
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया है। लंबी बीमारी से जूझ रहे 79 साल के परवेज मुशर्रफ ने दुबई के अमेरिकन अस्पताल में आखिरी सांस ली। परवेज मुशर्रफ के पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष और राष्ट्रपति रहते हुए भारत के पाकिस्तान से बेहद तल्ख रिश्ते रहे। करगिल युद्ध का तानाबाना बुनने वाले पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह ने अपनी जिंदगी में भारत के खिलाफ साजिशों को लेकर कई बड़े खुलासे किए।
साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद परवेज मुशर्रफ ने कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए थे। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद को लेकर मुशर्रफ ने कबूल किया था कि उनके शासन काल में पकिस्तान, जैश की मदद से कई बार भारत पर आतंकी हमले करवाया था।
पाकिस्तान के पत्रकार नदीम मलिक को दिए गए एक इंटरव्यू में मुशर्रफ ने बताया था कि जिस समय वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे, तब जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में कई बार बम धमाके करवाए थे। परवेज ने पकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर पकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के लिए आगे आता है तो यह बेहद अच्छी बात होगी। बकौल मुशर्रफ, “ मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है। इस आतंकी संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए”।
परवेज मुशर्रफ ने यह भी कहा था कि दिसंबर 2003 में रावलपिंडी के झांडा चिची में जैश के एक आत्मघाती हमलावर ने 2 बार उन पर हमला किया था, लेकिन खुशकिस्मती से वे दोनों बार बाल-बाल बच गए थे। उस हमले वाली बात का जिक्र करते हुए मुशर्रफ ने बताया था कि उनका काफिला एक पुल से गुजर रहा था तो हलावरों ने पुल में बम फिट किया हुआ था लेकिन खुशकिस्मती से जब तक उस बम का बटन दबा, तब तक उनकी गाड़ी पुल के पार निकल चुकी थी।
पत्रकार नदीम ने मुशर्रफ से पूछा कि आपके शासन काल में जैश की जानकारी होने के बावजूद आपने इसके खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लिया, तो इस पर परवेज कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां जैश का इस्तेमाल भारत में बम धमाके कराने के लिए कर रही थीं। इसी वजह से उनके खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्यवाई नहीं की गई। पत्रकार नदीम ने परवेज मुशर्रफ के इस इंटरव्यू की छोटी सी वीडियो क्लिप ट्विटर पर भी शेयर की थी।
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Published: 05 Feb 2023, 1:07 PM IST