
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि 'लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में फंसे मजदूरों की तादाद के कारण उनके परिवहन के लिए बसों का इस्तेमाल कारगर नहीं होगा। उन्होंने पीएम से रेलवे मंत्रालय को प्रवासियों के लिए विशेष व्यवस्था करने की सलाह देने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी ने आज में एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संभावित सुधारों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक विस्तृत बैठक की, जो सशस्त्र बलों की छोटी और लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करेगा और कोरोना संकट की पृष्ठभूमि में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में भूमिका निभाएगा।
केंद्र सरकार के आदेश के बाद कर्नाटक सरकार ने लॉकडाउन अवधि के दौरान दूसरी जगह फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और छात्रों के अंतर-राज्य आवागमन के संबंध में नोडल अधिकारियों को नियुक्त कर दिया है। 11 विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने के लिए केंद्र सरकार से स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बसों से लाखों लोगों प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को लाना संभव नहीं है, जो अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। विशेष रूप से ऐसे लोगों को जो दूर के स्थानों में फंसे हैं। केंद्र सरकार से उनके लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने की अपील करता हूं।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 रिक्त सीटों के चुनाव को लेकर कल निर्वाचन आयोग की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल बी एस कोशियारी ने चुनाव आयोग से महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 रिक्त सीटों पर चुनाव घोषित करने का अनुरोध किया था। गौरतलब है कि एक दिन पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने उनकी विधान परिषद की सदस्यता पर फैसले में राजभवन द्वारा देरी किये जाने पर पीएम मोदी से फोन पर बात किया था।
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को अंडमान और निकोबार कमान का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह एकमात्र त्रि-सेवा परिचालन कमान है, जो मुख्य रूप से जल-थल दोनों स्तर के युद्ध पर केंद्रित है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे वर्तमान में सेना मुख्यालय में तैनात हैं।
एक अन्य आदेश में लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला को शिमला में सेना प्रशिक्षण कमान के नए प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में सेना मुख्यालय में तैनात हैं और बल के प्रशिक्षण पहलुओं की देखभाल के प्रभारी होंगे।
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में आज एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें प्लांट में स्टील पिघलने की जगह पर 120 टन गर्म तरल धातु जमीन पर गिरकर फैल गया। राहत की बात ये रही कि इस घटना में कोई भी श्रमिक घायल नहीं हुआ।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट की पृष्ठभूमि में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए खनन और कोयला क्षेत्रों में संभावित आर्थिक सुधारों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक विस्तृत बैठक की।
देश के पूर्व फुटबॉल कप्तान चुन्नी गोस्वामी का गुरुवार को कोलकाता में निधन हो गया। 82 साल के चुन्नी 1962 के एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान थे। बंगाल क्रिकेट टीम के तरफ से वो फर्स्ट क्लास क्रिकेट भी खेले। चुन्नी के परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी। वो काफी समय से बीमार चल रहे थे।
पंजाब में आज कोरोना के 105 नए मामले आए। अब राज्य में कुल संख्या 480 हो गई है। 104 लोग अब तक ठीक हुए हैं और 20 की मौत हुई है।
दिल्ली मेट्रो में तैनात सीआईएसएफ के एक जवान को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इससे पहले दो और जवान संक्रमित मिले थे जो कि एयरपोर्ट पर ड्यूटी करते थे।
लॉकडाउन से प्रभावित 8 वर्ग के लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने 350 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दी है। निर्माण से जुड़े मजदूरों को 1 हजार रुपये तीन महीने तक दिए जाएंगे। एक महीने की राहत दी जा चुकी है।
तमिनलाडु में आज कोरोना के 161 नए मरीज रिपोर्ट हुए जिनमें से 138 चेन्नै से हैं। राज्य में कुल संख्या 2323 हो गई है।
जम्मू और कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने जानकारी दी कि राज्य में कोविड 19 के 614 मामले हैं जिनमें से 390 मामले (कश्मीर में 384, जम्मू में 6) सक्रिय हैं। 8 मरीजों की बीमारी से मौत हो गई है जबकि 216 लोग ठीक हो गए हैं। 80 प्रतिशत COVID-19 मामले असिम्प्टोमैटिक हैं।
पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1823 नए केस रिपोर्ट हुए और 67 लोगों की मौत हुई। कुल केस बढ़कर 33610 हो गए हैं। अब तक 8373 लोग ठीक हुए हैं। कुल 1075 लोगों की मौत हुई है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कोविड 19 संक्रमण से मरने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, नागरिक कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के लिए 30 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि कल कसारगोड में एक पत्रकार के कोरोना पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद कसारगोड के जिला कलेक्टर डी सजीत बाबू, आईजी विजय सखरे और आईजी अशोक यादव ने खुद को क्वारंटीन कर लिया।
एसपी देविंदर सिंह केस में एनआईए ने तारिक अहमद मीर नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह आतंकियों को हथियार मुहैया करवाता था।
देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या के बीच गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने राहत भरी खबर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना मरीजों में रिकवरी रेट बढ़ा है। पिछले 24 घंटों में 630 संक्रमित लोग ठीक हुए हैं जिसके बाद देश में कुल रिकवरी रेट 25.1 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वहीं, भारत में अब तक महामारी से कुल 33050 लोग संक्रमित हैं जिसमें से एक्टिव कोरोना केस 23651 हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई है कि पीएम मोदी ने आज कोविड 19 महामारी के खिलाफ अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत में और अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने और स्थानीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एक व्यापक बैठक की।
अमृतसर डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि महाराष्ट्र में श्री हजूर साहिब से लौटे 23 श्रद्धालु कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनको गुरु नानक देव अस्पताल में रखा गया है।
मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर अभिनेता ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में परिवार और कुछ करीबी लोग शामिल हुए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, “देश में पिछले 24 घंटों में कोरना के 1780 नए केस सामने आए हैं। कुल कोरोना पॉजिटिव मामले 33050 हैं, जिसमें से एक्टिव कोरोना केस 23651 हैं। पिछले 24 घंटों में 630 लोग ठीक हुए हैं। अभी तक कुल 8324 ठीक हुए हैं। देश में कुल रिकवरी रेट 25.1 है।”
यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने प्रेस से बात करते हुए बताया, “हर कामगार को सुरक्षित प्रदेश वापिस लाने की व्यवस्था सरकार कर रही है। इसी संबंध में गृह सचिव अन्य राज्य की सरकारों से वार्ता कर रहे हैं। वापिस लाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने निवेदन किया है कि कोई पैदल यात्रा न करे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर प्रदेश सरकार संबंधित राज्य सरकारों से प्रवासी श्रमिकों के नाम, पते, टेलीफोन नंबर और स्वास्थ्य परीक्षण स्थिति की सूचि अगर प्राप्त कर लेती है तो उनको वापिस लाने की कार्य योजना को आगे बढ़ा दिया जाएगा।”
मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कारके लिए चंदनवाड़ी श्मशान ले जाया जा रहा है। आज सुबह शहर के एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में उनका निधन हो गया था।
ऋषि कपूर का आज मुंबई के मरीन लाइंस के चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निर्देशक राहुल रवैल, अमिताभ बच्चन और अयान मुखर्जी समेत कई हस्तियां श्मशान घाट पहुंच गई हैं।
असम के बोंगाईगांव जिले से चार और कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। असम में अब कोरोना मरीजों की संख्या 41 हो गई है। इसमें 29 डिस्चार्ज, 1 की मौत और अस्पताल में 11 सक्रिय मामले हैं।
राजस्थान में कोरोना के 118 नए मामले सामने आए हैं। इनमें जोधपुर से 83, जयपुर से 21, अजमेर से चार, चित्तौड़गढ़ से 3, कोटा और टोंक से दो-दो, अलवर, बारां और धौलपुर से एक-एक केस सामने आए हैं। तीन लोगों की मौत भी हो गई है। इसके साथ ही राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 2556 हो गई है। कुल 58 लोगों की अब तक राज्य में मौत हो चुकी है। अब तक 836 लोगों को इलाज के बात अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार कोटा (राजस्थान) से दिल्ली के छात्रों को जल्द घर वापस लाने के लिए व्यवस्था कर रही है।
हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में आज कोरोना वायरस के 18 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, इसके बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 329 हो गई है। 227 मरीज़ ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं। राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत हुई है।
लॉकडाउन के कारण जो प्रवासी श्रमिक, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र और अन्य व्यक्ति विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं, उन्हें स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में निर्धारित शर्तों के अनुसार मूव करने की अनुमति दी जाएगी
दिल्ली लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने गांव जाने को मजबूर हैं। एक मजदूर सरफराज ने बताया, “मैं गुड़गांव से आ रहा हूं और मेरठ जा रहा हूं। मैं कारपेंटर का काम करता हूं। मजदूरी करने वाले आदमी हैं इतना पैसा नहीं है, 40 दिन काट लिए बाकी दिन नहीं कटेंगे।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सरकारी चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान में कोरोना टेस्टिंग लेबोरेटरी का वर्चुअली उद्घाटन किया।
महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश बोर्डर पर प्रवासी मजूदरों को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मजदूर मुंबई-बड़वानी के बीच नेशनल हाईवे-3 पर फंसे हैं। सेंधवा के एसडीएम घनश्याम ढांगर ने कहा, “ये महाराष्ट्र से आए हैं और अपने गंतव्य स्थान पर जाने की मांग कर रहे हैं। ज्यादातर लोग यूपी के हैं कुछ राजस्थान के भी हैं। वरिष्ठ स्तर से निर्देश है कि इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाए फिर इन्हें छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे हैं।”
ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर दिल्ली के फ्रेंड्स कॉलोनी ईस्ट में रहती हैं। लॉकडाउन के चलते पिता के अंतिम दर्शन के लिए उन्होंने दिल्ली पुलिस से पास अर्जी लगाई थी। साउथ ईस्ट डीसीपी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उनको मुम्बई जाने का मूवमेंट पास जारी कर दिया है।
कर्नाटक के कलबुर्गी में कोरना लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। 7 मई 2020 तक जिले में धारा 144 लागू रहेगी।
कर्नाटक में 29 अप्रैल को शाम 5 बजे से लेकर 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक कोरोन के 22 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। कोरोना मामलों की कुल संख्या बढ़कर 557 हो गई है, जिसमें 21 मौतें और 223 डिस्चार्ज शामिल हैं।
दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज साउथ ब्लॉक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेवाओं के प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के सचिवों के साथ एक बैठक की।
पंजाब के सब इंस्पेक्टर हरजीत सिंह चंडीगढ़ के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आज पटियाला में अपने घर पहुंचे। 12 अप्रैल को पटियाला सब्जी मंडी में कर्फ्यू लागू करवाते हुए एक हमले में उनका हाथ काट दिया गया था, अस्पताल में उनके हाथ को जोड़ दिया गया था।
अभिनेता अनुपम खेर ने ट्वीट कर कहा, “ऋषि कपूर से ज्यादा जिदादिल, बेबाक,जोर जोर से ठहाके लगाने वाला, एक बच्चे जैसी जिज्ञासा रखने वाला मैंने अपनी जिदगी में कभी नहीं देखा। भगवान ने उनका सांचा बनाकर तोड़ दिया था। दुख इतना गहरा है, आंसू निकल ही नहीं रहे। न्यू यॉर्क में उनके साथ आखिरी वीडियो। आप हमेशा रहोगे। हैलो, हैलो, नमस्ते।”
पीएम मोदी ने भी ऋषि कपूर के निधन पर ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने लिखा, “बहुआयामी, प्रिय और जीवंत। ये ऋषि कपूर जी थे। वो प्रतिभा के पावर हाउस थे। मैं हमेशा सोशल मीडिया पर अपनी बातचीत को याद करूंगा। वो फिल्मों और भारत की प्रगति के बारे में भावुक थे। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।”
मुंबई के मरीन लाइंस में अभिनेता ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार होगा। बताया जा रहा है कि बेहद करीबी 15 लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी गई है।
अभिनेता ऋषि कपूर के निधन पर आमिर खान ने ट्वीट कर कहा, “हमारी जिंदगी में जो खुशी लाए उसके लिए शुक्रिया।”
आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटे कोरोना वायरस के 71 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,403 है, जिसमें 1,051 सक्रिय मामले। अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। 321 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। पिछले 24 घंटों में कोई मौत नहीं हुई है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, “दिल्ली में अभी 100 कंटोनमेंट जोन हैं। किसी क्षेत्र में 3 केस भी आते हैं तो हम उसको कंटेनमेंट जोन बना देते हैं। काफी क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें काफी दिन से कोई केस नहीं आया है तो अब हम इनको ग्रीन, ऑरेंज और रेड में बांटेंगे।”
सत्येंद्र जैन ने कहा, “हम राज्यों के साथ संपर्क में हैं। गाइडलाइंस बिल्कुल साफ हैं, जिस राज्य में प्रवासी मजदूर हैं उस राज्य को मजदूरों के जाने से पहले उनकी मेडिकल स्कैनिंग करनी है। ले जाने का प्रबंध उस राज्य को करना है जिस राज्य के वो लोग हैं।”
हिमाचल प्रदेश के मनाली में हिमस्खलन की वजह से ब्लॉक हुई मनाली-कीलोंग रोड को साफ करने का काम चल रहा है।
अभिनेता मनोज वाजपेयी ने ऋषि कपूर निधन पर ट्वीट कर कहा, “अभी हमारे दोस्त इरफान के लिए श्रद्धांजलि लिख भी नहीं पाया था और ऋषि कपूर जी के जाने की खबर आई। इस खबर ने मुझे झकझोर दिया है। यह सही नहीं है। यह बहुत ज्यादा है। श्रद्धांजलि ऋषि कपूर जी।”
दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी से जुड़े चार और व्यापारियों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। सब्जी मंडी में अब तक कुल 15 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। आजादपुर मंडी अधिकारी के अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है।
सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “अभिनेता ऋषि कपूर का आकस्मिक निधन चौंकाने वाला है। वह न केवल एक महान अभिनेता थे बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना।”
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “भारतीय सिनेमा के लिए यह एक भयानक सप्ताह रहा, जिसमें एक और मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है। एक अद्भुत अभिनेता, पीढ़ी दर पीढ़ी एक विशाल प्रशंसक के साथ, उन्हें बहुत याद किया जाएगा। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना।”
अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है। मुंबई के अस्पताल में ली उन्होंने आखिरी सांस ली है। अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर बताया कि दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है। अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर लिखा, “ऋषि कपूर नहीं रहे, अभी उनका निधन हुआ। मैं टूट गया हूं।”
कपूर फैमिली से रणधीर कपूर ने ऋषि कपूर के निधन की खबर की पुष्टि की है। ऋषि कपूर को बुधवार उनके परिवार ने एचएन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके भाई रणधीर ने बताया था कि उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी।
राहुल गांधी - सबसे पहले स्केल, समस्या की विशालता और इसके मूल में वित्तीय व्यवस्था समस्या है। असमानता और असमानता की प्रकृति। जाति की समस्या, क्योंकि भारतीय समाज जिस व्यवस्था वाला है वह अमेरिकी समाज से एकदम अलग है।
राहुल गांधी - भारत को जो विचार पीछे छकेल रहे हैं वह समाज में गहरे पैठ बनाए हुए हैं और छिपे हुए हैं। ऐसे में मुझे लगता है कि बहुत सारे सामाजिक बदलाव की भारत को जरूरत है, और यह समस्या हर राज्य में अलग है। तमिलनाडु की राजनीति, वहां की संस्कृति, वहां की भाषा, वहां के लोगों की सोच यूपी वालों से एकदम अलग है। ऐसे में आपको इसके आसपास ही व्यवस्थाएं विकसित करनी होंगी। पूरे भारत के लिए एक ही फार्मूला काम नहीं करेगा, काम नहीं कर सकता।
इसके आलाव, हमारी सरकार अमेरिका से एकदम अलग है, हमारी शासन पद्धति में. हमारे प्रशासन में नियंत्रण की एक सोच है। एक उत्पादक के मुकाबले हमारे पास एक डीएम है। हम सिर्फ नियंत्रण के बारे में सोचते हैं, लोग कहते हैं कि अंग्रेजो के जमाने से ऐसा है। मेरा ऐसा मानना नहीं है। मेरा मानना है कि यह अंग्रेजों से भी पहले की व्यवस्था है।
भारत में शासन का तरीका हमेशा से नियंत्रण का रहा है और मुझे लगता है कि आज हमारे सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है। कोरोना बीमारी को हम नियंत्रित नहीं कर पा रहे, इसलिए जैसा कि आपने कहा, इसे रोकना होगा।
एक और चीज है जो मुझे परेशान करती है, वह है असमानता। भारत में बीते कई दशकों से ऐसा है। जैसी असमानता भारत में है, अमेरिका में नहीं दिखेगी। तो मैं जब भी सोचता हूं तो यही सोचता हूं कि असमानता कैसे कम हो क्योंकि जब कोई सिस्टम अपने हाई प्वाइंट पर पहुंच जाता है तो वह काम करना बंद कर देता है। आपको गांधी जी का यह वाक्य याद होगा कि कतार के आखिर में जाओ और देखो कि वहां क्या हो रहा है। एक नेता के लिए यह बहुत बड़ी सीख है, इसका इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन मुझे लगता है कि यहीं से काफी चीजें निकलेंगी।
