
TMC ने सुवेंदु अधिकारी के भतीजे देबदीप अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
पंडाल के संकरे रास्तों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठे हैं।
मुख्यमंत्री ने जांच के लिए हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में SIT बनाने की घोषणा की है।
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने के बाद हादसे की वजहों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में आयोजक समिति के पदाधिकारियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भतीजे देबदीप अधिकारी की कथित भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि उन्हें गिरफ्तार कब किया जाएगा। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आयोजन समिति से जुड़े प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। हालांकि, देबदीप अधिकारी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है। जांच में भीड़ प्रबंधन, पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों तथा सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की पड़ताल की जाएगी। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि भारी बारिश और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हालात को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
यह हादसा शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 से 7:40 बजे के बीच उत्तरी कोलकाता के चोरबागान इलाके में हुआ। सप्तमी के मौके पर लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश के बीच भीड़ बढ़ने और संकरी जगह से निकलने की कोशिश में अफरातफरी मच गई। शुरुआती जानकारी में भीड़ के दबाव और पंडाल में हुई घोषणा को संभावित वजहों में शामिल किया गया है, लेकिन हादसे का सटीक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने इस मामले में आयोजक समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण, भीड़ नियंत्रण और निजी सुरक्षा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इससे पहले 14 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और कोलकाता के विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भतीजे देबदीप अधिकारी के संबंध हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर देबदीप आयोजन समिति से जुड़े हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। घोष ने कहा कि हादसे की जिम्मेदारी पूजा समिति और प्रशासन को लेनी चाहिए। उन्होंने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और एक अधिकारी (OSD) को पद से हटाने की भी मांग की।
कुणाल घोष ने बारिश को हादसे की वजह बताने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि बारिश कोई असामान्य घटना नहीं है और केवल मौसम को जिम्मेदार ठहराकर सुरक्षा व्यवस्था की संभावित खामियों से ध्यान नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समिति में बीजेपी से जुड़े प्रभावशाली लोग हैं और उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप TMC की ओर से लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।
TMC के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उनके भतीजे को गिरफ्तार कब किया जाएगा। उन्होंने पूजा पंडाल की व्यवस्था से बीजेपी की उत्तर कोलकाता इकाई के अध्यक्ष तमोघ्न घोष के कथित जुड़ाव का भी मुद्दा उठाया। अभिषेक ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
कुणाल घोष ने सोशल मीडिया मंच X पर पूजा समिति के कथित पूर्व महासचिव जयंत बनर्जी का एक पत्र साझा किया। उन्होंने दावा किया कि मई में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद पुरानी समिति के सदस्यों को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और नई समिति ने उनकी जगह ली। बताया गया कि 17 जुलाई के इस पत्र में जयंत बनर्जी ने अपने इस्तीफे के साथ सात अन्य सदस्यों के इस्तीफों का भी उल्लेख किया था। हालांकि, पत्र की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
चोरबागान क्षेत्र जोरासांको विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है। इस सीट से बीजेपी के विधायक विजय ओझा नई पूजा समिति के अध्यक्ष हैं। रविवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद ओझा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्हें पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों के संकरे होने की जानकारी थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
TMC के आरोपों पर बीजेपी प्रवक्ता और काशीपुर-बेलगछिया के विधायक रितेश तिवारी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि मुख्यमंत्री का कोई रिश्तेदार पूजा समिति से जुड़ा है या नहीं। उन्होंने सवाल किया कि किसी नेता का रिश्तेदार समिति से जुड़ा होने मात्र से उसे दोषी कैसे माना जा सकता है। बीजेपी विधायक सजल घोष ने भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले गलती तय करना जल्दबाजी होगी और किसी बात को छिपाने की कोशिश नहीं की जा रही है।