अर्थतंत्र

अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 876 अंक टूटा, निफ्टी 22,900 के नीचे और चीन का गोल्ड पर बढ़ा दांव!

निजी बैंकों के सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे निवेशकों को उत्साहित करने में विफल रहे। एचडीएफसी बैंक का शेयर दो प्रतिशत से अधिक टूट गया।

शेयर बाजार फिर धड़ाम
शेयर बाजार फिर धड़ाम  फोटोः सोशल मीडिया

निजी बैंकों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक रुख के चलते शेयर बाजार में दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स 876.37 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 22,888.95 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत टूटकर 73,852.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,020.73 अंक यानी 1.36 प्रतिशत तक टूटकर 73,708.54 अंक पर आ गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,888.95 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक 3.85 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक नुकसान में रहने वाले प्रमुख शेयर में शामिल रहे।

निजी बैंकों के सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे निवेशकों को उत्साहित करने में विफल रहे। एचडीएफसी बैंक का शेयर दो प्रतिशत से अधिक टूट गया।

दूसरी ओर, अदाणी पोर्ट्स, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन और मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

रुपया तीन पैसे टूटकर 94.92 प्रति डॉलर पर

रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे टूटकर 94.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपये पर दबाव रहा।

रुपये में सोमवार को आई गिरावट के साथ ही इसमें लगातार छह कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.75 के उच्चस्तर तक गया और 94.97 के निचले स्तर तक आया।

अंत में रुपया 94.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले तीन पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ 10 पैसे मजबूत होकर 94.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डॉलर की हाजिर मांग नियंत्रित करने के उपायों से रुपये को समर्थन मिला था। रुपये में 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान करीब दो प्रतिशत की मजबूती आई थी।

भारतीय शेयर बाजार में 8 नवंबर को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, चेक करें टाइमिंग

भारतीय शेयर बाजार में दीपावली के अवसर पर रखा जाने वाला विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र 8 नवंबर को दोपहर 2:20 से 3:30 तक आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी दोनों एक्सचेंज की ओर से सोमवार को दी गई।

एक्सचेंज की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि इसमें दोपहर 2:05 से 2:20 तक का 15 मिनट का प्री ओपन सत्र होगा।

इसके बाद दोपहर 2:20 से 3:30 तक का सामान्य ट्रेडिंग होगी। इसमें सीएएस के तहत आने वाली सिक्योरिटीज का क्लोजिंग टाइम दोपहर 3:15 है।

इस विशेष सत्र में कई सेगमेंट शामिल होंगे, जिनमें कैपिटल मार्केट (इक्विटी), इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स शामिल हैं। इस दौरान होने वाले सभी ट्रेड के लिए स्टैंडर्ड सेटलमेंट और मार्केट इंटीग्रिटी प्रोटोकॉल लागू रहेंगे। दीपावाली के दिन बाकी समय के लिए रेगुलर ट्रेडिंग बंद रहेगी और अगले ट्रेडिंग सत्र से कामकाज पूरी तरह से फिर से शुरू हो जाएगा।

हर साल दीपावली के अवसर पर नए संवत (हिंदू नवर्ष) की शुरुआत होती है। इस दौरान निवेश को शुभ माना जाता है, जिसके चलते एक्सचेंजों की ओर से एक घंटे से विशेष सत्र आयोजित किया जाता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहा जाता है।

बाजार के प्रतिभागी इसे एक शुभ अवसर मानते हैं, जिसका उपयोग वे नए निवेश करने, ब्लू-चिप शेयरों को खरीदने और आने वाले वर्ष में समृद्धि व आर्थिक विकास के लिए नए खाते खोलने के लिए करते हैं।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से होगा लागू, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: वाणिज्य सचिव

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, नियामकीय सहयोग को तेज करने और निवेश प्रवाह बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

समझौते के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि एफटीए केवल शुल्कों में कटौती तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे व्यापार, निवेश और आपूर्ति शृंखला एकीकरण को बढ़ावा देने वाली गहरी और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारियां विकसित करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा, "एफटीए का उद्देश्य गहरी आर्थिक साझेदारी तैयार करना है।"

वाणिज्य सचिव ने कहा कि ऐसे समझौते नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने और साझेदार देशों के बीच कारोबार सुगमता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

उन्होंने बताया कि भारत मजबूत और लचीली वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करने तथा भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की व्यापक रणनीति के तहत कई मुक्त व्यापार समझौतों पर काम कर रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा और सरकार आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता निवेश के क्षेत्र में भी बड़े अवसर खोलने वाला माना जा रहा है। एफटीए के जरिए कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप्स समेत विभिन्न क्षेत्रों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश का रास्ता खुल सकता है।

भारत के सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। सूचना प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाएं, निर्माण, पर्यटन और ऑडियो-विजुअल सेवाओं जैसे क्षेत्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी।

समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष वीजा कोटा की व्यवस्था की गई है। साथ ही भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने के अधिकारों का विस्तार किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए