गोरखपुर और फर्रुखाबाद के बाद अब महाराष्ट्र का नासिक जिला अस्पताल बना बच्चों की कब्रगाह

एक और बीजेपी शासित राज्य में अस्पताल बच्चों की कब्रगाह बन गई है। यूपी के गोरखपुर और फर्रूखाबाद के बाद अब महाराष्ट्र के नासिक जिला अस्पताल से अगस्त महीने में 55 बच्चों की मौत की खबर आई है।

फोटो: Google
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नवजीवन डेस्क

एक और बीजेपी शासित राज्य में अस्पताल बच्चों की कब्रगाह बन गई है। यूपी के गोरखपुर और फर्रूखाबाद के बाद अब महाराष्ट्र के नासिक जिला अस्पताल से अगस्त महीने में 55 बच्चों की मौत की खबर आई है। बताया जा रहा है कि नासिक जिला अस्पताल में बच्चों की मौत की वजह अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि सुविधाओं की कमी है। डॉक्टर जीएम होल और परिजनों की मानें तो जिला अस्पताल में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर आदि नहीं होने की वजह से बच्चों की लगातार मौत हो रही है।

हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इलाज के दौरान किसी भी लापरवाही से इंकार किया है। अस्पताल की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जून महीने में अस्पताल में 262 बीमार बच्चे इलाज के लिए आए थे और उनमें से 35 की मौत हो गई थी। जबकि जुलाई में भर्ती हुए 314 बीमार बच्चों में से 46 की मौत हुई थी और अगस्त में इलाज के लिए लाए गए 346 बीमार बच्चों 55 की जान चली गई।

बच्चों की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन से लेकर सरकार तक यह दावा कर रही है कि जिन बच्चों की मौत हुई है, वे पहले से ही काफी कमजोर थे और उन्हें दूसरे अस्पताल से यहां लाया गया था। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा कि बच्चों को इमरजेंसी हालत में सरकारी अस्पताल में लाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में जल्द ही एक प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

विपक्ष ने बच्चों की मौत पर महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि मोदी सरकार करोड़ों रुपए अपने प्रचार पर खर्च करती है, लेकिन बच्चों के लिए अस्पताल में बुनियादी सुविधा भी मुहैया नहीं करा पाती है। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने बच्चों की मौत के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगा है।

हाल में ही यूपी के गोरखपुर और फर्रूखाबाद के अस्पतालों में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई थी। बावजूद इसके अलग-अलग राज्यों में बीजेपी की सरकारें सबक लेने में नाकाम रही हैं।

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Published: 09 Sep 2017, 2:19 PM
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