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अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन भी बड़ी गिरावट, अमेरिकी टैरिफ पर क्या बोला वित्त मंत्रालय?

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 604.72 अंक या 0.72 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83,576.24 और निफ्टी 193.55 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,683.30 बंद हुआ।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

 शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 605 अंक नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 193 अंक की गिरावट आई। अमेरिकी शुल्क बढ़ने की चिंताओं और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

कारोबारियों ने कहा कि भारतीय बाजारों से विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।

शुरुआती कारोबार में मामूली सुधार के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपनी गति बरकरार रखने में विफल रहा और 604.72 अंक यानी 0.72 प्रतिशत गिरकर 83,576.24 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 778.68 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 83,402.28 तक चला गया था।

दूसरी ओर 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 प्रतिशत टूटकर 25,683.30 पर बंद हुआ।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, ''वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक और व्यापार संबंधी चिंताओं, विशेष रूप से अमेरिकी शुल्क कार्रवाइयों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच बाजार की धारणा कमजोर रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और जोखिम वाली संपत्तियों में कमजोर रुख ने नकारात्मक रुझान को और बढ़ा दिया।''

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 1.74 प्रतिशत टूटा और मिडकैप सूचकांक 0.90 प्रतिशत नुकसान में रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,701.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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अमेरिकी टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित बिल पर बोला वित्त मंत्रालय, मुद्दे को पूरी सावधानी से कर रहे हैं डील

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह रूस से एनर्जी जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित अमेरिकी बिल से अवगत है और इस मुद्दे पर 'पूरी सावधानी' से डील कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि स्थिर ऊर्जा कीमतें और सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करना देश की ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं और देश ने अपना ध्यान "रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम 2025" नामक अमेरिकी विधेयक से जुड़े उभरते मुद्दों पर केंद्रित किया है।

जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा,"जिस प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक की आप बात कर रहे हैं। हम उससे अवगत हैं। हमने इन मुद्दों और इस विधेयक पर बहुत सावधानीपूर्वक ध्यान केंद्रित किया है।"

उन्होंने कहा, "इसके साथ ही, मैं आपको बताना चाहूंगा कि ऊर्जा स्रोतों के मुद्दे पर, आप हमारी स्थिति और दृष्टिकोण से भलीभांति परिचित हैं। ऊर्जा स्रोतों के संबंध में, हमने कई बार अपना रुख स्पष्ट किया है।"

जायसवाल ने कहा कि भारत चाहे किसी भी क्षेत्र से तेल खरीदे, "हम एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हैं।" उन्होंने बताया, "यह दो अनिवार्यताओं पर आधारित है - एक तो उपलब्ध या विकसित हो रही वैश्विक परिस्थितियां और दूसरा, हमारी 1.4 अरब आबादी को सस्ती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध कराने की अनिवार्यता।"

हाल ही में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच तेल और गैस के लिए देश की आयात नीति पूरी तरह से भारतीय उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

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सरकारी कंपनी भारत कोकिंग कोल का आईपीओ 30 मिनट में हुआ फुल सब्सक्राइब

भारत की सबसे बड़ी कोल प्रोडक्शन कंपनी कोल इंडिया की सहायक कंपनी (सब्सिडरी) भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का आईपीओ शुक्रवार को सब्सक्रिप्शन खुल गया। यह आईपीओ खुलने के केवल 30 मिनट के अंदर ही पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया।

देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी, बीसीसीएल का आईपीओ साल 2026 का पहला मेन बोर्ड आईपीओ है, जिसमें 1,071 करोड़ रुपए का ऑफर है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13 जनवरी तक खुला रहेगा।

ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाली विभिन्न वेबसाइट्स के मुताबिक, इस आईपीओ का अंतिम जीएमपी (ग्रे मार्केट प्रीमियम) 9.4 रुपए है (दोपहर 1:53 बजे तक)। जबकि इसका उच्चतम जीएमपी 16.25 रुपए है। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर करीब 32.4 रुपए के आसपास लिस्ट हो सकते हैं, जिससे निवेशकों को हर शेयर पर लगभग 40.87 प्रतिशत का मुनाफा होने की संभावना है।

शुक्रवार की शुरुआत में ही इस आईपीओ को 34.69 करोड़ शेयरों के मुकाबले 38.9 करोड़ शेयरों के लिए बोलियों के साथ 1.12 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया, जिसमें गैर-संस्थागत निवेशकों ने 1.99 गुना और खुदरा निवेशकों ने 1.5 गुना सब्सक्राइब किया।

यह आईपीओ पूरी तरह से कोल इंडिया द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसके पास बीसीसीएल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस आईपीओ प्राइस बैंड 21-23 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है, जिसके जरिए कंपनी का लक्ष्य 1,071 करोड़ रुपए जुटाना है।

आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपए जुटाए, जिन्हें 23 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 11,87,53,500 शेयर दिए गए। इस आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए, 35 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए और 15 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस आईपीओ में लिस्टिंग के समय अच्छा-खासा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि कंपनी की बाजार में स्थिति मजबूत है। यह भारत में कोकिंग कोयले की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी है और वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के कुल घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इसका 58.50 प्रतिशत हिस्सा था।

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रुपया 26 पैसे टूटकर 90.16 प्रति डॉलर पर बंद

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया शुक्रवार को 26 पैसे टूटकर 90.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार मजबूत अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में कमजोर धारणा भी रुपये पर दबाव डाल रही है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 89.88 प्रति डॉलर पर मजबूत खुला, लेकिन कारोबार के दौरान इसमें गिरावट आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.16 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 26 पैसे की गिरावट है। कारोबार के दौरान मुद्रा का मूल्य 89.88 और 90.25 के बीच रहा। रुपया बृहस्पतिवार को तीन पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.90 पर बंद हुआ था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, "रुपया 89.88 पर उच्च स्तर पर खुला, लेकिन शेयर बाजारों में फिर से गिरावट शुरू होने के कारण यह टूटकर 90.25 पर आ गया। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय का शुल्क पर फैसला आज आने वाला है और हम उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसका असर सोमवार को भारतीय शेयरों और रुपये पर पड़ सकता है।"

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