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'अपने पुराने वादों का हिसाब दे मोदी सरकार', 100 दिन की कार्य योजना पर गहलोत का सवाल

अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा, 'हमारे देश के युवाओं को भावनात्मक मुद्दों से भ्रमित होने की बजाय राहुल गांधी की इन बातों, तथ्यों और चिंताओं को जान कर एवं सोच-समझकर ही अपने बेहतर भविष्य के लिए वोट करना चाहिए।'

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि वह अपने पुराने वादों का हिसाब दे। गहलोत के अनुसार जनता उसके 'जुमलों को भूली नहीं है।'

गहलोत ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'मोदी सरकार ने कल बैठक कर चुनाव होने से पूर्व ही अगली सरकार के 100 दिन की कार्य योजना एवं अगले 25 साल पर चर्चा कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास तो किया है, परन्तु पिछले दोनों चुनावों के घोषणा पत्रों की घोषणाओं की क्रियान्विति रिपोर्ट आज तक नहीं दी है।'

उन्होंने लिखा,' मोदी सरकार पहले अपने 2014 एवं 2019 के वादों का हिसाब दे क्योंकि 2014 में 100 दिन में विदेश से काला धन वापस लाने एवं 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष जैसे जुमलों को जनता अभी भूली नहीं है।'

वहीं गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान को शेयर करते हुए इसी मंच पर लिखा, 'हमारे देश के युवाओं को भावनात्मक मुद्दों से भ्रमित होने की बजाय राहुल गांधी की इन बातों, तथ्यों और चिंताओं को जान कर एवं सोच-समझकर ही अपने बेहतर भविष्य के लिए वोट करना चाहिए।'

राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत रोजगार देने की नहीं है। नए पद निकालना तो दूर वह केंद्र सरकार के खाली पड़े पदों पर भी कुंडली मार कर बैठे हैं।'

पीटीआई के इनपुट के साथ

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