नवजीवन बुलेटिन: 'घोटालों' को लेकर योगी पर हमलावर हुईं प्रियंका और जेल में ही रहेंगी रिया, जमानत याचिका खारिज

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक बार फिर यूपी की योगी सरकार पर घोटालों को लेकर हमलावर हुईं हैं और सुशांत सिंह केस में ड्रग्स कनेक्शन को लेकर जेल में बंद रिया समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है।

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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर यूपी की योगी सरकार पर घोटालों को लेकर हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक उप्र में कोरोना किट खरीदी में घोटाला हुआ है। प्रियंका ने पूछा है कि क्या पंचायत चुनावों के साल में जिले-जिले वसूली केंद्र बना दिए गए हैं? PPE किट घोटाला, 69K घोटाला, बिजली घोटाला। प्रियंका गांधी ने आगे लिखा कि पहले घोटाला, फिर सख्ती का नाटक और फिर घोटाला दबाना...अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खत्म।” इससे पहले प्रियंका गांधी ने मंगलवार को को प्रियंका गांधी ने कहा था कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर यूपी सरकार का खुद की पीठ थपथपाना वैसा ही है जैसे लापता एमओयू के बल पर निवेश कराना। प्रदेश में उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं, फैक्ट्रियों में ताला लगा है, बुनकर करघा बेंच रहे हैं। वास्तव में यहां केवल 'ईज ऑफ डूइंग क्राइम' और 'ईज ऑफ डूइंग घोटाला' है।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े ड्रग केस में शुक्रवार को रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक की जमानत याचिका पर कोर्ट ने खारिज कर दी। रिया और शौविक के अलावा अब्दुल बासित, जैद विलात्रा, दिपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा को भी बेल नहीं मिली है। अब सभी आरोपी अगले हफ्ते हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील करेंगे। आपको बता दें, रिया चक्रवर्ती मुंबई के भायखला जेल में बिते दो दिनों से बंद हैं। मुंबई सेशंस कोर्ट ने रिया और अन्‍य मामले में गुरुवार को जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उनके वकील बॉम्बे हाई कोर्ट में जमानत याचिका दे सकते हैं। रिया सहित सभी 6 लोगों की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इन्हें रिहा करने से एनसीबी की जांच प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में तीन महीने के अंदर लगभग 48,000 झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब रेलवे ने दिल्ली इलाके में झुग्गियों पर नोटिस चिपकाया है। बता दें कि यह नोटिस झुग्गियां खाली करने के लिए चिपकाया गया है। नोटिस के मुताबिक 14 सितंबर तक झुग्गियां खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने आज पूर्व न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा दिए गए निर्देशों को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया, जिसमें अदालत ने दिल्ली में लगभग 48,000 झुग्गियों के साथ-साथ रेलवे पटरियों को हटाने का निर्देश दिया था। मकान ने अपनी याचिका में कहा है कि कोर्ट के इस फैसले से करीब 2 लाख 50 हज़ार लोग प्रभावित होंगे। माकन ने कहा कि झुग्गी हटाने का आदेश देते वक्त न झुग्गी में रहने वालों का पक्ष सुना गया और न ही उनके प्रतिनिधियो का पक्ष सुना गया। कोर्ट के इस आदेश की वजह से ढाई लाख लोग बेघर हो जाएंगे। बता दें कि हाल ही में अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर में 140 किलोमीटर लंबी रेल पटरियों के आसपास बनी झुग्गियां हटाई जाएं। कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया गया है कि कोई भी अदालत झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने पर स्टे नहीं देगी।

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