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चंद्रयान-2 से संपर्क की कोशिश में लगे ISRO पर गिरी मोदी सरकार की गाज, हजारों कर्मियों का कटा वेतन !

चंद्रयान-2 मिशन में आई खामी से दबाव के बावजूद फिर से मिशन को अंजाम तक पहुंचाने में जी जान से जुटे इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों सहित हजारों सीनियर कर्मचारियों को सरकार के आदेश पर वेतन में कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क करने की जीतोड़ कोशिशों में लगे इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर (ISRO) के वैज्ञानिकों समेत हजारों कर्मियों को बड़ा झटका लगा है। चंद्रयान-2 मिशन में आई खामी से दबाव के बावजूद फिर से मिशन को अंजाम तक पहुंचाने में जी जान से जुटे इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों सहित हजारों सीनियर कर्मचारियों की इंक्रीमेंट में कटौती हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार के उपसचिव एम रामदास के हस्ताक्षर से जारी एक कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय के निर्देश पर अंतरीक्ष विभाग के अंतर्गत आने वाले एसडी, एसई, एसएफ और एसजी ग्रेड के वैज्ञानिकों/इंजीनियरों को पांचवे वेतन आयोग के अनुसार मिलने वाले दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट्स को बंद कर दिया गया है। यह आदेश 1 जुलाई 2019 से लागू होगा। यह ज्ञापन जून 2019 में जारी किया गया था।

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सरकार के इस कदम को लेकर इसरो के कर्मियों में काफी निराशा है। ‘द क्विंट’ के अनुसार इसको देखते हुए स्पेस इंजीनियर्स एसोसिएशन (एसईए) के अध्यक्ष ए मणिरमन ने इसरो चेयरमैन के सिवन को 8 जुलाई को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था कि वह सरकार से अपना फैसला वापस लेने के लिए आग्रह करें। एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार सरकार के ताजा कदम से इसरो कर्मियों को हर महीने औसतन 10000 रुपये कम मिल रहे हैं।

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अपने पत्र में मणिरमन ने कहा है कि इसरो वैज्ञानिकों/इंजीनियरों को मिलने वाले इन इंक्रीमेंट्स को हटाने के पीछे सरकार ने छठे वेतन आयोग में किए गए संशोधित भुगतान का हवाला दिया है, लेकिन खुद वेतन आयोग ने 1996 के इन इंक्रीमेंट्स को जारी रखने की सिफारिश किया था। मणिरमन ने कहा कि 1996 के इंक्रीमेंट्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लागू किए गए थे, इसलिए प्रदर्शन के आधार पर हाल में लागू इंक्रीमेंट की तुलना 1996 के इंक्रीमेंट्स से नहीं की जा सकती।

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इस बीच चंद्रयान-2 को लेकर इसरो पर गर्व कर रहे सोशल मीडिया यूजर्स को भी इस खबर से झटका लगा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लगातार लोगों की कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोगों ने इसे देश के असली नायकों- इसरो वैज्ञैनिकों के साथ सरकार का क्रूर मजाक बताया है। कई लोगो ने इसे दोहरा रवैया करार दिया है।

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