
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक दुकानों में जा घुसा, हादसे में 13 लोगों की मौत और करीब 40 घायल हुए हैं।
धान की बोरियों से लदा ट्रक पहाड़ी से उतरते समय अनियंत्रित हुआ। हादसे में कई दुकानें और दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
घायलों में दो पुलिसकर्मी और कुछ बच्चे भी शामिल हैं। करीब पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
नवरात्रि में बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद ट्रक मंदिर तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे उतरते समय बेकाबू होकर मंदिर के मुख्य गेट के पास बनी दुकानों में जा घुसा। हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी और कुछ बच्चे भी शामिल हैं। करीब पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा ग्वालियर जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। चीनोर की ओर से आ रहा ट्रक घाटी से नीचे उतरते समय अनियंत्रित हो गया और मंदिर के बाहरी गेट के आसपास बनी दुकानों में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और दोपहिया वाहन भी टूट गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। करीब पांच घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों के शव ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में रखे गए हैं।
एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में हादसे के बाद घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी का जिक्र किया। उसने कहा कि लोग अपने परिजनों को तलाश रहे थे और कुछ लोग ट्रक के नीचे फंसे हुए थे। स्थानीय निवासी ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की मांग की।
स्थानीय दुकानदार बबलू प्रजापति ने बताया कि हादसे में उनकी दुकान को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, घटना के समय दुकान पर उनके पिता और दो रिश्तेदार समेत चार लोग मौजूद थे। सभी घायल हुए हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि ट्रक तेज रफ्तार में नीचे आया, जिसके कारण दो से तीन दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं।
ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। ऐसे में जांच की जा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद ट्रक मंदिर के पास तक कैसे पहुंचा और उसे वहां प्रवेश की अनुमति किसने दी।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में संभावित लापरवाही और ट्रक की आवाजाही से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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