हिंदी सिनेमा में जब भी 60-70 के दशक की खूबसूरत अभिनेत्रियों का जिक्र होता है, तो मुमताज का नाम सबसे पहले याद आता है। उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उनकी शुरुआत बेहद मामूली रही, लेकिन रास्ता मुश्किलों से भरा रहा और आखिर में चकाचौंध से भरी जिंदगी देखने को मिली। एक वक्त था जब मुमताज को सिर्फ स्टंट फिल्मों की 'हीरोइन फॉर हायर' माना जाता था। 31 जुलाई 1947 को मुंबई में जन्म लेने वाली मुमताज का असली नाम मुमताज बेगम जहान देहलवी था। उन्होंने महज 11 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। वह अपने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर आगे बढ़ती रहीं। उनके करियर का पहला बड़ा मोड़ 1963 में रिलीज हुई फिल्म 'फौलाद' से आया, जिसमें उन्होंने मशहूर पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के साथ लीड रोल निभाया। यह एक एक्शन फिल्म थी।
उन्हें 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका', 'वीर भीमसेन', 'टार्जन कम्स टू देल्ही', 'रुस्तम-ए-हिंद', और 'डाकू मंगल सिंह' जैसी एक्शन फिल्मों में दारा सिंह के साथ कास्ट किया गया। इन फिल्मों में मुमताज कभी तलवारें चलाती नजर आती, तो कभी पेड़ों पर चढ़कर स्टंट करती दिखती। वह फिल्मों में खलनायकों से खूब भिड़ी और मारधाड़ से भरपूर किरदार निभाए। मुमताज ने दारा सिंह के साथ करीब 16 फिल्मों में काम किया, जिनमें से 12 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। इंडस्ट्री ने उन्हें 'स्टंट फिल्मों की नायिका' के टैग से नवाजा। हालांकि, इस टैग ने उन्हें बड़े बैनर्स और स्टार नायकों से दूर भी कर दिया। कई अभिनेता, खासकर शशि कपूर और जीतेंद्र जैसे नाम, उनके साथ काम करने से कतराते थे।
मुमताज ने हार नहीं मानी। उन्होंने 1967 में आई फिल्म 'राम और श्याम' और 1969 में आई फिल्म 'दो रास्ते' के जरिए लोगों को दिखाया कि वह सिर्फ स्टंट सीन ही नहीं, बल्कि इमोशन और रोमांस सीन्स को भी बेहतरीन तरीके से निभा सकती हैं। इसके बाद 'बंधन', 'सच्चा झूठा', 'खिलौना', 'रोटी', 'चोर मचाए शोर', और 'आपकी कसम' जैसी फिल्मों में उन्होंने लीड रोल निभाया और सुपरहिट परफॉर्मेंस दी। 1970 में फिल्म 'खिलौना' में दमदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके अलावा 1996 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी नवाजा गया। मुमताज की सबसे मशहूर जोड़ी राजेश खन्ना के साथ रही। दोनों ने आठ फिल्मों में साथ काम किया और हर फिल्म हिट साबित हुई। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री, खासकर 'प्रेम कहानी' और 'आपकी कसम' जैसी फिल्मों में, दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ गई।
1974 में जब मुमताज करियर के शिखर पर थीं, तब उन्होंने मयूर मधवानी से शादी करके फिल्मों से दूरी बना ली। शादी के बाद उन्होंने कुछ सालों के लिए इंडस्ट्री से दूरी रखी और परिवार को प्राथमिकता दी। 1990 में मुमताज ने एक बार फिर फिल्म 'आंधियां' के साथ वापसी की, लेकिन यह फिल्म चल नहीं सकी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से संन्यास ले लिया, लेकिन उनकी जिंदगी में एक गंभीर मोड़ आया, जब उन्हें कैंसर का पता चला। उन्होंने तुरंत इलाज करवाने का फैसला लिया और अमेरिका में कीमोथैरेपी से लेकर सर्जरी तक का कठिन और दर्दनाक इलाज करवाया, लेकिन मानसिक तौर पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी और ठीक होकर लौटीं। मुमताज ने उस वक्त एक इंटरव्यू में कहा था, "मैं हर उस महिला को बताना चाहती हूं, जो कैंसर से जूझ रही है कि यह अंत नहीं है। अगर मुझ जैसी औरत इससे उबर सकती है, तो कोई भी कर सकता है। हिम्मत मत हारो, जिंदगी बहुत खूबसूरत है।"
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अभिनेता चंकी पांडे ने सोशल मीडिया पर तीस साल से ज्यादा समय बाद काठमांडू जाने का अनुभव साझा किया। उन्होंने वहां बिताए अपने पुराने यादगार पलों को याद करते हुए बताया कि इतने सालों बाद वापस जाना उनके लिए कितना खास और भावुक एहसास है। चंकी पांडे ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें वह मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते दिखे। इन तस्वीरों के साथ चंकी ने कैप्शन में लिखा, ''1989 के बाद अब काठमांडू आया हूं। बहुत खूबसूरत, बहुत हरा-भरा और यहां की मेहमान नवाजी बहुत गर्मजोशी भरी है।''
