सरकार ने पहले नोटबंदी और GST से MSMEs को किया नष्ट, अब कृषि कानूनों से किसानों को तबाह करने की कोशिश: राहुल गांधी

राहुल गांधी मोदी सरकार पर नोटबंदी-जीएसटी और कृषि कानूनों को लेकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि पहले सरकार ने छोटे और मध्यम व्यवसायों को नष्ट करने के लिए नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले लिए। अब सरकार कृषि को खत्म करने में लगी है यही वजह है कि केंद्र ने कृषि कानूनों को जबरन लागू किया।

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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि देश में छोटे और मध्यम व्यवसायों पर व्यवस्थित हमला किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी और खासकर जीएसटी को छोटे और मध्यम व्यवसायों को नष्ट करने के लिए बनाया गया। राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं जब दुकानदारों से बात करता हूं तो वो कहते हैं कि ये रास्ता साफ कर रहे हैं। हमको रास्ते से हटाया जा रहा है। राहुल गांधी ने हाल ही में केंद्र द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों को लेकर कहा कि अब सरकार कृषि को भी नष्ट करने में लगी है।

तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र पर हमला बोला। राहुल गांधी ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री ये नहीं जानते कि कृषि अपने रूप में लोगों के पूरे समूह को सुरक्षा प्रदान कर रही है। लाखों लोगों की देखरेख कर रही है और प्रधानमंत्री यही उनसे छीनना चाह रहे हैं। किसानों से बात करने पर पता चलता है कि वो इस बात से परेशान हैं कि आखिर वो कहां जाए। राहुल गांधी ने पूछा कि कोरोना के समय मजदूरों को क्यों अपने घर जाना पड़ा? राहुल गांधी ने कहा कि पीएम किसानों से उनका हक छीनने में लगे हैं और कुछ पूंजीपतियों को इसकी लगाम सौंपने में लगे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि 1.3 अरब लोगों के इस देश को एक निर्माण उद्योग की जरूरत है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, एक इंसान के नाते आपकी एक यादें रहती है और एक कल्पना। भारत में इस बात को लेकर चर्चा होती है कि पिछले कई दशकों में ये हुआ, ये नहीं हुआ। राहुल ने कहा ये आपकी यादें हैं लेकिन आपकी कल्पना क्या है? कुछ भी नहीं. राहुल गांधी ने कहा आप यादों पर एक नजरिया का निर्माण नहीं कर सकते हैं। आपको कल्पना पर अपना नजरिया बनाना होगा। भारत में सिर्फ और सिर्फ अतीत की बात होती है। जबकि चीन पहले कल्पना करता है और फिर उसे पूरा करने में लग जाता है। राहुल गांधी ने कहा सवाल ये नहीं है कि भारत में पिछले 50 साल में क्या हुआ, सवाल ये है कि फिलहाल देश किस दिशा में जा रहा है।

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