मजदूर आंदोलनः सत्यम वर्मा और अन्य के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर छात्रों ने उठाए सवाल
गिरफ्तार लोगों में सत्यम वर्मा, कवियित्री कात्यायनी, छात्र हिमांशु ठाकुर, आकृति, सृष्टि, मनीषा, रूपेश रॉय और आदित्य आनंद शामिल हैं। मजदूर आंदोलन के खिलाफ पुलिसिया दमन पर छात्रों का कहना है कि वह मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे, फर्जी मुकदमों से डरेंगे नहीं।
नोएडा में मजदूर आंदोलन के बाद गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखकों और स्टूडेंट्स को छोड़े जाने की मांग को लेकर सामाजिक और राजनीतिक संगठन आंदोलित हैं। 30 अप्रैल को जंतर-मंतर पर रेवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया, दिशा छात्र संगठन, आइसा, नौजवान सभा और अन्य संगठनों के लोगों ने जबरदस्त प्रोटेस्ट किया। गिरफ्तार लोगों में वरिष्ठ पत्रकार और जनपक्षधर लेखक सत्यम वर्मा, कवियित्री कात्यायनी, छात्र हिमांशु ठाकुर, आकृति, सृष्टि, मनीषा, ऑटो चालक और सामाजिक कार्यकर्ता रूपेश रॉय और आदित्य आनंद शामिल हैं। RWPI की अदिति ने कहा कि पुलिस ने संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किए बिना अरेस्ट किया है। पुलिसिया दमन के बीच मजदूर आंदोलन की दशा और दिशा पर सवाल हैं, लेकिन छात्रों का सोचना अलग है। उनका कहना है कि वह मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे, फर्जी मुकदमों से डरेंगे नहीं।
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