मृणाल की बैठक- एपिसोड 63: फारुक अब्दुल्लाह पर जन सुरक्षा कानून की कार्रवाई और हिंदी पर बढ़ता बवाल

इस एपिसोड में चर्चा फारुक अब्दुल्लाह पर लगाए गए जन सुरक्षा कानून की।आखिर सरकार को उनसे क्या खतरा है जो ऐसा कानून लगाया गया जिसमें 2 साल तक बिना सुनवाई के किसी को हिरासत में रखा जा सकता है? इसके अलावा बात कि आखिर क्यों सरकार विविधताओं वाले देश पर एक भाषाथोपने की कोशिश कर रही है।

नवजीवन डेस्क

मृणाल की बैठक के इस एपिसोड में चर्चा फारुक अब्दुल्लाह पर लगाए गए जन सुरक्षा कानून की। आखिर सरकार को उनसे क्या खतरा है जो ऐसा कानून लगाया गया जिसमें 2 साल तक बिना सुनवाई के किसी को हिरासत में रखा जा सकता है? फारुक अब्दुल्ला राज्य के दो बार मुख्यमंत्र ही नहीं, बल्कि वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा बात करेंगे हिंदी पर बढ़ते बवाल की। आखिर क्यों सरकार विविधताओं वाले देश पर एक भाषा थोपने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा बात दूरदर्शन के 60 बरस की और सवाल की कितना स्वायत्त रह गया है दूरदर्शन।

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