
रविवार को दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के पास CAA और NRC के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा जामिया कैंपस में घुसकर छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बाद पूरे देश के बड़े विश्वविद्यालयों के छात्र इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जामिया के छात्रों के समर्थन में खड़े हो रहे हैं। AMU और JMI के छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बाद देश के कई बड़े लीडर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CAB और NRC के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के बाद जामिया के छात्रों के साथ की गई बर्बरता की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “CAB और NRC भारत पर फासीवादियों द्वारा फैलाए गए बड़े ध्रुवीकरण के हथियार हैं। इन गंदे हथियारों के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव शांतिपूर्ण, अहिंसक सत्याग्रह है। मैं उन सभी के साथ एकजुटता से खड़ा हूं जो CAB और NRC के खिलाफ शांति से विरोध कर रहे हैं।”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने छात्रों के साथ हुई बर्बरता को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार कायर है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “देश के विश्वविद्यालयों में घुस घुसकर विद्यार्थियों को पीटा जा रहा है। जिस समय सरकार को आगे बढ़कर लोगों की बात सुननी चाहिए, उस समय भाजपा सरकार उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में विद्यार्थियों और पत्रकारों पर दमन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है।”
उन्होंने कहा, “यह सरकर कायर है, जनता की आवाज़ से डरती है। इस देश के नौजवानों, उनके साहस और उनकी हिम्मत को अपनी खोखली तानाशाही से दबाना चाहती है। यह भारतीय युवा हैं, सुन लीजिए मोदी जी, यह दबेगा नहीं, इसकी आवाज़ आपको आज नहीं तो कल सुननी ही पड़ेगी।”
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा, “सुनिए मोदी जी, कहां पहुंचा दिया है देश को? देश के युवा के भविष्य को किस आग की भट्टी में झुलसा रहे हैं आप? देश की इस बेटी की बात सुनिए और सोचिए, “मैं अनुज्ञा हूं, मैं तो मुस्लिम भी नही हूं।”
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जामिया के छात्रों के साथ हुई बर्बरता की निंदा करते हुए कहा, “नए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में की गई हिंसा में पहले उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ व फिर जामिया यूनिवर्सिटी में तथा पूरे जामिया क्षेत्र में भी जो काफी बेकसूर छात्र व आमलोग शिकार हुए हैं यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है तथा पार्टी पीड़ितों के साथ है। ऐसे में उ.प्र. व केन्द्र सरकार को चाहिये कि वे इन वारदातों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराये और उनके मूल दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं चाहिये तथा पुलिस व प्रशासन को भी निष्पक्ष रूप में कार्य करना चाहिए। वरना यह आग पूरे देश में व खासकर शिक्षण संस्थानों में भी काफी बुरी तरह से फैल सकती है। साथ ही, सभी साम्प्रदायों से यह भी अपील है वे शान्ति-व्यवस्था को बनाये रखें।”
जामिया मिलिया इस्लामिया और एएमयू में विरोध पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैरुल हसन रिजवी ने कहा, “मैं प्रदर्शनकारियों से अपील करता हूं कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं किए जाने चाहिए। मैं पुलिस से भी अपील करता हूं कि वे कुछ संयम बरतें और स्थिति को शांति से नियंत्रित करें।”
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए