वीडियो: देश में विभाजनकारी माहौल के बीच BJP को आईना दिखाती देवी प्रसाद मिश्र की कविता ‘वे मुस्लमान थे’

देश में किसी भी चुनाव में BJP नेता असल मुदों से हटकर पाकिस्तान, हिन्दू-मुस्लमान जैसे मुद्दों पर अपना राग अलापने लगते हैं। देश में सत्ताधारी दलों द्वारा इन दिनों फैलाए जा रहे ध्रुवीकरण के बीच BJP को आईना दिखा रही देवी प्रसाद मिश्र की कविता ‘वे मुसलमान थे’।

user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

इन दिनों देश में एक अजीब सा माहौल बना हुआ है। विभाजनकारी नीतियां तेजी से अपने पैर पसार रही हैं। सत्ताधारी दलों द्वारा ध्रुवीकरण और असंतोष की भावना फैलाने का काम किया जा रहा है। चाहे लोकसभा हो या विधानसभा, दोनों ही चुनावों में बीजेपी के नेता असल मुदों से हटकर पाकिस्तान, इमरान खान हिन्दू-मुस्लमान जैसे मुद्दों पर अपना राग अलापना शुरू कर देते हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
देवी प्रसाद मिश्र

मौजूदा समय में CAA को लेकर देश में जो विरोध चल रहा है उसे भी बीजेपी नेता एक अलग रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इस माहौल के बीच एक मशहूर साहित्यकार, रचनाकार देवी प्रसाद मिश्र की कविता ‘वे मुसलमान थे’ याद आती है। यह कविता देश में बन रहे माहौल के बीच बीजेपी को आईना दिखाती है।

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia