वीडियो: जन्मदिन विशेष - बे-आवाज़ों की आवाज़ फैज़ अहमद फैज़

फैज़ अहमद फैज़ उर्दू साहित्य का वह नाम है जिसने अपनी शायरी में इश्क-ओ-मोहब्बत की दास्तां का भी जिक्र किया, गरीब की भूख का भी जिक्र का और इंकलाब की सदा भी बुलंद की। उन्होंने बेरुत में रहकर भी असली मुद्दों को उठाया और पाकिस्तान में रहकर भी सत्ता के खिलाफ आवाज़ उठाई।

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नवजीवन डेस्क

फैज़ अहमद फैज़ उर्दू साहित्य का वह नाम है जिसने अपनी शायरी में इश्क-ओ-मोहब्बत की दास्तां का भी जिक्र किया, गरीब की भूख का भी जिक्र का और इंकलाब की सदा भी बुलंद की। उन्होंने बेरुत में रहकर भी असली मुद्दों को उठाया और पाकिस्तान में रहकर भी सत्ता के खिलाफ आवाज़ उठाई। आज फैज़ की 110वीं सालगिरह है। अफसोस कि जिस वक्त उनकी सख्त जरूरत है वह नहीं हैं। फैज़ अहमद फैज़ की शायरी और उनके व्यक्तित्व पर देखिए यह चर्चा सुहेल हाश्मी और सैफ महमूद के साथ

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