
बिकरू हत्याकांड के लगभग 22 महीने बाद गैंगस्टर विकास दुबे की मदद करने के आरोप में जेल में बंद तत्कालीन थाना प्रभारी विनय तिवारी और इंस्पेक्टर के.के. शर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस ने गुरुवार को कहा कि दोनों को विभागीय जांच में दोषी पाया गया है।
3 जुलाई, 2020 को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के घर पर छापा मारने गई पुलिस टीम पर उसके गुर्गो ने हमला किया था, जिसमें तत्कालीन बिल्हौर अंचल अधिकारी देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी।
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बाद में घटना के एक हफ्ते के अंदर ही विकास दुबे समेत छह अपराधी लगातार मुठभेड़ में मारे गए।
मामले की जांच में चौबेपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी विनय कुमार तिवारी व के.के. शर्मा विकास दुबे की मदद करते पाए गए। आरोप है कि उन्होंने विकास दुबे को पुलिस छापेमारी की सूचना पहले ही दे दी थी।
दोनों निलंबित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। दोनों की अलग-अलग विभागीय जांच शुरू की गई।
जांच अधिकारी अपर पुलिस आयुक्त आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई, जिस पर दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया है।
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