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दुनिया की खबरें: ट्रंप की चेतावनी पर पेजेश्‍क‍ियन का जवाब, परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार नहीं छोड़ेंगे

पेजेश्‍क‍ियन ने 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे नेता की बिना किसी वजह या जायज आधार के हत्या कर दी गई।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

ईरान आतंकवादी नहीं है, बल्‍कि हम आतंकवाद और आक्रामकता का शिकार हैं। अपनी रक्षा-क्षमता को बढ़ाना ही आजादी बनाए रखने और हमलावरों की आक्रामकता को रोकने का एकमात्र तरीका है। तेहरान बातचीत को तैयार है, लेक‍िन धमक‍ियों की भाषा स्वीकार नहीं। यह बात ईरान के राष्‍ट्रपत‍ि मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र को संबोध‍ित करते हुए कही।

पेजेश्‍क‍ियन ने 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे नेता की बिना किसी वजह या जायज आधार के हत्या कर दी गई। जो हमले किए गए, उनमें स्कूलों, खेल के मैदानों और केंद्रों, अस्पतालों, यूनिवर्सिटियों, पुलों और देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। लामर्ड का स्पोर्ट्स हॉल ऐसी जगह थी, जहां बच्चे और युवा इकट्ठा होते थे और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेते थे। उस हमले में बेगुनाह लोगों को निशाना बनाया गया। ये हमले अमेरिकी और इजरायली हथियारों का इस्तेमाल करके किए गए। जो लोग खुद आतंकवादी हैं और आतंकवादियों को ट्रेनिंग देते हैं, वही हमें आतंकवादी बताते हैं, जबकि हम सिर्फ अपना बचाव कर रहे हैं।”

ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, पेजेश्‍क‍ियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई और दक्षिणी ईरान के मीनाब के उन स्कूली बच्चों की तस्वीरें दिखाईं, जो अमेरिका-इजरायल के आक्रमण में शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लामर्द में क्लस्टर बमों से ईरानी बच्चों पर बमबारी की।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है। उन्‍होंने घोषणा की कि ईरान कभी अपना बचाव करना बंद नहीं करेगा, न ही वह शांति प्राप्त करने के लिए बातचीत से पीछे हटेगा।

उन्होंने कहा क‍ि ईरान ने 200 वर्षों से किसी भी देश पर हमला या आक्रमण नहीं किया है, बल्कि दृढ़ता से अपनी रक्षा करता है। ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अपने अधिकार का त्याग नहीं करेगा।

पेजेश्‍क‍ियन ने कहा कि अमेरिका और उसके समर्थक ईरान के जलमार्गों को बंद करना चाहते हैं। उनका उपयोग वे अपने नापाक उद्देश्यों के लिए आपूर्ति लाइनों के रूप में करना चाहते हैं।

पाकिस्तान के हवाई हमलों में मारे गए 4 बेगुनाह अफगान: तालिबान

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों पर किए गए हवाई हमलों में चार आम नागरिक मारे गए।

मुजाहिद ने 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' हमलों की निंदा करते हुए एक्स पोस्ट में इन्हें सभी नियमों-सिद्धांतों का खुला उल्लंघन और 'आक्रामकता और अपराध' का स्पष्ट कृत्य बताया।

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा, "अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार लोगों को भरोसा दिलाती है कि पाकिस्तानी सैन्य शासन की आक्रामकता और हमलों की इन शर्मनाक हरकतों का एक निर्णायक रुख अपनाकर उचित जवाब दिया जाएगा। ऐसी खुली आक्रामकता और दमन को सही ठहराने की स्पष्ट कोशिश में, पाकिस्तानी सैन्य हलकों ने कल यह दावा फैलाया कि ड्रोन कथित तौर पर अफगानिस्तान से उनके इलाके में घुस आए थे।"

उन्होंने आगे कहा, "इसी तरह, उन्होंने एक बार फिर अफगान इलाके पर हवाई हमला किया, जो जाहिर तौर पर उनकी अपनी आंतरिक समस्याओं से निपटने में असमर्थता को सही ठहराने की कोशिश थी।"

मुजाहिद ने आगे चेतावनी दी कि ऐसी 'लापरवाह, गैरजिम्मेदाराना और शत्रुतापूर्ण हरकतें' निस्संदेह अफगान लोगों के गुस्से को भड़काएंगी और पाकिस्तानी सैन्य शासन के लिए इसके बुरे नतीजे होंगे।