असमानता से कैसे निपटें आपकी नजर में। कोरोना संकट में भी यह दिख रही है. यानी जिस तरह से भारत गरीबों के साथ व्यवहार कर रहा है, किस तरह हम अपने लोगों के साथ रवैया अपना रहे हैं. प्रवासी बनाम संपन्न की बात है, दो अलग-अलग विचार हैं। दो अलग-अलग भारत हैं। आप इन दोनों को एक साथ कैसे जोड़ेंगे।
रघुराम राजन - देखिए आप पिरामिड की तली को जानते हैं। हम गरीबों के जीवन को बेहतर करने के कुछ तरीके जानते हैं, लेकिन हमें एहतियात से सोचना होगा जिससे हम हर किसी तक पहुंच सकें। मेरा मानना है कि कई सरकारों ने भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर नौकरियों के लिए काम किया है। लेकिन चुनौतियों के बारे में मुझे लगता है कि प्रशासनिक चुनौतियां है सब तक पहुंचने में। लेकिन मेरी नजर में बड़ी चुनौती निम्न मध्य वर्ग से लेकर मध्य वर्ग तक है। उनकी जरूरतें हैं, नौकरियां, अच्छी नौकरियां ताकि लोग सरकारी नौकरी पर आश्रित न रहें।
मेरा मानना है कि इस मोर्चे पर काम करने की जरूरत है और इसी के मद्देनजर अर्थव्यवस्था का विस्तार करना जरूरी है। हमने बीते कुछ सालों में हमारे आर्थिक विकास को गिरते हुए देखा है, बावजूद इसके कि हमारे पास युवा कामगारों की फौज है।
इसलिए मैं कहूंगा कि सिर्फ संभावनाओं पर न जाएं, बल्कि अवसर सृजित करें जो फले फूलें। अगर बीते सालों में कुछ गलतियां हुईं भी तो, यही रास्ता है आगे बढ़ने का। उस रास्ते के बारे में सोचें जिसमें हम कामयाबी से बढ़ते रहे हैं, सॉफ्टवेयर और ऑउटसोर्सिंग सेवाओं में आगे बढ़ें। कौन सोच सकता था कि ये सब भारत की ताकत बनेगा। लेकिन यह सब सामने आया है, और कुछ लोग तर्क देते हैं कि यह इसलिए सामने आया क्योंकि सरकार ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। मैं ऐसा नहीं मानता। लेकिन हमें किसी भी संभावना के बारे में विचार करना चाहिए, लोगों की उद्यमिता को मौका देना चाहिए।
राहुल गांधी - इसके अलावा आप एक तरफ विभाजन करते हो और जब भविष्य के बारे में सोचते हो तो पीछे मुड़कर इतिहास देखने लगते हो। आप जो कह रहे हैं मुझे सही लगता है कि भारत को एक नए विजन की जरूरत है। आपकी नजर में वह क्या विचार होना चाहिए। निश्चित रूप से आपने इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की बात की। ये सब बीते 30 साल से अलग या भिन्न कैसे होगा। वह कौन सा स्तंभ होगा जो अलग होगा?
रघुराम राजन - मुझे लगता है कि आपको पहले क्षमताएं विकसित करनी होंगी। इसके लिए बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। याद रखिए, जब हम इन क्षमताओं की बात करें तो इन पर अमल भी होना चाहिए।
लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि हमारे औद्योगिक और बाजार व्यवस्था कैसे हैं। आज भी हमारे यहां पुराने लाइसेंस राज जैसी ही व्यवस्था है। हमें सोचना होगा कि हम कैसे ऐसी व्यवस्था बनाएं जिसमें ढेर सारी अच्छी नौकरियां सृजित हों। ज्यादा स्वतंत्रता हो, ज्यादा विश्वास और भरोसा हो, लेकिन इसकी पुष्टि करना अच्छा विचार है।
राहुल गांधी - मैं यह देखकर हैरान हूं कि माहौल और भरोसा अर्थव्यवस्था के लिए कितना अहम है। कोरोना महासंकट के बीच जो चीज मैं देख रहा हूं वह यह कि विश्वास का मुद्दा असली समस्या है। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर आगे क्या होने वाला है। इससे एक डर है पूरे सिस्टम में। आप बेरोजगारी की बात कर लो, बहुत बड़ी समस्या है, बड़े स्तर पर बेरोजगारी है, जो अब और विशाल होने वाली है। बेरोजगारी के लिए हम आगे कैसे बढ़ें, जब इस संकट से मुक्ति मिलेगी तो अगले 2-3 महीने में बेरोजगारी से कैसे निपटेंगे।
रघुराम राजन - आंकड़े बहुत ही चिंतित करने वाले हैं। सीएमआईई के आंकड़े देखो तो पता चलता है कि कोरोना संकट के कारण करीब एक 10 करोड़ और लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 5 करोड़ लोगों की तो नौकरी जाएगी, करीब 6 करोड़ लोग श्रम बाजार से बाहर हो जाएंगे। आप किसी सर्वे पर सवाल उठा सकते हो, लेकिन हमारे सामने तो यही आंकड़े हैं। और यह आंकड़ें बहुत व्यापक हैं। इससे हमें सोचना चाहिए कि नापतोल कर हमें अर्थव्यवस्था खोलनी चाहिए, लेकिन जितना तेजी से हो सके, उतना तेजी से यह करना होगा जिससे लोगों को नौकरियां मिलना शुरु हों। हमारे पास सभी वर्गों की मदद की क्षमता नहीं है। हम तुलनात्मक तौर पर गरीब देश हैं, लोगों के पास ज्यादा बचत नहीं है।
लेकिन मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं। हमने अमेरिका में बहुत सारे उपाय देखें और जमीनी हकीकत के ध्यान में रखते हुए यूरोप ने भी ऐसे कदम उठाए। भारत सरकार के सामने एकदम अलग हकीकत है जिसका वह सामना कर रही है। आपकी नजर में पश्चिम के हालात और भारत की जमीनी हकीकत से निपटने में क्या अंतर है।
राहुल गांधी - लेकिन वैश्विक आर्थिक पद्धति में कुछ बहुत ही ज्यादा गड़बड़ तो हुई है। यह तो साफ है कि इससे काम नहीं चल रहा। क्या ऐसा कहना सही होगा?
