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए 24 लोग।

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नवजीवन डेस्क

दिल्ली के एक और मोहल्ला क्लीनिक में एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह डॉक्टर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में तैनात था। बीते कई दिनों से क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहा था। अब खतरे को देखते हुए उस इलाके में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। लोगों को खुद ही घरों में सेल्फ क्वॉरेंटाइन रहने को कहा गया है। इससे पहले मौजपुर के एक मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।

दिल्ली में खाद्य वितरण केंद्रों की संख्या को वर्तमान 500 से बढ़ाकर 2500 करने का निर्णय लिया गया है। इस बात की जानकारी उप राज्यपाल अनिल बैजल ने दी है। अनिल बैजल ने कहा कि इस समय सोशल डिस्टेंस को सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। हमें कुछ खाद्य वितरण केंद्रों पर सोशल डिस्टेसिंग के मानदंडों के उल्लंघन के बारे में रिपोर्ट मिली है. उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उचित तरीके से पालन किया जा सके।

कर्नाटक के बेंगलुरु में निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के आयोजन में शामिल हुए 24 लोग चिन्हित करके पकड़े गए हैं। इन 24 में एक शख्स को कोरोना पॉजिटिव भी मिला है। कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज भोमई ने बताया कि सूचना के बाद जिले में छापेमारी करके 24 लोगों को पकड़ा गया जो तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे। सभी को क्वारंटाइन में रखा गया उनके साथ संपर्क में आए लोगों को मिलाकर कुल 54 लोग क्वारंटाइन में हैं। उनमें से एक शख्स को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। पॉजिटिव मिले शख्स को क्वारंटाइन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आठ लोग ऐसे हैं जो बिदार के रहने वाले हैं और बिदार का ही शख्स कोरोना पॉजिटिव मिला है। उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटाइन किया गया है।

शहरों से पैदल अपने गांव के लिए सैकड़ों किलोमीटर के सफर पर निकले प्रवासी मजदूरों की हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 24 घंटे के भीतर कोरोना विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करने के साथ कोरोना वायरस की जानकारी के लिए पोर्टल शुरू करने का आदेश दिया है। आपको बता दें, वकील अलख ओलोक श्रीवास्तव द्वारा सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की गई है। याचिका में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों की दुर्दशा का जिक्र किया गया है। मजदूरों को भोजन, पानी और आश्रय की तत्काल मांग की गई है, जो अपने गांवों के लिए पैदल निकले हैं। इससे पहले कोर्ट ने केंद्र से इस मामले पर उसके कदमों को लेकर 31 मार्च तक स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था।

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