
अमेरिका के कई शहरों में रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। भारी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। जल्दी मतदान को प्रोत्साहन देने के लिए लुइसविले में 'नो किंग्स' रैलियां फिर से आयोजित की गईं।
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को लॉस एंजिलिस, डैलस और अमेरिका के कई अन्य प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन में शामिल हुए। ये प्रदर्शन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों के विरोध में देशभर में आयोजित किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, लुइसविले में जल्द मतदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'नो किंग्स' रैलियों का भी आयोजन किया गया।
शनिवार दोपहर सेंट मैथ्यूज के फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू पर आयोजित 'नो किंग्स' प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान केंटुकियाना रेजिंग ग्रैनीज और ग्रंपी ग्रैम्पीज समूहों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गाने गाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मेहर न्यूज के अनुसार, इसी बीच 'ट्रंप 2028' का झंडा लिए डोनाल्ड ट्रंप का एक समर्थक अकेले ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच से होकर गुजरा। उस समय ट्रंप-विरोधी प्रदर्शनकारी फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू के किनारे खड़े होकर विरोध कर रहे थे।
शनिवार दोपहर सेंट मैथ्यूज के फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू पर लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन 'नो किंग्स' अभियान के तहत आयोजित किया गया था। 'नो किंग्स' समूह ने शनिवार को पूरे अमेरिका के शहरों और समुदायों में रैलियां आयोजित कीं। इनका मकसद लोगों को मध्यावधि चुनावों में जल्दी मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
'नो किंग्स' समूह की योजना पूरे अमेरिका में तीन हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की है। 'नो किंग्स: वोट अर्ली' नाम से आयोजित इन कार्यक्रमों को 'गैर-पक्षपातपूर्ण' बताया गया। हालांकि, ये कार्यक्रम ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल से नाराज लोगों की ओर से पिछले लगभग दो वर्षों से किए जा रहे 'नो किंग्स' मार्च और प्रदर्शनों की ही एक कड़ी हैं।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए