कारगिल युद्ध के समय भी बंद नहीं हुई थी दिल्ली-लाहौर बस सेवा, जानिए थार और ‘समझौता एक्सप्रेस’ से जुड़ी कुछ खास बातें

साल 1999 में दिल्ली-लाहौर बस सेवा के उद्घाटन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए थे। वाजपेयी के साथ उस समय शत्रुघ्न सिन्हा और देव आनंद समेत कई बड़े अभिनेता भी मौजूद थे।

नवजीवन डेस्क

धारा 370 को लेकर पाकिस्तान के बौखलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। ‘समझौता एक्सप्रेस’ और ‘थार एक्सप्रेस’ की सेवाएं बंद करने के बाद पाकिस्तान ने शुक्रवार को दिल्ली-लाहौर के बीच चलने वाली बस सेवा को भी बंद कर दिया है।

आज इस वीडियो के माध्यम से हम आपको समझौता एक्सप्रेस, थार एक्सप्रेस और दिल्ली-लाहौर बस सेवा के इतिहास से जुड़े कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स के बारे में बताएंगे।

समझौता एक्सप्रेस को ‘फ्रेंडशिप एक्सप्रेस’ और ‘पीस ट्रेन’ के नाम से भी जाना जाता है।

22 जुलाई 1976 में समझौता एक्सप्रेस को अमृतसर से पाकिस्तान के लाहौर के बीच शुरू किया गया था।

1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय से ही यह रेल लाइन दोनों देशों के बीच सबसे पुरानी लाइन मानी जाती है।

यह ट्रेन एक हफ्ते में सिर्फ दो बार चलती है।

‘समझौता एक्सप्रेस’ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से शुरू होकर अटारी तक जाती है। उसके बाद वहां से पाकिस्तान के लिए दूसरी ट्रेन बदली जाती है।

‘थार एक्सप्रेस’ की बात की जाए तो यह राजस्थान के समवर्ती इलाकों में काफी लोकप्रिय है।

थार एक्सप्रेस राजस्थान के कोठी भगत स्टेशन से पाकिस्तान के कराची तक जाती है।

इस ट्रेन सेवा का संचालन हर शुक्रवार को किया जाता है।

1999 को आम नागरिकों के लिए दिल्ली से लाहौर तक एक बस सेवा शुरू की गई थी, जिसके उद्घाटन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी पाकिस्तान गए थे।

इस बस सेवा के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री समेत बॉलीवुड के कई बाड़े सितारे भी पाकिस्तान पहुंचे थे।

1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे कारगिल युद्ध के दौरान भी इस बस सेवा को बंद नहीं किया गया था।

साल 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद इस सेवा को बंद किया गया था।

हालांकि 2 साल बाद पाकिस्तान के साथ संबंधों में आई नरमी को देखते हुए इस सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया था।