Video: JNU के छात्रों की परेशानी और सरकार की तानाशाही को बयां करती गौहर रज़ा की नज़्म ‘दर्सगाहें’

उर्दू के प्रसिद्ध कवि गौहर रज़ा ने अप्रैल 2018 में JNU में बढ़ रहे विवाद के समय एक कविता पढ़ी थी। अब एक बार फिर JNU के छात्रों की परेशानी और सरकार-प्रशासन की तानाशाही को बयान करते हुए ‘दर्सगाहें’ नाम की यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

नवजीवन डेस्क

पिछले कुछ हफ़्तों से दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में बढ़ी हुई हॉस्टल फीस और कई नियमों में बदलावों के खिलाफ JNU के छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाईं, जिसके बाद कई छात्र बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। फिलहाल मामला मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पहुंच गया है। कई बुद्धिजीवी और शिक्षक जेएनयू के छात्रों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।

इसी बीच, भारतीय वैज्ञानिक और उर्दू के प्रसिद्ध कवि गौहर रज़ा की कविता ‘दर्सगहें’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे गौहर रज़ा ने अप्रैल 2018 में JNU में बढ़ रहे विवाद के समय पढ़ा था। अब जब एक बार फिर JNU के छात्रों की परेशानी और सरकार-प्रशासन की तानाशाही को बयान करते हुए यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

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