इससे पहले, उन्होंने पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर का दर्शन किया और अपनी आध्यात्मिक यात्रा के कुछ पल सोशल मीडिया पर शेयर किए। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और नेपाल के काठमांडू में बागमती नदी के किनारे स्थित है। उन्होंने फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, ''श्रावण महीने में पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिला, इसके लिए मैं खुद को धन्य महसूस करता हूं।''
वर्कफ्रंट की बात करें तो चंकी पांडे अपनी आने वाली कॉमेडी फिल्म 'सन ऑफ सरदार 2' की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं। इस कॉमेडी थ्रिलर फिल्म का निर्देशन विजय कुमार अरोड़ा ने किया है। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने देवगन फिल्म्स, एनआर पचीसिया और प्रवीण तलरेजा के साथ मिलकर बनाया है। 'सन ऑफ सरदार 2' साल 2012 की फिल्म सन ऑफ सरदार का सीक्वल है। अजय देवगन की ये सीक्वल फिल्म 13 साल बाद आ रही है। सीक्वल में सोनाक्षी सिन्हा को मृणाल ठाकुर ने रिप्लेस किया है, वहीं संजय दत्त की जगह रवि किशन ने ली है। फिल्म में अजय देवगन और चंकी पांडे के अलावा, रवि किशन, संजय मिश्रा, मृणाल ठाकुर, नीरू बाजवा, कुब्रा सैत, रोशनी वालिया, दीपक डोबरियाल, विंदू दारा सिंह, शरद सक्सेना, अश्विनी कलसेकर, साहिल मेहता और दिवंगत मुकुल देव भी हैं। यह फिल्म 1 अगस्त 2025 को थिएटर्स में रिलीज होगी।
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भारतीय उद्योगपति और दूरदर्शी नेता जेआरडी टाटा की 121वीं जयंती के अवसर पर, वेब सीरीज 'मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी' के निर्माताओं ने पहला पोस्टर जारी किया। इस पोस्टर में मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को भारत रत्न जेआरडी टाटा के रूप में दिखाया गया है। अमेजन एमएक्स प्लेयर ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को जेआरडी टाटा की तरह कपड़े पहने और उसी अंदाज में दिखाया गया है।
'मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी' वेब सीरीज एक प्रेरणादायक कहानी है, जो बताएगी कि कैसे एक बड़ा सपना देखा गया, किस तरह एक बड़ी कंपनी खड़ी की गई, और देश के विकास में योगदान दिया गया। यह कहानी मेहनत, सोच और देश के लिए कुछ बड़ा करने की भावना को दिखाती है। नसीरुद्दीन शाह के अलावा इस सीरीज में एक्टर जिम सर्भ भी नजर आएंगे, जो टाइटन वॉच कंपनी के संस्थापक जेरक्सेस देसाई का किरदार निभाएंगे। इस सीरीज में नमिता दुबे, वैभव तत्ववादी, कावेरी सेठ, लक्षवीर सरन और परेश गणात्रा जैसे कई अन्य बेहतरीन कलाकार भी अहम किरदार में हैं।
अमेजन एमएक्स प्लेयर के कंटेंट प्रमुख अमोघ दुसाध ने कहा, ''यह कहानी सिर्फ टाइटन ब्रांड की नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा है। नसीरुद्दीन शाह को जेआरडी टाटा का रोल निभाते देखना हमारे लिए बहुत खास और उत्साहजनक है। 'मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी' के जरिए हम न सिर्फ एक मशहूर ब्रांड को सम्मान दे रहे हैं, बल्कि उन दूरदर्शी लोगों को भी, जिन्होंने इसे बनाया।'' डायरेक्टर रॉबी ग्रेवाल ने कहा, '''मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी' में जेआरडी टाटा की विरासत को दिखाना प्रेरणादायक सफर रहा। उनकी सोच सिर्फ कंपनियां बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने संस्थानों, विचारों और उद्देश्यों की भावनाओं का निर्माण किया। नसीरुद्दीन शाह जैसे महान अभिनेता ने जब जेआरडी टाटा का किरदार निभाया, तो कहानी में गहराई और सच्चाई आ गई। हमें पूरा भरोसा है कि यह सीरीज दर्शकों को याद दिलाएगी कि रचनात्मक सोच और देश के विकास की ये कहानियां आज के समय में कितनी जरूरी हैं।'' 'मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी' सीरीज को प्रभलीन संधू ने ऑलमाइटी मोशन पिक्चर के बैनर तले बनाया है। इस सीरीज के अगले साल की शुरुआत में रिलीज होने की उम्मीद है।