रघुराम राजन - मुझे लगता है कि यह बिल्कुल सही है कि बहुत से लोगों के साथ यह काम नहीं कर रहा। विकसित देशों में दौलत और आमदनी का असमान वितरण निश्चित रूप से चिंता का कारण है। नौकरियों की अनिश्चितता, तथाकथित अनिश्चितता चिंता का दूसरा स्रोत है।आज यदि आपके पास कोई नौकरी है तो यह नहीं पता कि कल आपके पास आमदनी का जरिया होगा या नहीं।
हमने इस महामारी के दौर में देखा है कि बहुत से लोगों के पास कोई रोजगार ही नहीं है। उनकी आमदनी और सुरक्षा दोनों ही छिन गई हैं।
इसलिए आज की स्थिति सिर्फ विकास दर धीमी होने की समस्या नहीं है। हम सिर्फ बाजारों पर आश्रित नहीं रह सकते। हमे विकास करना होगा। हम नाकाफी वितरण की समस्या से भी दोचार हैं। जो भी विकास हुआ उसका फल लोगों को नहीं मिला। बहुत से लोग छूट गए। तो हमें इस सबके बारे में सोचना होगा। इसीलिए मुझे लगता है कि हमें वितरण व्यवस्था और वितरण अवसरों के बारे में सोचना होगा।
राहुल गांधी - यह दिलचस्प है जब आप कहते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लोग जुड़ते हैं और उन्हें अवसर मिलते हैं। लेकिन अगर विभाजनकारी बातें हों, नफरत हो जिससे लोग नहीं जुड़ते। यह भी तो एक तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर है। इस वक्त विभाजन का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, नफरता का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, और यह बड़ी समस्या है।
रघुराम राजन - सामाजिक समरसता से ही लोगों का फायदा होता है। लोगों को यह लगना आवश्यक है कि वे महसूस करें कि वे व्यवस्था का हिस्सा हैं। हम एक बंटा हुआ घर नहीं हो सकते। खासतौर से ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में। तो मैं कहना चाहूंगा कि हमारे पुरखों ने, राष्ट्र निर्माताओं ने जो संविधान लिखा और शुरु में जो शासन दिया, उन्हें नए सिरे से पढ़ने-सीखने की जरूरत है। लोगों को अब लगता है कि कुछ मुद्दे थे जिन्हें दरकिनार किया गया, लेकिन वे ऐसे मुद्दे थे जिन्हें छेड़ा जाता तो हमारा सारा समय एक-दूसरे से लड़ने में ही चला जाता।
राहुल गांधी - डॉ राजन कितना पैसा लगेगा गरीबों की मदद करने के लिए, सबसे गरीब को सीधे कैश पहुंचाने के लिए?
रघुराम राजन - तकरीबन 65,000 करोड़। हमारी जीडीपी 200 लाख करोड़ की है, इसमें से 65,000 करोड़ निकालना बहुत बड़ी रकम नहीं है। हम ऐसा कर सकते हैं। अगर इससे गरीबों की जान बचती है तो हमें यह जरूर करना चाहिए।
राहुल गांधी - अभी भारत एक कठिन परिस्थिति में है। लेकिन कोविड महामारी के बाद क्या भारत को कोई बड़ा रणनीतिक फायदा हो सकता है? क्या विश्व में कुछ ऐसा बदलाव होगा जिसका फायदा भारत उठा सकता है? आपके मुताबिक दुनिया किस तरह बदलेगी?
