नवजीवन बुलेटिन: उन्नाव रेप पीड़िता का लखनऊ में ही होगा इलाज, सुरक्षा कारणों से चाचा शिफ्ट किए जाएंगे दिल्ली

उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर बड़ा फैसला सुनायाहै। सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्लीकी तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने ये आदेश सुरक्षा कारणों कीवजह से दिया है।

नवजीवन डेस्क

उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने ये आदेश सुरक्षा कारणों की वजह से दिया है। इसके अलावा पीड़िता का इलाज लखनऊ में ही किया जाएगा, उसे दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जाएगा। रेप पीड़िता के वकीलों की तरफ से अदालत को जानकारी दी गई है कि पीड़िता का परिवार लखनऊ में ही इलाज कराना चाहता है, ऐसे में वह नहीं चाहते हैं कि पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किया जाए। बता दें कि गुरुवार को अदालत ने कहा था कि अगर पीड़िता का परिवार चाहे तो उनका इलाज दिल्ली में किया जा सकता है।

नेशनल मेडिकल कमिशन बिल के खिलाफ डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में एम्स के डॉक्टर तीसरे दिन भी हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के विरोध के बीच गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्यसभा में एनएमसी बिल को पास करा दिया, जबकि 29 जुलाई को लोकसभा में यह बिल पास हो गया था। पूरे देश के डॉक्टर इस बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों के हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी से उन्नाव केस का हवाला देते हुए महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर सवाल पूछना 11वीं की छात्रा का भारी पड़ गया है। बताया जा रहा है कि डर के चलते परिजन उसे स्कूल ही नहीं भेज रहे हैं। गौरतलब है कि छात्रा के सवालों का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस अफसर ने चुप्पी साध ली थी।

Published: 2 Aug 2019, 2:05 PM
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