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फिल्म निर्माता-लेखक अनीस बज्मी की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ को रिलीज हुए 21 साल पूरे हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर फिल्ममेकर ने बताया कि फिल्म को देखकर आज भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। डेविड धवन के निर्देशन में बनी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म की कहानी को अनीस ने लिखा था। फिल्म में सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। अनीस ने सोशल मीडिया पर इस खास मौके को याद करते हुए फिल्म की लोकप्रियता को फैंस के प्यार का नतीजा बताया। अनीस ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “'मुझसे शादी करोगी' के 21 साल- यह फिल्म आज भी मुस्कान और थोड़ा सा पागलपन ले आती है। दर्शकों के प्यार के लिए आभारी हूं।"
शेयर किए पोस्टर में तीनों एक्टर्स नजर आ रहे हैं। 21 साल बाद भी यह फिल्म दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है। प्रशंसक पोस्ट पर जमकर कमेंट करते नजर आए। एक यूजर ने लिखा, “मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक।” दूसरे ने कहा, “बेहद मनोरंजक फिल्म।” एक प्रशंसक ने तो सुझाव दिया कि अनीस को नए एक्टर्स के साथ इस फिल्म का सीक्वल बनाना चाहिए। 30 जुलाई 2004 को रिलीज हुई यह फिल्म साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस की थी। इसमें सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, अक्षय कुमार, अमरीश पुरी, कादर खान, सतीश शाह और राजपाल यादव जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। गोवा की खूबसूरत पृष्ठभूमि में बनी इस फिल्म की कहानी दो पुरुषों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक ही महिला का दिल जीतने की कोशिश करते हैं। यह कहानी हॉलीवुड फिल्म ‘एंगर मैनेजमेंट’ से प्रेरित थी। ‘मुझसे शादी करोगी’ साल 2004 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म थी। इसने तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड नॉमिनेशन हासिल किए और छठे आइफा अवॉर्ड्स में बेस्ट फिल्म, सलमान खान के लिए बेस्ट एक्टर, प्रियंका चोपड़ा के लिए बेस्ट एक्ट्रेस और डेविड धवन के लिए बेस्ट डायरेक्टर सहित कई पुरस्कार जीते।
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अभिनेता वैभव राज गुप्ता की वेब सीरीज ‘मंडला मर्डर्स’ रिलीज हो चुकी है, जिसमें उनके अभिनय की तारीफ हो रही है। सीरीज में पुलिस अधिकारी विक्रम सिंह की भूमिका निभाने वाले एक्टर ने बताया कि यह किरदार उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि वह शूटिंग के दौरान सेट पर रो पड़े थे। उन्होंने बताया कि इस किरदार के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व का पल था। वैभव ने अपनी इस सफर को याद करते हुए कहा कि यशराज फिल्म्स के दरवाजे उनके लिए खुलना और लुक टेस्ट का पहला दिन उनके लिए यादगार था। वैभव ने बताया, “मैंने ‘मंडला मर्डर्स’ के पहले दिन से आखिरी दिन तक हर पल को रिकॉर्ड किया। यशराज फिल्म्स के साथ काम करने का मौका मिलना मेरे लिए बेहद खास है और इसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। लुक टेस्ट का पहला दिन भी एक बड़ा पड़ाव था। इस भूमिका के लिए चुना जाना मेरे लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि निर्देशक गोपी पुथरन और मनन रावत ने महीनों तक उनके साथ वर्कशॉप किया। अभिनेता ने बताया, “विक्रम का किरदार मेरे व्यक्तित्व से बिल्कुल उलट है। वह एक गुस्सैल इंसान है। मैंने उसके रोल को निभाने के लिए गोपी के साथ मिलकर उसके खड़े होने, चलने, गुस्से को व्यक्त करने और आवाज के लहजे पर काम किया। यह किरदार धीरे-धीरे मेरे अंदर बस गया।” वैभव ने किरदार की भावनात्मक गहराई के बारे में कहा, “विक्रम का किरदार आसान नहीं था। कई सीन के बाद मैं सेट पर रो पड़ा, क्योंकि यह किरदार बहुत कुछ झेलता है। मैं इसे वास्तविक और व्यक्तिगत बनाना चाहता था। मेरे निर्देशकों ने मुझे भावनात्मक गहराई लाने में बहुत मदद की।” ‘मंडला मर्डर्स’ उत्तर प्रदेश के काल्पनिक शहर चरणदासपुर की कहानी पर आधारित है। यह रहस्य, अलौकिक और मनोवैज्ञानिक थ्रिलर का मिश्रण है। आठ एपिसोड वाली इस सीरीज में वैभव राज गुप्ता के साथ वाणी कपूर, सुरवीन चावला, रघुबीर यादव और श्रिया पिलगांवकर मुख्य भूमिकाओं में हैं।
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