
महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों से ठीक पहले लाडकी बहिन योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसे डालने पर रोक लगा दी है। महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर राज्य सरकार को ‘लाडकी बहिन’ योजना के लिए जनवरी की राशि जारी करने से रोक दिया है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में चुनाव के लिए राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण ‘लाडकी बहिन योजना’ का नियमित या लंबित लाभ दिया जा सकता है, लेकिन जनवरी महीने का लाभ अग्रिम रूप में देने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने रोक लगाई है। 15 जनवरी को महाराष्ट्र में महानगरपालिका के चुनाव होने हैं।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने 14 जनवरी से पहले लाडकी बहनों के खातों में दिसंबर और जनवरी माह के तीन हजार रुपये जमा होने की खबरों पर मिली विभिन्न शिकायतों पर यह निर्णय लिया है। इन शिकायतों के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करने के लिए आयोग ने मुख्य सचिव को ‘लाडकी बहिन योजना' को लेकर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था।
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मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 नवंबर 2025 को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता से संबंधित आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले शुरू की गई विकास परियोजनाओं और योजनाओं को आचार संहिता की अवधि में जारी रखने की अनुमति है। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि योजना का नियमित लाभ दिया जा सकता है, लेकिन अग्रिम रूप में लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही, इस अवधि में नए लाभार्थियों का चयन भी नहीं किया जा सकेगा।
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बता दें कि लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र की महायुति सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का श्रेय दिया जाता है। पिछले हफ्ते बीजेपी नेता और राज्य के मंत्री गिरीज महाजन ने कहा था कि दिसंबर और जनवरी की किस्तों को मिलाकर 3000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की ओर से विशेष उपहार करार दिया था। महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले पैसे जारी करने की घोषणा पर विपक्षी दलों ने सवाल खडे किए थे।
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