क्या मोदी की नहीं सुन रहे मंत्री? चिंतन बैठक से ज्यादा 'चिंता बैठक' की चर्चा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश इसे चिंतन बैठक से ज्यादा चिंता बैठक कह रहे हैं। उनका कहना है कि 'प्रधानमंत्री हर तरफ से ऐसे सवालों और आलोचनाओं के निशाने पर आ गए हैं, जिसके वे पूरी तरह हकदार हैं और जिसका स्तर और तीव्रता पहले कभी देखने को नहीं मिली।

क्या केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नहीं सुन रहे हैं? सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा क्यों जोर पकड़ रही है। खबरें हैं कि प्रधानमंत्री ने 23 और 24 सितंबर को सभी केंद्रीय मंत्रियों की चिंतन बैठक बुलाई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश इसे चिंतन बैठक से ज्यादा चिंता बैठक कह रहे हैं। उनका कहना है कि 'प्रधानमंत्री हर तरफ से ऐसे सवालों और आलोचनाओं के निशाने पर आ गए हैं, जिसके वे पूरी तरह हकदार हैं और जिसका स्तर और तीव्रता पहले कभी देखने को नहीं मिली। इस बीच 35 दिन बीत चुके हैं और संसद के मानसून सत्र का अब तक सत्रावसान नहीं हुआ है। यह अपने आप में अभूतपूर्व है। केंद्रीय गृह मंत्री लोकसभा में उस कलंकित दो-तिहाई बहुमत की तलाश में अब भी लगे हुए हैं, जो फिलहाल मृगतृष्णा ही है।' इसी मुद्दे नवजीवन की चर्चा