
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि रूस ने देर रात किये गये ड्रोन और मिसाइल हमले में यूक्रेन के आठ क्षेत्रों को निशाना बनाया। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में तीन बच्चों समेत 24 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने 524 ड्रोन से हमले किये और 22 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं। उन्होंने बताया कि इस हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन के निप्रो शहर और उसके आसपास हुआ।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संयम रखने का अनुरोध किया था, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ। पिछले सप्ताह कई दिनों तक रूस ने यूक्रेन पर जबरदस्त हमले किए, जिसमें कीव की एक इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। इस घटना में 24 लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने रविवार को कहा कि यूक्रेन द्वारा रूस पर किये गये सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक में कम से कम चार लोग मारे गए और 12 से अधिक लोग घायल हो गये।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा था कि पिछले 24 घंटों में 1,000 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया था।
इस बीच यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने सोमवार को कहा कि देश ने अपना पहला ‘ग्लाइड बम’ विकसित कर लिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, ‘‘हमारी लंबी दूरी की मारक क्षमताएं स्थिति को काफी हद तक बदल रही हैं। रूस के युद्ध के प्रति दुनिया की धारणा को भी बदल रही हैं।’’
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संयुक्त अरब अमीरात के बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले की पाकिस्तान और जर्मनी समेत दुनिया के तमाम देशों ने कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने यूएई के ऊपर हुए इस हमले की निंदा करते हुए अपना समर्थन जताया और बातचीत के जरिए मामले का हल निकालने की अपील की।
वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की और ईरान से अमेरिका के साथ गंभीर बातचीत करने की सलाह दी।
पीएम शहबाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान संयुक्त अरब अमीरात में बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करता है। हम यूएई के नेतृत्व और भाईचारे वाले लोगों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हम सभी पार्टियों से ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की अपील करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "बातचीत और कूटनीति ही इलाके में लंबे समय तक शांति, स्थिरता और तनाव कम करने का एकमात्र सही रास्ता है।"
वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने एक्स पर लिखा, "हम संयुक्त अरब अमीरात और दूसरे साझेदारों के खिलाफ ईरान के नए एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करते हैं। न्यूक्लियर सुविधाओं पर हमले पूरे इलाके में लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हिंसा और नहीं बढ़नी चाहिए।"
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अल-कायदा से जुड़े संगठन अंसार अल-इस्लाम (एएआई) के दोबारा सक्रिय होने की आशंकाओं के बीच भारतीय खुफिया एजेंसियां उन पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यह संगठन 2021 में इराक में स्थापित हुआ था और शुरू में इसने धर्मनिरपेक्ष कुर्द गुटों और अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
इस संगठन का इराकी ढांचा काफी हद तक बिखर चुका है, लेकिन इसका बांग्लादेश स्थित विंग अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) फिर से सक्रिय होने के संकेत दे रहा है।
एक खुफिया ब्यूरो अधिकारी ने बताया कि फिलहाल एबीटी जमीनी स्तर पर बहुत सक्रिय नहीं है, और यह एक रणनीति के तहत जानबूझकर "लो-प्रोफाइल" बना हुआ है ताकि उस पर ध्यान कम जाए। हालांकि, संगठन की ऑनलाइन गतिविधियां काफी तेज हैं और वह भारतीयों को निशाने पर रख रिक्रूटमेंट की कोशिश कर रहा है।
अधिकारी के अनुसार एबीटी अपने पाकिस्तानी समकक्ष एएआई पाकिस्तान के साथ भी करीबी तालमेल में काम कर रहा है। दोनों संगठन मिलकर भर्ती गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें मुख्य फोकस भारत पर है। इन दोनों संगठनों का इतिहास हिंसक और कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एएआई पाकिस्तान की तुलना में एबीटी ज्यादा खतरनाक है। बांग्लादेश में कड़े दमन के बाद एबीटी की जमीन पर गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं, इसलिए यह अब ऑनलाइन गतिविधियों के जरिए सक्रिय है। भारत में इसकी भर्ती रणनीति इसी दिशा पर केंद्रित है।
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हंता वायरस प्रकोप की चपेट में आये जहाज को संक्रमणमुक्त करने के लिए नीदरलैंड के रॉटर्डम बंदरगाह लाया गया और इसके साथ ही परेशानी से भरी उस यात्रा का समापन हो गया जिसने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों को सकते में डाल दिया था।
चालक दल के 25 सदस्य और दो चिकित्साकर्मियों को लेकर ‘द एमवी होंडियस’ पोत सोमवार सुबह रॉटर्डम पहुंचा। हालांकि सभी यात्री पहले ही अन्य जगहों पर उतर चुके थे।
‘एसोसिएटेड प्रेस’ के एक संवाददाता ने मौके पर देखा कि जब एक ‘टगबोट’ (बड़े जहाज को खींचने के लिए इस्तेमाल होने वाली नौका) और नीदरलैंड पुलिस की नौका जहाज को बंदरगाह पर खींच रही थी तब डेक पर सवार लोगों ने मास्क पहन रखे थे।
प्राधिकारियों ने बताया कि चालक दल के सभी सदस्यों को तत्काल पृथकवास में रखा जाएगा। जहाज पर सवार तीन यात्रियों की हंटावायरस के प्रकोप से मौत हो गई, जिनमें नीदरलैंड निवासी एक दंपति भी शामिल है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि दक्षिण अमेरिका की यात्रा के दौरान यह दंपति सबसे पहले इस वायरस की चपेट में आया था।
‘एमवी होंडियस’ पिछले छह दिनों से कैनरी द्वीपसमूह से यात्रा करते हुए आगे बढ़ रहा था जहां शेष यात्रियों को पीपीई किट पहने कर्मचारियों की निगरानी में जहाज से उतारा गया और उन्हें पृथकवास के लिए 20 से अधिक देशों की उड़ानों में भेजा गया।
जहाज पर संक्रमण के कुल 12 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से नौ की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
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