
बांग्लादेश में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को हिंसा रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर उपद्रवियों पर सीधे गोली चलाने की अनुमति भी दी गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अदालत का अहम फैसला आने वाला है, जिससे देश में हिंसा भड़कने की आशंका बढ़ गई है। इसी खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण अपना निर्णय सुनाने वाला है। इस फैसले से पहले अवामी लीग ने देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। दूसरी ओर, यूनुस सरकार ने पहले ही अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके कारण सरकार और पार्टी समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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न्यायाधिकरण शेख हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन के खिलाफ भी फैसला सुनाएगा। इन तीनों पर पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुई हिंसा के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप है। जबकि अवामी लीग इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताकर विरोध कर रही है और आम जनता से बंद में शामिल होने की अपील कर रही है।
फिलहाल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवानों को चार जिलों, जिसमें राजधानी ढाका भी शामिल है, में तैनात किया गया है। फैसले से पहले कुछ जगहों पर हिंसा, पथराव और देसी बम धमाकों की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं को फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है, इसलिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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