हमले के बाद, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने अफगानिस्तान के प्रति इस्लामाबाद की लगातार आक्रामक नीति की आलोचना की और चेतावनी दी कि इसकी जद में अब खुद पाकिस्तान तक भी पहुंच रहे हैं।

करजई ने एक्स पोस्ट में कहा, "पाकिस्तान ने एक बार फिर हमारे प्यारे देश के कंधार, खोस्त और पक्तिया में बमबारी की। ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद उस नकारात्मक नीति को छोड़ने का इरादा नहीं रखता है, जिसकी आग अब उसके अपने दरवाजे तक भी पहुंच गई है। पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि सभी अफगान, बिना किसी भेदभाव के, पाकिस्तान की इन आक्रामक हरकतों के खिलाफ एकजुट और दृढ़ हैं।"

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर बरसाए बम, करजई ने की निंदा

पाकिस्तान ने गुरुवार को एक बार फिर अफगानिस्तान के 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसकी तस्दीक खुद सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने की। उन्होंने इसे ड्रोन हमलों का जवाब करार दिया। इस हमले के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान की आलोचना की। दो टूक कहा कि इस आक्रामक नीति के खिलाफ सभी अफगानी एकजुट हैं।

उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "पाकिस्तान ने एक बार फिर हमारे प्यारे देश के कंधार, खोस्त और पक्तिया में बमबारी की। ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद अपनी उस नकारात्मक नीति को छोड़ने के मूड में नहीं है, जिसकी आग अब खुद उसके दरवाजे तक पहुंच चुकी है। पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि सभी अफगान, बिना किसी भेदभाव के, पाकिस्तान की इन आक्रामक हरकतों के खिलाफ एकजुट और दृढ़ता से खड़े हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं एक बार फिर पाकिस्तान सरकार से अपील करता हूं कि वह अफगानिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी वाले रिश्ते का रास्ता चुने और हमारे साथ अपने संबंधों को सभ्य बनाए।"

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आत्मरक्षा के अपने संप्रभु अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में उन 10 ठिकानों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए, जिनका इस्तेमाल इन ड्रोनों को लॉन्च करने और स्टोर करने के लिए किया जा रहा था।"

उन्होंने आगे कहा कि ये हमले "सोचे-समझे, सटीक, नपे-तुले और जरूरत के हिसाब से किए गए थे, और ये पूरी तरह से उन पहचाने गए सैन्य ठिकानों तक ही सीमित थे जिनका सीधा संबंध पाकिस्तान पर हमले की कोशिशों से था।"

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई ठिकानों पर हमला किया: सूचना मंत्री तरार

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान ने एक दिन पहले पड़ोसी देश से ड्रोन हमले किये जाने के प्रयास के जवाब में अफगानिस्तान में 10 स्थानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए हैं।

तरार ने कहा कि ये हमले ‘‘सुनियोजित, सटीक, संतुलित और सीमित’’ प्रकार के थे तथा इन्हें केवल उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया, जो पाकिस्तान पर ड्रोन हमले करने के प्रयास से सीधे तौर पर जुड़े थे।

उन्होंने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान ने आत्मरक्षा के अपने संप्रभु अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अफगानिस्तान में उन 10 स्थानों को निशाना बनाया, जिनका उपयोग ड्रोन के संचालन और भंडारण के लिए किया जा रहा था।

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इससे एक दिन पहले पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र में अफगानिस्तान से दाखिल हुए आठ ड्रोन को मार गिराया था।

तरार ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान की धरती से होने वाले किसी भी हमले को स्वीकार नहीं करेगा, चाहे वह आतंकवादी समूहों की ओर से हो या अफगान तालिबान शासन की ओर से। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन का तत्काल और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने अफगान तालिबान की ओर से किसी भी तरह के इनकार या जिम्मेदारी से बचने के प्रयास को खारिज करते हुए कहा कि इससे तथ्य नहीं बदलेंगे और पाकिस्तान को अपने क्षेत्र, लोगों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के अधिकार से नहीं रोका जा सकता।

तरार ने 23 सितंबर को अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान में ड्रोन भेजे जाने की घटना को पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ बताया।

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