जम्मू-कश्मीर: कर्फ्यू और तनाव के बीच घाटी  में कैसे मनेगी बकरीद, जानिए क्या हैं सरकार के इंतजाम

जम्मू-कश्मीर के जो छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ाई कर रहे हैं और ईद के मौके पर घर आना चाहते हैं, उनकी मदद की जाएगी।इसके आलवा जो छात्र घर नहीं आ सकते हैं, उनके लिए उत्सव आयोजित कराने के लिए एक-एक लाख रुपये नामित अधिकारियों को दिए जाएंगे।

नवजीवन डेस्क

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद घाटी के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू अभी भी जारी है। बकरीद और जुमे की नमाज के लिए लोगों की सहूलियत के लिए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कुछ निर्देश जारी किए हैं। आइए बताते हैं आपको के कर्फ्यू के बावजूद वहां के लोग कैसे मनाएंगे ईद और जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वाले लोगों को त्यौहार पर घर लौटने के लिए सरकार ने किस तरह के कदम उठाए हैं।

राज्यपाल के निर्देश के अनुसार जम्मू-कश्मीर के जो छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ाई कर रहे हैं और ईद के मौके पर घर आना चाहते हैं, उनकी मदद की जाएगी।

इसके आलवा जो छात्र घर नहीं आ सकते हैं, उनके लिए उत्सव आयोजित कराने के लिए एक-एक लाख रुपये नामित अधिकारियों को दिए जाएंगे।

घाटी में ईद की तैयारियों को लेकर एक बैठक में जुमे की नमाज और बकरीद की तैयारियों पर चर्चा की गई।

ईद के मौके पर जानवर खरीदने के लिए घाटी में अलग-अलग जगहों पर मंडी बनाई जाएगी।

इसके साथ ही राशन की दुकानों, मेडिकल स्टोर्स और खाने-पीने की जगहों को भी इस मौके पर खोलने का आदेश दिया गया है।

बता दें कि मोदी सरकार लगातार घाटी के हालातों में सुधार का दावा कर रही है। हालांकि इस तरह की कोई भी खबर या तस्वीर अभी तक जारी नहीं की गई है।

Published: 8 Aug 2019, 1:29 PM
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