
अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने जताई नाराजगी।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ तब तक खड़ी रहेगी, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता।
राहुल ने कहा, "इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।"
राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ तब तक खड़ी रहेगी, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कि सुबह चार बजे अंकिता भंडारी के माता-पिता को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक बैठे थे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की मांग थी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
राहुल गांधी ने इस बात का भी जिक्र किया कि वह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक दिन पहले अंकिता के माता-पिता से मिले थे।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल उठाने वालों को हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जिस जांच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले मां-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया। इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।"
उन्होंने कहा, ‘‘पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी। कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी—जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।’’
पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता पिता और कई कांग्रेस नेताओं को गुरुवार सुबह 4 बजे इंडिया गेट से हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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