रघुराम राजन - इस तरह की स्थितियां मुश्किल से ही किसी देश के लिए अच्छे हालात लेकर आती हैं। फिर भी कुछ तरीके हैं जिनसे देश फायदा उठा सकते हैं। मेरा मानना है कि इस संकट से बाहर आने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को एकदम नए तरीके से सोचने की जरूरत है।
अगर भारत के लिए कोई मौका है, तो वह है हम संवाद कैसे करते हैं। इस संवाद में हम एक नेता से अधिक होकर सोचें क्योंकि यह दो विरोधी पार्टियों के बीच की बात तो है नहीं। लेकिन भारत इतना बड़ा देश तो है ही कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में हमारी बात अच्छे से सुनी जाए।
ऐसे हालात में भारत उद्योगों में अवसर तलाश सकता है, अपनी सप्लाई चेन में मौके तलाश सकता है। लेकिन सबसे अहम है कि हम संवाद को उस दिशा में मोड़ें जिसमें ज्यादा देश शामिल हों, बहु ध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था हो न कि द्वि ध्रुवीय व्यवस्था।
राहुल गांधी - क्या आपको नहीं लगता है कि केंद्रीकरण का संकट है। सत्ता का बेहद केंद्रीकरण हो गया है कि बातचीत ही लगभग बंद हो गई है। बातचीत और संवाद से कई समस्याओं का समाधान निकलता है। लेकिन कुछ कारणों से यह संवाद टूट रहा है।
रघुराम राजन - मेरा मानना है कि विकेंद्रीरण न सिर्फ स्थानीय सूचनाओं को सामने लाने के लिए जरूरी है बल्कि लोगों को सशक्त बनाने के लिए भी अहम है। पूरी दुनिया में इस समय यह स्थिति है कि फैसले कहीं और किए जा रहे हैं।
मेरे पास एक वोट तो है दूरदराज के किसी व्यक्ति को चुनने का। मेरी पंचायत हो सकती है, राज्य सरकार हो सकती है। लेकिन लोगों में यह भावना है कि किसी भी मामले में उनकी आवाज नहीं सुनी जाती। ऐसे में वे विभिन्न शक्तियों का शिकार बन जाते हैं।
मैं आपसे ही यही सवाल पूछूंगा। राजीव गांधी जी जिस पंचायती राज को लेकर आए उसका कितना प्रभाव पड़ा और कितना फायदेमंद साबित हुआ।
राहुल गांधी - देखिए अभी तो वायरस का असर है और कुछ समय बाद लोगों पर अर्थव्यवस्था का असर पडे़गा। यह ऐसा झटका होगा जो आने वाले दो-एक महीने में लगने वाला है। आप अगले 3-4 महीने में वायरस से लड़ाई और इसके प्रभाव के बीच कैसे संतुलन बना सकते हैं?
रघुराम राजन - आपको अभी इन दोनों पर सोचना होगा। आप प्रभाव सामने आने का इंतजार नहीं कर सकते। क्योंकि आप एक तरफ वायरस से लड़ रहे हैं दूसरी तरफ पूरा देश लॉकडाउन में है। निश्चित रूप से लोगों को भोजन मुहैया कराना है। घरों को निकल चुके प्रवासियों की स्थिति देखनी है, उन्हें शेल्टर चाहिए, मेडिकल सुविधाएं चाहिए। ये सब एक साथ करने की जरूरत है।
मुझे लगता है कि इसमें प्राथमिकताएं तय करनी होंगी। हमारी क्षमता और संसाधन दोनों सीमित हैं। हमारे वित्तीय संसाधन पश्चिम के मुकाबले बहुत सीमित हैं। हमें करना यह है कि हम तय करें कि हम वायरस से लड़ाई और अर्थव्यवस्था दोनों को एक साथ कैसे संभालें। अगर अभी हम खोल देते हैं तो यह ऐसा ही होगा कि बीमारी से बिस्तर से उठकर आ गए हैं।
सबसे पहले तो लोगों को स्वस्थ और जीवित रखना है। भोजन बहुत ही अहम इसके लिए। ऐसी जगहें हैं जहां पीडीएस पहुंचा ही नहीं है। अमर्त्य सेन, अभिजीत बनर्जी और मैंने इस विषय पर बात करते हुए अस्थाई राशन कार्ड की बात की थी। लेकिन आपको इस महामारी को एक असाधारण स्थिति के तौर पर देखना होगा।
किस चीज की जरूरत है उसके लिए हमें लीक से हटकर सोचना होगा। सभी बजटीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए फैसले करने होंगे। बहुत से संसाधन हमारे पास नहीं हैं।
राहुल गांधी - कृषि क्षेत्र और मजदूरों के बारे में आप क्या सोचते हैं। प्रवासी मजदूरों के बारे में क्या सोचते हैं। इनकी वित्तीय स्थिति के बारे में क्या किया जाना चाहिए?
