
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा में विपक्षी दलों ने रविवार को केंद्रीय बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
मान ने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कोई घोषणा की गई, न ही उद्योग जगत या करों में कोई राहत दी गई है।
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उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इस बजट में किसानों के लिए एमएसपी और युवाओं के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।”
मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस बजट में पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हमेशा की तरह, पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं। हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि राज्य के किसानों के लिए कोई राहत नहीं है और बजट में प्रदेश के युवाओं के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी।
बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बजट 2026-27 इस बात की पुष्टि करता है कि पंजाब को पूरी तरह से भुला दिया गया है। ‘अन्नदाता’ किसानों के लिए कोई राहत नहीं, हमारे युवाओं के लिए रोजगार की कोई रूपरेखा नहीं, उद्योग या शहरों के लिए कोई योजना नहीं। बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदली, “सुधार” जो कभी होते ही नहीं।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया।
हरियाणा में विपक्ष ने भी बजट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य को नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं, व्यापारिक तनाव, अमेरिकी शुल्क और निर्यात में मंदी के माहौल में पेश किया गया है।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बजट 2026 में हरियाणा का नामोनिशान नहीं है!”
उन्होंने कहा कि बजट में सिर्फ नाममात्र का जिक्र किया गया है।
सुरजेवाला ने हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी का जिक्र किया जिसके बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि यह देश भर के उन 15 पुरातात्विक स्थलों में से एक है जिन्हें जीवंत और सांस्कृतिक अनुभव वाले पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
कांग्रेस के रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा ‘एक बार फिर केंद्रीय बजट से गायब है’।
दीपेंद्र ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पिछले 12 वर्षों की तरह, हरियाणा एक बार फिर केंद्रीय बजट में खाली हाथ रह गया है। भाजपा की केंद्र सरकार हरियाणा के साथ इतना अन्याय क्यों कर रही है? जबकि हरियाणा देश में सबसे अधिक जीएसटी और टोल टैक्स राजस्व संग्रह करता है, बजट में उसका हिस्सा शून्य है!”
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