
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत की संभावना को खारिज करते हुए प्रतीत हो रहे हैं।
उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के ‘‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’’ करने तक उसके साथ कोई समझौता नहीं होगा।
ट्रंप ने कहा, “उसके बाद, और एक महान एवं स्वीकार्य नेता के चयन के बाद, हम तथा हमारे कई अद्भुत और बहादुर सहयोगी एवं साझेदार ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक प्रयास करेंगे, और इसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर एवं मजबूत बनाएंगे।”
Published: undefined
इजराइल ने शुक्रवार को ईरान और लेबनान की राजधानियों पर हवाई हमले किये जबकि अमेरिका ने ईरान के युद्धपोतों के बेड़े के खिलाफ अपने निरंतर अभियान के तहत समुद्र में एक ईरानी ड्रोन वाहक पोत पर हमला किया।
ईरान ने पूरे सप्ताह चली बमबारी के बाद पश्चिम एशिया में फिर से जवाबी हमले शुरू कर दिये। इन हमलों के बारे में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि बमबारी ‘‘तेजी से बढ़ने वाली है’’।
इजराइल की सेना ने शुक्रवार की सुबह कहा कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान पर ‘‘बड़े पैमाने पर हवाई हमले’’ शुरू कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने इजराइली हवाई हमलों को बहुत तेज बताया, जिससे इलाके में स्थित कई आवासीय इमारतों में कंपन हुआ। अन्य लोगों ने ईरान के करमानशाह शहर के आसपास विस्फोटों की सूचना दी है।
इजराइली सेना ने कहा कि हमलों में ईरान के ज्यादातर हवाई रक्षा प्रणाली और मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं।
इस युद्ध से पश्चिम एशिया में स्थित विभिन्न देश प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार की सुबह ईरान ने कुवैत, कतर, सऊदी अरब और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। इसमें किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
इजराइल ने लेबनान में बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार की सुबह तक बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और अन्य क्षेत्रों में कई हवाई हमले किये।
अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इन हमलों के जरिये उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है।
इजराइल के अलावा, ईरान ने हमलों के जरिये अरब पड़ोसियों को भी निशाना बनाया है, जिससे तेल आपूर्ति बाधित हुई है और वैश्विक हवाई यात्राएं ठप हो गई हैं।
इन देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक लोग और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
Published: undefined
नेपाल में छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन और फिर सितंबर में के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद हुए पहले आम चुनाव में शुक्रवार को जारी मतगणना के रुझानों के अनुसार पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी जीत की ओर अग्रसर है।
चुनाव आयोग के अनुसार, अपराह्न दो बजे तक जिन 94 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना चल रही थी, उनमें से 70 में आरएसपी आगे चल रही है, जबकि नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी छह निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही हैं।
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा, “हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत ने “नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान संबंधी आपूर्ति प्रदान की है”।
Published: undefined
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बीते कुछ दिनों से हिंसक झड़प देखने को मिल रही है। अफगानिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने खुले जंग का ऐलान कर दिया। वहीं दोनों देशों में हिंसक झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में हुए नुकसान को लेकर बयान जारी किया है।
यूएन की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारियों के बीच हुई झड़पों की वजह से अफगानिस्तान के अंदर आम लोगों के मारे जाने की घटनाओं को वेरिफाई और रिकॉर्ड कर रहा है।
यूएन ने कहा कि 26 फरवरी की देर शाम से 5 मार्च तक संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने अफगानिस्तान में कुल 185 आम लोगों के मारे जाने की घटनाओं को सत्यापित और दर्ज किया। इनमें से 56 आम लोग मारे गए और 129 घायल हुए, जो अप्रत्यक्ष गोलीबारी और हवाई हमलों की वजह से हमले के शिकार हुए। इस दौरान दर्ज आंकड़ों में आम लोगों में से ज्यादातर (55 फीसदी) औरतें और बच्चे थे।
27 फरवरी को पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हवाई हमलों में 14 आम लोग (चार औरतें, दो लड़कियां, पांच लड़के और तीन आदमी) मारे गए और छह दूसरे (दो औरतें, एक लड़की, दो लड़के और एक आदमी) घायल हो गए। हाल ही में बॉर्डर पार हुई हथियारों की झड़पों में मारे गए आम लोगों की संख्या, यूएनए द्वारा 10-17 अक्टूबर 2025 के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार की दुश्मनी के दौरान हुई आम लोगों की मौतों की संख्या से ज्यादा है। उस समय 47 आम लोग मारे गए थे और 456 और घायल हुए थे।
यूएन ने बताया कि 2025 के आखिरी तीन महीनों में यूएनएएमए ने अफगानिस्तान में कम से कम 70 आम लोगों के मारे जाने और 478 लोगों के घायल होने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, 1 जनवरी से 22 फरवरी 2026 के बीच, नंगरहार प्रांत में हवाई हमलों और बॉर्डर पार से गोलाबारी में 13 आम लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हुए।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined