दुनिया

नेपाल में फिर राजनीतिक संकट के आसार, RSP ने पीएम प्रचंड की सरकार छोड़ने का किया ऐलान

पिछले महीने सत्तारूढ़ गठबंधन में दरार तब शुरू हुई जब एक कोर्ट द्वारा लामिछाने की नागरिकता अमान्य करार देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी संसद सदस्यता को अवैध घोषित कर दिया। कोर्ट के फैसले के समय लामिछाने उप प्रधानमंत्री और गृह मामलों के मंत्री भी थे।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

नेपाल के सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दरार तेज होने के बाद चौथी सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार से हटने का फैसला किया है, जिसके बाद जल्द ही पार्टी के सभी मंत्री सामूहिक रूप से पद से इस्तीफा दे दंगे। आरएसपी के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने इस फैसले के बाद कहा कि पार्टी नेताओं ने सरकार छोड़ने के लिए रविवार को एक बैठक की और कैबिनेट से बाहर निकलने का फैसला किया।

रबी लामिछाने ने कहा कि सभी मंत्री आज ही अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपेंगे। प्रचंड सरकार में आरएसपी श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय जैसे विभागों का नेतृत्व कर रहा था। इसके सांसद के पास स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी थी।

सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर दरार पिछले महीने तब शुरू हुई जब एक कोर्ट द्वारा लामिछाने की नागरिकता को "अमान्य" करार दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके सांसद पद को अमान्य करार दे दिया था। जिस समय अदालत ने फैसला सुनाया उस समय लामिछाने उप प्रधानमंत्री और गृह मामलों के मंत्री भी थे। पद से हटाए जाने के बाद लामिछाने ने खुद की बहाली की मांग को लेकर पीएम प्रचंड के साथ कई दौर की बैठक की थी और मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार छोड़ने की धमकी दी थी।

रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली आरएसपी ने नवंबर 2022 के आम चुनाव में एक वैकल्पिक शक्ति और लोगों की उम्मीद के रूप में उभरकर तूफान खड़ा कर दिया था। लेकिन हाल ही में, यह सत्ता के खेल और राजनीति में उलझ गई क्योंकि अधिकारी पासपोर्ट धोखाधड़ी के मामले में पूर्व गृह मंत्री लामिछाने की जांच कर रहे हैं। लामिछाने को एक ही समय में एक अमेरिकी और एक नेपाली पासपोर्ट का उपयोग करते पाया गया था। मामले की जांच चल रही है।

27 जनवरी को, नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने आरएसपी के अध्यक्ष रबी लामिछाने को उनके सांसद पद से यह कहते हुए हटा दिया कि संसदीय चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने जो नागरिकता प्रमाणपत्र पेश किया था, वह अमान्य था। उनका नागरिकता प्रमाणपत्र रद्द करने से उन्हें गृह मंत्री और पार्टी अध्यक्ष का पद भी गंवाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिकी नागरिक बनने के बाद लामिछाने ने नेपाली नागरिकता खो दी थी। हालांकि, उन्होंने नेपाली पासपोर्ट प्राप्त करने और निचले सदन का चुनाव लड़ने के लिए कानूनी रूप से समाप्त नागरिकता का इस्तेमाल किया।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • 'युवाओं से मिल रही चुनौतियों से मोदी सरकार चिंतित', मोहन भागवत के जेन-जी वाले बयान पर सपा का पलटवार

  • ,
  • बड़ी खबर LIVE: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ संसद में संग्राम, 'शाह सदन में आओ' के लगे नारे, दोनों सदन पूरे दिन के लिए स्थगित

  • ,
  • असम में बाढ़ का कहर जारी, अब तक 97 लोगों की मौत, 15 जिलों में 1.68 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 481 गांव डूबे

  • ,
  • 'Gen Z को RSS मोहन भागवत से किसी सर्टिफ़िकेट की जरूरत नहीं है', प्रियंका गांधी ने साधा निशाना

  • ,
  • कांग्रेस ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से मांगा जवाब, लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का दिया नोटिस