सिर्फ Gyanesh Kumar के इस्तीफे से नहीं मानेंगे; Neha Bora की अगुवाई में युवाओं ने रख दी बड़ी डिमांड
युवाओं का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को वापस नहीं लिया जाता और चुनावी व्यवस्था में सुधार और पुनर्गठन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते। देखें पूरी जानकारी वीडियो में।
छात्र संगठनों और युवा प्रतिनिधियों ने वोट चोरी और चुनाव आयोग के खिलाफ 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर आंदोलन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। CPI(ML) से जुड़े ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), CPI(M) से जुड़े स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), CPI से जुड़े ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि अब आंदोलन सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को वापस नहीं लिया जाता और चुनावी व्यवस्था में सुधार व पुनर्गठन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते। आखिर छात्र संगठनों की क्या हैं प्रमुख मांगें? चुनाव आयोग और चुनावी व्यवस्था को लेकर आंदोलन का अगला कदम क्या होगा? पूरी जानकारी वीडियो में
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