रघुराम राजन - इस मामले में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ही रास्ता है इस समय। हम उन सभी व्यवस्थाओं के बारे में सोचें जिनसे हम गरीबों तक पैसा पहुंचाते हैं। विधवा पेंशन और मनरेगा में ही हम कई तरीके अपनाते हैं। हमें देखना होगा कि देखो ये वे लोग हैं जिनके पास रोजगार नहीं है, जिनके पास आजीविका चलाने का साधन नहीं है और अगले तीन-चार महीने जब तक यह संकट है, हम इनकी मदद करेंगे।
लेकिन, प्राथमिकताओं को देखें तो लोगों को जीवित रखना और उन्हें विरोध के लिए या फिर काम की तलाश में लॉकडाउन के बीच ही बाहर निकलने के लिए मजबूर न करना ही सबसे फायदेमंद होगा। हमें ऐसे रास्ते तलाशने होंगे जिससे हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पैसा भी पहुंचा पाएं और उन्हें पीडीएस के जरिए भोजन भी मुहैया करा पाएं।
कोरोना संकट के बीच RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर रहे हैं।
राहुल गांधी – कोरोन वायरस के दौर में लोगों के मन में बहुत सारे सवाल हैं कि क्या हो रहा है, क्या होने वाला है, खासतौर से अर्थव्यवस्था को लेकर। मैंने इन सवालों के जवाब के लिए एक रोचक तरीका सोचा कि आपसे इस बारे में बात की जाए ताकि मुझे भी और आम लोगों को भी मालूम हो सके कि आप इस सब पर क्या सोचते हैं।
रघुराम राजन – थैंक्स मुझसे बात करने के लिए और इस संवाद के लिए। मेरा मानना है कि इस महत्वपूर्ण समय में इस मुद्दे पर जितनी भी जानकारी मिल सकती है लेनी चाहिए और जितना संभव हो उसे लोगों तक पहुंचाना चाहिए।
राहुल गांधी – लेकिन इस पूरे प्रबंध में यह जानना बेहद जरूरी होगा कि कहां ज्यादा संक्रमण है। और इसके लिए टेस्टिंग ही एकमात्र जरिया है। इस वक्त भारत में यह भाव है कि हमारी टेस्टिंग क्षमता सीमित है। एक बड़े देश में अमेरिका और यूरोपीय देशों के मुकाबले हमारी टेस्टिंग क्षमता सीमित है। कम संख्या में टेस्ट होने को आप कैसे देखते हैं?
रघुराम राजन – अच्छा सवाल है यह। अमेरिकी की मिसाल लें। वहां एक दिन में डेढ़ लाख तक टेस्ट हो रहे हैं। लेकिन वहां विशेषज्ञों, खासतौर से संक्रमित रोगों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षमता को तीन गुना करने की जरूरत है यानी 5 लाख टेस्ट प्रतिदिन हों तभी आप अर्थव्यवस्था को खोलने के बारे में सोचें। कुछ तो 10 लाख तक टेस्ट करने की बात कर रहे हैं।
भारत की आबादी को देखते हुए हमें इसके चार गुना टेस्ट करने चाहिए। अगर आपको अमेरिका के लेवल पर पहुंचना है तो हमें 20 लाख टेस्ट रोज करने होंगे। लेकिन हम अभी सिर्फ 25-30 हजार टेस्ट ही कर पा रहे हैं।
देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे के भीतर देश में कोरोना वायरस 1718 नए केस सामने आए हैं। साथ ही 67 लोगों की मौत हो गई है। देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 33050 हो गई है। इनमें 23651 सक्रिय केस हैं। कोरोना से अब तक देश में 1074 लोगों की मौत हो चुकी है। 8325 लोगों को अस्पताल से इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
कोरोना संकट के बीच थोड़ी देर में RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे। उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है।
कर्नाटक में कलबुर्गी के उपायुक्त शरत बी ने कहा, “7 मई 2020 तक जिले में सीआरपीसी की धारा 144 लागू रहेगी। जो लोगों को आवश्यक सेवाओं प्रदान कर रहे हैं, उनकी आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है।”
गुजरात के राजकोट में फूलों की खेती करने वाले किसान लॉकडाउन में बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। फूल खेत में ही सड़ रहे हैं और किसानों को मजबूरन उन्हें तोड़कर फेंकना पड़ रहा है। फूलों की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि जब से लॉकडाउन हुआ है, हमारा धंधा एकदम बंद हो गया है। हर हफ्ते का 2,000-2,500 का दवाई, मजदूर का खर्चा है। 1 रुपये का फूल नहीं बिकता है। परिवार में खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। सरकार फूलों के किसान के लिए कुछ करे।
भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है। अमेरिका में 24 घंटे के भीतर 2502 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका में अभी तक कोरोना वायरस की चपेट में 10 लाख 38 हजार 45 लोग आ चुके हैं, जो किसी भी देश में सबसे अधिक हैं।
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Published: 30 Apr 2020, 8:13 AM IST